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किसान के खेत में तालाब का पानी भरा
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मोरना में पानी में डूबी फसल को देखते किसान।
- फोटो : KHATAULI
किसान के खेत में तालाब का पानी भरा
मोरना। मोरना में तालाब की बांधनुमा मेढ़ टूटने से खेतों में खड़ी किसानों की फसलों में चार फुट तक पानी भर गया है। इस कारण धान, गन्ने ओर हरे चारे की फसल खराब होने लगी है। किसानों ने गांव प्रधान और लेखपाल पर तालाब की जानबूझकर सफाई नहीं कराए जाने का आरोप लगाया है। पीड़ित किसान परिवारों के समक्ष आजीविका चलाने को आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
गांव मोरना निवासी अमित, कुलदीप, निकुंश, अनूज, हेमंत, सुषमा, कमला, सन्नी आदि ने आरोप लगाया है कि गांव के निकट स्थित तालाब की सफाई नहीं होने से ओवरफ्लो हो गया। पानी के दबाव के चलते तालाब की मेढ़ टूटने से खेतों में चार फुट तक गंदा पानी भर गया है। गंदे पानी के कारण खेतों में खड़ी धान, गन्ने और हरे चारे की फसल में बीमारी आने से फसल खराब हो रही है। किसान परिवार में तालाब की टूटी मेढ़ से निकल रहे पानी को रोकने के लिए मिट्टी से भरे क्टटे लगाकर मशक्कत कर रहे हैं, लेकिन पानी नहीं रुक रहा है। तालाब की सफाई कराए जानेे को लेकर प्रधान और विकास खंड अधिकारी सहित लेखपाल को लिखित में शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। पीड़ित किसान परिवार की आजीविका खेती से चलते हैं। खेत में तैयार खड़ी फसलों की बर्बादी के चलते किसान के परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। भाजपा पदाधिकारी अरुण पाल, पप्पन, सुंदर, ओंकार, ईटंल, विजय, विकास, पवन, आदि ने उपजिलाधिकारी जानसठ से पीड़ित किसान परिवार की तालाब के गंदे पानी से खराब हो रही फसलों का मुआवजा दिलाए जाने की गुहार लगाई है।
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मोरना। मोरना में तालाब की बांधनुमा मेढ़ टूटने से खेतों में खड़ी किसानों की फसलों में चार फुट तक पानी भर गया है। इस कारण धान, गन्ने ओर हरे चारे की फसल खराब होने लगी है। किसानों ने गांव प्रधान और लेखपाल पर तालाब की जानबूझकर सफाई नहीं कराए जाने का आरोप लगाया है। पीड़ित किसान परिवारों के समक्ष आजीविका चलाने को आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
गांव मोरना निवासी अमित, कुलदीप, निकुंश, अनूज, हेमंत, सुषमा, कमला, सन्नी आदि ने आरोप लगाया है कि गांव के निकट स्थित तालाब की सफाई नहीं होने से ओवरफ्लो हो गया। पानी के दबाव के चलते तालाब की मेढ़ टूटने से खेतों में चार फुट तक गंदा पानी भर गया है। गंदे पानी के कारण खेतों में खड़ी धान, गन्ने और हरे चारे की फसल में बीमारी आने से फसल खराब हो रही है। किसान परिवार में तालाब की टूटी मेढ़ से निकल रहे पानी को रोकने के लिए मिट्टी से भरे क्टटे लगाकर मशक्कत कर रहे हैं, लेकिन पानी नहीं रुक रहा है। तालाब की सफाई कराए जानेे को लेकर प्रधान और विकास खंड अधिकारी सहित लेखपाल को लिखित में शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। पीड़ित किसान परिवार की आजीविका खेती से चलते हैं। खेत में तैयार खड़ी फसलों की बर्बादी के चलते किसान के परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। भाजपा पदाधिकारी अरुण पाल, पप्पन, सुंदर, ओंकार, ईटंल, विजय, विकास, पवन, आदि ने उपजिलाधिकारी जानसठ से पीड़ित किसान परिवार की तालाब के गंदे पानी से खराब हो रही फसलों का मुआवजा दिलाए जाने की गुहार लगाई है।
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