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सेवायोजन कार्यालय के लिपिक को बना दिया उपद्रव का आरोपी
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मुजफ्फरनगर में उपद्रव के आरोप में जेल भेजे गए सरकारी कर्मचारी फारुक( दाएं) एवं उसका बेटा सुवालेही
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
सेवायोजन कार्यालय के लिपिक को बना दिया उपद्रव का आरोपी
मुजफ्फरनगर। सीएए के विरोध में गत शुक्रवार को हुए उपद्रव में पुलिस ने पूरे दिन ड्यूटी पर कार्यालय में रहे जिला सेवायोजन कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक और उसके बेटे को भी आरोपी बना दिया। परिवार के लोग गिड़गिड़ाए, कलक्ट्रेट के कर्मचारियों ने भी अफसरों से मिलकर उसे बेगुनाह बताया।
शहर के जसवंतपुरी निवासी जिला सेवायोजन दफ्तर में तैनात वरिष्ठ लिपिक फारूख दिनभर अपने कार्यालय में रहा था। फारूख के भाई लियाकत ने बताया कि रात में 10 बजे पुलिस जब जसवंतपुरी के घरों में दबिश दे रही थी, तो आवाज सुनकर फारूख बाहर आ गया। आरोप है कि पुलिस ने घर में तोड़फोड़ की और फारूख व उसके बेटे सुवालेही को हिरासत में लेकर पुलिस लाईन भेज दिया। उसके मकान को भी खुला छोड़ दिया गया। उधर, फारूख और उसके बेटे की गिरफ्तारी को लेकर कलक्ट्रेट के कर्मचारी एडीएम और डीएम से मिले, लेकिन अफसरों ने हाथ खड़े कर दिए। इसी बीच सिविल लाईन पुलिस ने फारूख और उसके बेटे को उपद्रव करने, पुलिस पर हमला करने आदि आरोप में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। फारूख के भाई लियाकत का कहना है कि फारूख और उसके बेटे के खिलाफ एक भी सबूत पुलिस पेश कर दे तो हम उनकी जमानत नहीं कराएंगे।
ऑफिस में मौजूद था फारूक: शुक्ला
मुजफ्फरनगर। जिला सेवायोजन अधिकारी यूएन शुक्ला ने बताया कि शुक्रवार के दिन फारूख पूर्वाह्न 10 से शाम पांच बजे तक ऑफिस में रहा। हाजिरी रजिस्टर में उसकी हाजिरी भी है। उधर, सेवायोजन कार्यालय के लिपिक पदम त्यागी, अब्दुल मलिक, जितेंद्र कुमार, अकबर, दिलशाद ने डीआईजी के यहां शपथ पत्र देकर बताया कि फारूख ने शाम पांच बजे तक ऑफिस में काम किया। शहर में तनाव को देखते हुए सभी कर्मचारी छह बजे तक ऑफिस में ही रहे। इन शपथ पत्र के साथ फारूख की पत्नी अंजुम ने डीआईजी सहारनपुर को प्रार्थना पत्र भी दिया है।
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रिहाई की कार्रवाई करेंगे
मुजफ्फरनगर। डीएम सेल्वा कुमारी जे ने कहा कि जिला सेवायोजन कार्यालय ने लिखकर दिया है कि फारूख ऑफिस में था। इस मामले में पीड़ित परिवार का प्रार्थना पत्र आया है। मामले की जांच कराकर इनकी रिहाई की कार्रवाई करेंगे। एडीएम (प्रशासन) को इसकी जिम्मेदारी दी गई है।
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मुजफ्फरनगर। सीएए के विरोध में गत शुक्रवार को हुए उपद्रव में पुलिस ने पूरे दिन ड्यूटी पर कार्यालय में रहे जिला सेवायोजन कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक और उसके बेटे को भी आरोपी बना दिया। परिवार के लोग गिड़गिड़ाए, कलक्ट्रेट के कर्मचारियों ने भी अफसरों से मिलकर उसे बेगुनाह बताया।
शहर के जसवंतपुरी निवासी जिला सेवायोजन दफ्तर में तैनात वरिष्ठ लिपिक फारूख दिनभर अपने कार्यालय में रहा था। फारूख के भाई लियाकत ने बताया कि रात में 10 बजे पुलिस जब जसवंतपुरी के घरों में दबिश दे रही थी, तो आवाज सुनकर फारूख बाहर आ गया। आरोप है कि पुलिस ने घर में तोड़फोड़ की और फारूख व उसके बेटे सुवालेही को हिरासत में लेकर पुलिस लाईन भेज दिया। उसके मकान को भी खुला छोड़ दिया गया। उधर, फारूख और उसके बेटे की गिरफ्तारी को लेकर कलक्ट्रेट के कर्मचारी एडीएम और डीएम से मिले, लेकिन अफसरों ने हाथ खड़े कर दिए। इसी बीच सिविल लाईन पुलिस ने फारूख और उसके बेटे को उपद्रव करने, पुलिस पर हमला करने आदि आरोप में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। फारूख के भाई लियाकत का कहना है कि फारूख और उसके बेटे के खिलाफ एक भी सबूत पुलिस पेश कर दे तो हम उनकी जमानत नहीं कराएंगे।
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ऑफिस में मौजूद था फारूक: शुक्ला
मुजफ्फरनगर। जिला सेवायोजन अधिकारी यूएन शुक्ला ने बताया कि शुक्रवार के दिन फारूख पूर्वाह्न 10 से शाम पांच बजे तक ऑफिस में रहा। हाजिरी रजिस्टर में उसकी हाजिरी भी है। उधर, सेवायोजन कार्यालय के लिपिक पदम त्यागी, अब्दुल मलिक, जितेंद्र कुमार, अकबर, दिलशाद ने डीआईजी के यहां शपथ पत्र देकर बताया कि फारूख ने शाम पांच बजे तक ऑफिस में काम किया। शहर में तनाव को देखते हुए सभी कर्मचारी छह बजे तक ऑफिस में ही रहे। इन शपथ पत्र के साथ फारूख की पत्नी अंजुम ने डीआईजी सहारनपुर को प्रार्थना पत्र भी दिया है।
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रिहाई की कार्रवाई करेंगे
मुजफ्फरनगर। डीएम सेल्वा कुमारी जे ने कहा कि जिला सेवायोजन कार्यालय ने लिखकर दिया है कि फारूख ऑफिस में था। इस मामले में पीड़ित परिवार का प्रार्थना पत्र आया है। मामले की जांच कराकर इनकी रिहाई की कार्रवाई करेंगे। एडीएम (प्रशासन) को इसकी जिम्मेदारी दी गई है।