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किसान हत्याकांड में जांच पड़ताल में जुटी पुलिस
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जानसठ। गांव मीरापुर दलपत में किसान प्रवेश की हत्या के पीछे दो बीघा जमीन हड़पने का मामला सामने आ रहा है। पुलिस इस हत्याकांड के पीछे जमीन का कोर्ट में विवाद मान रही है। पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी है। पुलिस ने नामजद आठ आरोपियों को पकड़ने के लिए कई स्थानों पर ताबड़तोड़ दबिश दी। सीओ का दावा है कि शीघ्र ही आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया जाएगा।
जानसठ क्षेत्र गांव मीरापुर दलपत निवासी किसान प्रवेश पुत्र रामे बुधवार रात नलकूप पर खेतों में पानी में चलाने के लिए गया था। बृहस्पतिवार की सुबह परिजनों को नलकूप से थोड़ी दूरी पर खाली खेत में प्रवेश का हाथ व पैर बंधे हुए शव पड़ा मिला था। मृतक की पत्नी पिंकी ने गांव के ही रहने वाले इंद्रजीत सहित अशोक, भूपेंद्र, सचिन, अवनीश, अविनाश, पिंटू, सिद्धार्थ के विरुद्घ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पिंकी ने पुलिस को बताया था कि उसके पति प्रवेश ने तीन साल पूर्व दो लाख बीस हजार रुपए आरोपी इंद्रजीत से ब्याज पर लिए थे। इंद्रजीत अब उनसे ब्याज सहित साढ़े सात लाख रुपये मांग रहा था। पीड़िता का कहना था कि इंद्रजीत ने रुपए देने लिए दो बीघा जमीन की लिखापढ़ी भी कराई थी और रुपये लेने के लिए उनकी दो बीघा जमीन पर कब्जा भी कर लिया था। प्रवेश पुलिस अधिकारियों के यहां सुरक्षा की भी गुहार लगाता भी चला आ रहा था। उसने गांव की पुलिस चौकी प्रभारी आदित्य भाटी को भी शिकायती पत्र देकर हत्या की आशंका जताई थी। पुलिस ने इस मामले को हलके में लिया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस की लापरवाही की वजह से ही प्रवेश की हत्या कर दी गई। इंस्पेक्टर दीपक चतुर्वेदी ने कहा कि मामले के खुलासे के लिए चार टीमें गठित कर दी गई हैं। जमीन विवाद और पैसों के लेनदेन के बारे में जांच की जा रही है।
सीओ शकील अहमद के मुताबिक प्रवेश हत्याकांड के पीछे जमीन से संबंधित कोर्ट में दायर मामला भी हो सकता है। इसकी भी जांच पड़ताल कराई जा रही है। तहसील में भी मृतक किसान की जमीन से संबंधित विवाद की जांच कराई जाएगी। उधर, पुलिस ने बृहस्पतिवार की देर रात तक आरोपियों के कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश दी, इसके बावजूद आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सके।
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जानसठ क्षेत्र गांव मीरापुर दलपत निवासी किसान प्रवेश पुत्र रामे बुधवार रात नलकूप पर खेतों में पानी में चलाने के लिए गया था। बृहस्पतिवार की सुबह परिजनों को नलकूप से थोड़ी दूरी पर खाली खेत में प्रवेश का हाथ व पैर बंधे हुए शव पड़ा मिला था। मृतक की पत्नी पिंकी ने गांव के ही रहने वाले इंद्रजीत सहित अशोक, भूपेंद्र, सचिन, अवनीश, अविनाश, पिंटू, सिद्धार्थ के विरुद्घ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पिंकी ने पुलिस को बताया था कि उसके पति प्रवेश ने तीन साल पूर्व दो लाख बीस हजार रुपए आरोपी इंद्रजीत से ब्याज पर लिए थे। इंद्रजीत अब उनसे ब्याज सहित साढ़े सात लाख रुपये मांग रहा था। पीड़िता का कहना था कि इंद्रजीत ने रुपए देने लिए दो बीघा जमीन की लिखापढ़ी भी कराई थी और रुपये लेने के लिए उनकी दो बीघा जमीन पर कब्जा भी कर लिया था। प्रवेश पुलिस अधिकारियों के यहां सुरक्षा की भी गुहार लगाता भी चला आ रहा था। उसने गांव की पुलिस चौकी प्रभारी आदित्य भाटी को भी शिकायती पत्र देकर हत्या की आशंका जताई थी। पुलिस ने इस मामले को हलके में लिया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस की लापरवाही की वजह से ही प्रवेश की हत्या कर दी गई। इंस्पेक्टर दीपक चतुर्वेदी ने कहा कि मामले के खुलासे के लिए चार टीमें गठित कर दी गई हैं। जमीन विवाद और पैसों के लेनदेन के बारे में जांच की जा रही है।
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सीओ शकील अहमद के मुताबिक प्रवेश हत्याकांड के पीछे जमीन से संबंधित कोर्ट में दायर मामला भी हो सकता है। इसकी भी जांच पड़ताल कराई जा रही है। तहसील में भी मृतक किसान की जमीन से संबंधित विवाद की जांच कराई जाएगी। उधर, पुलिस ने बृहस्पतिवार की देर रात तक आरोपियों के कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश दी, इसके बावजूद आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सके।
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