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भागवत में सर्वोच्च जीवन जीने का दर्शन : स्वामी ओमानंद
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- भागवत कथा के शुभारंभ पर शुकतीर्थ संक्षित परिचय पुस्तक का विमोचन करते संत रमते राम महाराज।
शुकतीर्थ में कथा व्यास दिग्विजय राम की भागवत कथा का शुभारंभ
संवाद न्यूज एजेंसी
मोरना। भागवत पीठ शुकदेव आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद ने कहा कि किसी चीज को प्राप्त करना उतना कठिन नहीं है जितना प्राप्त वस्तु का सदुपयोग करना है। भागवत में सर्वोच्च जीवन जीने का दर्शन है।
पौराणिक शुकतीर्थ में कथा व्यास दिग्विजय राम की भव्य श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ विधि विधान से भागवत पीठ शुकदेव आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद ने किया। दीप प्रज्ज्वलन और पोथी पूजन के उपरांत स्वामी ओमानंद ने व्यास पीठ पर कथा व्यास दिग्विजय राम तथा संत रमते राम का अभिनंदन किया। आशीर्वचन में उन्होंने कहा कि वास्तव में वहीं लोग धन्य हैं, जो अपने तन, मन, धन, विद्या, वाणी, बुद्धि और समय का सदुपयोग लोक कल्याण के कार्यों में करते हैं। भागवत एक पारमार्थिक यज्ञ है। भागवत मोक्ष और जीवन दायिनी है। भागवत सर्वोच्च जीवन जीने का दर्शन और पाप कर्मों से विमुक्ति का साधन है। भागवत जीवन में परिवर्तन लाकर लोक-परलोक को सुधारती है। धर्म और अध्यात्म के क्षेत्र में भारत विश्व में सबसे महान है। भक्तिभाव और भजन कीर्तन के साथ श्रद्धालुओं ने प्रभु स्मरण किया। यजमान परिवार ने संतों का स्वागत किया।
शुकतीर्थ संक्षिप्त परिचय पुस्तक के नए अंक का विमोचन
मोरना। शुकदेव आश्रम से जुड़े स्वामी कल्याणदेव हेलिपैड परिसर में भागवत कथा ज्ञान के लिए भव्य पंडाल सजाया गया है। इसमें उमड़े भक्तों की करतल ध्वनि के बीच राजस्थान से पधारे संत रमता राम महाराज और कथा व्यास दिग्विजय राम ने शुकतीर्थ के इतिहास पर आधारित शुकतीर्थ संक्षिप्त परिचय पुस्तक के बारहवें संस्करण का विमोचन किया। उन्होंने शुकतीर्थ के महत्व को जन-जन तक लाने का श्रेय पीठाधीश्वर स्वामी ओमानन्द को दिया। शुकतीर्थ के जीर्णोद्वारक वीतराग स्वामी कल्याणदेव की पावन स्मृति को श्रद्धालुओं ने नमन किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोरना। भागवत पीठ शुकदेव आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद ने कहा कि किसी चीज को प्राप्त करना उतना कठिन नहीं है जितना प्राप्त वस्तु का सदुपयोग करना है। भागवत में सर्वोच्च जीवन जीने का दर्शन है।
पौराणिक शुकतीर्थ में कथा व्यास दिग्विजय राम की भव्य श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ विधि विधान से भागवत पीठ शुकदेव आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद ने किया। दीप प्रज्ज्वलन और पोथी पूजन के उपरांत स्वामी ओमानंद ने व्यास पीठ पर कथा व्यास दिग्विजय राम तथा संत रमते राम का अभिनंदन किया। आशीर्वचन में उन्होंने कहा कि वास्तव में वहीं लोग धन्य हैं, जो अपने तन, मन, धन, विद्या, वाणी, बुद्धि और समय का सदुपयोग लोक कल्याण के कार्यों में करते हैं। भागवत एक पारमार्थिक यज्ञ है। भागवत मोक्ष और जीवन दायिनी है। भागवत सर्वोच्च जीवन जीने का दर्शन और पाप कर्मों से विमुक्ति का साधन है। भागवत जीवन में परिवर्तन लाकर लोक-परलोक को सुधारती है। धर्म और अध्यात्म के क्षेत्र में भारत विश्व में सबसे महान है। भक्तिभाव और भजन कीर्तन के साथ श्रद्धालुओं ने प्रभु स्मरण किया। यजमान परिवार ने संतों का स्वागत किया।
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शुकतीर्थ संक्षिप्त परिचय पुस्तक के नए अंक का विमोचन
मोरना। शुकदेव आश्रम से जुड़े स्वामी कल्याणदेव हेलिपैड परिसर में भागवत कथा ज्ञान के लिए भव्य पंडाल सजाया गया है। इसमें उमड़े भक्तों की करतल ध्वनि के बीच राजस्थान से पधारे संत रमता राम महाराज और कथा व्यास दिग्विजय राम ने शुकतीर्थ के इतिहास पर आधारित शुकतीर्थ संक्षिप्त परिचय पुस्तक के बारहवें संस्करण का विमोचन किया। उन्होंने शुकतीर्थ के महत्व को जन-जन तक लाने का श्रेय पीठाधीश्वर स्वामी ओमानन्द को दिया। शुकतीर्थ के जीर्णोद्वारक वीतराग स्वामी कल्याणदेव की पावन स्मृति को श्रद्धालुओं ने नमन किया।

- भागवत कथा के शुभारंभ पर शुकतीर्थ संक्षित परिचय पुस्तक का विमोचन करते संत रमते राम महाराज।

- भागवत कथा के शुभारंभ पर शुकतीर्थ संक्षित परिचय पुस्तक का विमोचन करते संत रमते राम महाराज।
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