फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Peak borer has become a threat to sugarcane crop

चोटी बेधक बन गई गन्ने की फसल के लिए खतरा

Tue, 10 May 2022 12:15 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 10 May 2022 12:15 AM IST
विज्ञापन
Peak borer has become a threat to sugarcane crop
भौराकलां गांव में ईख की पत्ती पर लगी सूंडी - फोटो : MUZAFFARNAGAR
चोटी बेधक बन गई गन्ने की फसल के लिए खतरा
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। गन्ने की फसल के लिए चोटी बेधक बीमारी खतरा बन गई है। सूंड़ी पत्ती की निचली सतह पर नजर आ रही है और फसल को नुकसान पहुंचा रही है। खतौली चीनी मिल के अधिकारियों ने 10 गांव का दौरा कर किसानों को जागरूक किया। अधिकारियों ने बीमारी से ग्रस्त पत्तियों को खेतों निकालकर जलाने की सलाह दी।

त्रिवेणी चीनी मिल खतौली इकाई प्रमुख डॉ. अशोक कुमार और महाप्रबंधक गन्ना कुलदीप राठी ने सिसौली जोन की टीम के साथ खेतों का दौरा किया। खरड़, भौराकलां, गढ़ी नौआबाद, सिसौली, मुंडभर और भौरा खुर्द के खेतों में पहुंचकर किसानों के खेतों का निरीक्षण किया। सिसौली जोन के इंचार्ज विनोद मलिक ने बताया कि चोटी बेधक कीट के अंडे पत्तियों की निचली सतह पर दिखाई दे रहे हैं। रोगग्रस्त पत्तियों को किसान तोड़कर तुरंत नष्ट कर दें, ताकि बीमारी को बढ़ने से रोका जा सके। नियंत्रण के लिए पौधा गन्ने के खेत में पांच टंकी प्रति बीघा 150 मिली कोराजन का घोल बनाकर गन्ने के तने को तर करते हुए छिड़काव करें। पेड़ी फसल में फरटेरा का प्रयोग करें।
विज्ञापन

डॉ. अशोक कुमार का कहना है कि कीट नियंत्रण के लिए दवाई का समय, सही मात्रा और सही तरीका सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है।
इनसेट
खेत से गन्ना खत्म होने तक चलेगी मिल
मिल के वीसी डॉ. अशोक कुमार ने कहा कि किसान के खेत में गन्ना रहने तक मिल चलेगी। किसान एडवांस तोल के चक्कर में न पड़ें और धैर्य रखें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed