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मंत्रोच्चार के साथ साध्वी निर्मलानंद तीर्थ का पट्टाभिषेक
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोरना (मुजफ्फरनगर)। शुकतीर्थ स्थित गीता घाट आश्रम के वार्षिकोत्सव में शुक्रवार को मंत्रोच्चारण के बीच विधिविधान से साध्वी निर्मलानंद तीर्थ का पट्टाभिषेक किया गया। दिल्ली और हरिद्वार के साधु संतों की मौजूदगी में पट्टाभिषेक किया गया।
हरिद्वार से आए महामंडलेश्वर स्वामी विवेकानंद महाराज ने कहा कि गुरु के ब्रह्मलीन होने पर अनेक शिष्य उनके उत्तराधिकारी हो जाते है। महामंडलेश्वर साध्वी विद्या गिरी महाराज ने कहा कि साधु वही, जो साधना करना जानता हो। उपकार व सेवा करने से कोई बड़ा धर्म नहीं है। महामंडलेश्वर स्वामी दिव्यानंद महाराज ने कहा कि गुरु ही शिष्य को तराशते है। गुरु से ज्ञान का उदय होता है। समारोह को हनुमद्धाम के महामंडलेश्वर स्वामी केशवानंद महाराज, शनि धाम के बंशी पुरी महाराज, गीतानंद महाराज, कथा व्यास प्रपन्ना चार्य महाराज आदि ने भी संबोधित किया। इससे पहले हरिद्वार से आए पंडित निकुंज वशिष्ठ और आशीष मिश्रा ने श्री गुरुकृपा ध्यान केंद्र के अध्यक्ष स्वामी गीतानंद तीर्थ महाराज की उत्तराधिकारी शिष्या साध्वी निर्मलानंद तीर्थ का पट्टा अभिषेक कराया। दिल्ली से आई महामंडलेश्वर स्वामी विद्यागिरी महाराज ने सन्यास दीक्षा दी। कार्यक्रम में महेशानंद महाराज, साध्वी राजनंदेश्वरी महाराज, आनंद स्वरूपानंद महाराज, परमेश्वर महाराज, अजय कृष्ण शास्त्री, महेश पुरी, साध्वी सर्वेश महाराज, स्वामी गीतानंद महाराज, बाबा कृपाल दास महाराज, स्वामी वेददास महाराज, अशोकानंद महाराज, केडी शर्मा आदि मौजूद रहे।
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मोरना (मुजफ्फरनगर)। शुकतीर्थ स्थित गीता घाट आश्रम के वार्षिकोत्सव में शुक्रवार को मंत्रोच्चारण के बीच विधिविधान से साध्वी निर्मलानंद तीर्थ का पट्टाभिषेक किया गया। दिल्ली और हरिद्वार के साधु संतों की मौजूदगी में पट्टाभिषेक किया गया।
हरिद्वार से आए महामंडलेश्वर स्वामी विवेकानंद महाराज ने कहा कि गुरु के ब्रह्मलीन होने पर अनेक शिष्य उनके उत्तराधिकारी हो जाते है। महामंडलेश्वर साध्वी विद्या गिरी महाराज ने कहा कि साधु वही, जो साधना करना जानता हो। उपकार व सेवा करने से कोई बड़ा धर्म नहीं है। महामंडलेश्वर स्वामी दिव्यानंद महाराज ने कहा कि गुरु ही शिष्य को तराशते है। गुरु से ज्ञान का उदय होता है। समारोह को हनुमद्धाम के महामंडलेश्वर स्वामी केशवानंद महाराज, शनि धाम के बंशी पुरी महाराज, गीतानंद महाराज, कथा व्यास प्रपन्ना चार्य महाराज आदि ने भी संबोधित किया। इससे पहले हरिद्वार से आए पंडित निकुंज वशिष्ठ और आशीष मिश्रा ने श्री गुरुकृपा ध्यान केंद्र के अध्यक्ष स्वामी गीतानंद तीर्थ महाराज की उत्तराधिकारी शिष्या साध्वी निर्मलानंद तीर्थ का पट्टा अभिषेक कराया। दिल्ली से आई महामंडलेश्वर स्वामी विद्यागिरी महाराज ने सन्यास दीक्षा दी। कार्यक्रम में महेशानंद महाराज, साध्वी राजनंदेश्वरी महाराज, आनंद स्वरूपानंद महाराज, परमेश्वर महाराज, अजय कृष्ण शास्त्री, महेश पुरी, साध्वी सर्वेश महाराज, स्वामी गीतानंद महाराज, बाबा कृपाल दास महाराज, स्वामी वेददास महाराज, अशोकानंद महाराज, केडी शर्मा आदि मौजूद रहे।
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