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अस्पताल की ओपीडी में कम आ रहे मरीज
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जानसठ। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ओपीडी शुरू हुए दो सप्ताह का समय बीत चुका है, इसके बावजूद मरीजों की संख्या कम है। जहां ओपीडी में प्रतिदिन करीब दो हजार मरीज उपचार कराने के लिए आते थे, अब मात्र सौ मरीज ही आ रहे हैं।
प्रदेश सरकार ने कोरोना महामारी फैलने और कोरोना कर्फ्यू लागू होने से सरकारी अस्पतालों की ओपीडी बंद कर दी थी, जिसे चार जून को फिर शुरू किया गया है। सीएचसी में ओपीडी शुरू होने के दो सप्ताह बीत जाने पर भी मरीजों की संख्या कम है।
जानसठ सीएचसी प्रभारी डॉ. अशोक कुमार ने कहा कि कोरोना महामारी की वजह से अस्पताल में ओपीडी में उपचार कराने के लिए नहीं आ रहे हैं, कोरोना महामारी से लोग डरे हुए हैं। मरीज और तीमारदार नहीं चाहते हैं कि अस्पताल में भीड़ हो। उन्होंने कहा कि लोगों को समझाकर अस्पताल में उपचार कराने के लिए अपील की जा रही। इसके लिए गांवों में आशाओं, एएनएम को लगाया गया है।
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प्रदेश सरकार ने कोरोना महामारी फैलने और कोरोना कर्फ्यू लागू होने से सरकारी अस्पतालों की ओपीडी बंद कर दी थी, जिसे चार जून को फिर शुरू किया गया है। सीएचसी में ओपीडी शुरू होने के दो सप्ताह बीत जाने पर भी मरीजों की संख्या कम है।
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जानसठ सीएचसी प्रभारी डॉ. अशोक कुमार ने कहा कि कोरोना महामारी की वजह से अस्पताल में ओपीडी में उपचार कराने के लिए नहीं आ रहे हैं, कोरोना महामारी से लोग डरे हुए हैं। मरीज और तीमारदार नहीं चाहते हैं कि अस्पताल में भीड़ हो। उन्होंने कहा कि लोगों को समझाकर अस्पताल में उपचार कराने के लिए अपील की जा रही। इसके लिए गांवों में आशाओं, एएनएम को लगाया गया है।
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