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शिक्षा और संघर्ष से निकलेगा रास्ता: कश्यप
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जानसठ रोड पर कश्यप निषाद पार्टी के कार्यक्रम में अतिथि का स्वागत करेत लोग।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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शिक्षा और संघर्ष से निकलेगा रास्ता: नरेंद्र कश्यप
मुजफ्फरनगर। पूर्व सांसद नरेंद्र कश्यप ने कहा कि शिक्षित बनों और संघर्ष करो के आंबेडकर के नारे को अपनाए बिना समाज की तरक्की नहीं हो सकती। अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना होगा।
कश्यप निषाद संगठन के बैनरतले अलमासपुर चौराहे पर एक बैंक्वेट हॉल में आयोजित सम्मेलन में नरेंद्र कश्यप ने कहा कि आजादी के बाद देश तो आगे बढ़ा, लेकिन बहुत सी जातियां पिछड़ गई। कश्यप समाज भी इन्हीं में से एक है। इस समाज में पास न तो जमीनें है और न ही नौकरी है। सरकारों की नीति और नीयत हम लोगों को लेकर स्पष्ट नहीं रही। उन्होंने कहा कि शिक्षित बनो और संघर्ष करो का रास्ता अपनाना होगा। बिना शिक्षा के कोई समाज तरक्की नहीं कर सकता। राजनीति हर ताले की चाबी है, इस चाबी को प्राप्त करने के लिए अपना दिमाग खुला रखना होगा। अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और सचेत होना होगा। लोकतंत्र में बिना संघर्ष अधिकार नहीं मिलते हैं। समाज संघर्ष के लिए पूरी तरह तैयार रहे। संगठन के राष्ट्रीय महासचिव रामकुमार कश्यप ने कहा कि इस समय कश्यप समाज की सामाजिक और आर्थिक स्थिति अनुसूचित जाति के लोगों से भी बदतर है। राजनीतिक दल हमें केवल वोट का माध्यम बनाकर रखना चाहते हैं। हमारे सामाजिक, आर्थिक उत्थान की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। राजवीर कश्यप, इंद्रपाल कश्यप, हरेंद्र कश्यप, सुल्तान कश्यप, रामदास कश्यप, मोहन कश्यप, सोमपाल कश्यप, ओमपाल कश्यप, भूरा कश्यप, सुनील कश्यप, जेएस कश्यप, अनिल कश्यप, रमेश कश्यप आदि मौजूद रहे।
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मुजफ्फरनगर। पूर्व सांसद नरेंद्र कश्यप ने कहा कि शिक्षित बनों और संघर्ष करो के आंबेडकर के नारे को अपनाए बिना समाज की तरक्की नहीं हो सकती। अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना होगा।
कश्यप निषाद संगठन के बैनरतले अलमासपुर चौराहे पर एक बैंक्वेट हॉल में आयोजित सम्मेलन में नरेंद्र कश्यप ने कहा कि आजादी के बाद देश तो आगे बढ़ा, लेकिन बहुत सी जातियां पिछड़ गई। कश्यप समाज भी इन्हीं में से एक है। इस समाज में पास न तो जमीनें है और न ही नौकरी है। सरकारों की नीति और नीयत हम लोगों को लेकर स्पष्ट नहीं रही। उन्होंने कहा कि शिक्षित बनो और संघर्ष करो का रास्ता अपनाना होगा। बिना शिक्षा के कोई समाज तरक्की नहीं कर सकता। राजनीति हर ताले की चाबी है, इस चाबी को प्राप्त करने के लिए अपना दिमाग खुला रखना होगा। अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और सचेत होना होगा। लोकतंत्र में बिना संघर्ष अधिकार नहीं मिलते हैं। समाज संघर्ष के लिए पूरी तरह तैयार रहे। संगठन के राष्ट्रीय महासचिव रामकुमार कश्यप ने कहा कि इस समय कश्यप समाज की सामाजिक और आर्थिक स्थिति अनुसूचित जाति के लोगों से भी बदतर है। राजनीतिक दल हमें केवल वोट का माध्यम बनाकर रखना चाहते हैं। हमारे सामाजिक, आर्थिक उत्थान की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। राजवीर कश्यप, इंद्रपाल कश्यप, हरेंद्र कश्यप, सुल्तान कश्यप, रामदास कश्यप, मोहन कश्यप, सोमपाल कश्यप, ओमपाल कश्यप, भूरा कश्यप, सुनील कश्यप, जेएस कश्यप, अनिल कश्यप, रमेश कश्यप आदि मौजूद रहे।
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