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Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर - बासमती की खुशबू से महकी मंडी
Wed, 04 Oct 2023 01:14 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 04 Oct 2023 01:14 AM IST
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- सरकारी केंद्रों पर आवक ठंडी, सरकार ने 2183 रुपये घोषित किया, बाजार में 3271 बिक रहा धान
- नवीन मंडी स्थल पर प्रशासन ने तीन क्रय केंद्र बनाए हैं, एक अक्तूबर से शुरू हो चुकी है खरीद
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। एक तरफ धान के सरकारी क्रय केंद्र पड़े सूने हैं, दूसरी तरफ मंडी में व्यापारियों के यहां धान बेचने वाले किसानों की भीड़ लगने लगी है। सरकार ने धान का मूल्य 2183 रुपये क्विंटल घोषित किया। जबकि बाजार में किसानों का धान 3271 रुपये क्विंटल बिक रहा है। जिले के किसान बासमती धान का उत्पादन करते हैं, जिसका बाजार मूल्य अधिक रहता है।
धान खरीद के लिए नवीन मंडी स्थल पर प्रशासन ने तीन क्रय केंद्र बनाए हैं। एक अक्तूबर से धान की खरीद शुरू की गई है। सरकारी क्रय केंद्रों पर अभी तक यहां एक भी दाना धान का नहीं आया है। इसके विपरीत व्यापारियों के यहां किसानों की भीड़ लगी है। अनाज मंडी में चारों तरफ धान ही धान दिखाई दे रहा है। जिले के किसान बासमती धान की खेती करते है, जिसका बाजार मूल्य सरकारी मूल्य से अधिक रहता है। इस कारण किसान सरकारी क्रय केंद्रों पर धान की बिक्री नहीं करते हैं।
उपज बढि़या, सरकारी दाम कम
गांव काजीखेड़ा के किसान चांदवीर ने बासमती धान की 1509 प्रजाति की उपज की है। उन्होंने बताया कि उसका धान यहां 3275 रुपये क्विंटल बिका है। सरकारी रेट 2183 है, किसान घाटे में क्यों बेचेगा। धान की उपज अच्छी हुई है तीन से चार क्विंटल बीघा के बीच निकल रही है।
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बाजार में दाम अधिक मिल रहे
शाहपुर के किसान आदेश सैनी मंडी में धान बेचने पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनके यहां आठ बीघा धान है। उनके धान की बिक्री 3250 रुपये क्विंटल में हुई है। सरकारी रेट से ज्यादा बाजार में मिल रहा है।
धान माफिया कर रहे टैक्स चोरी
फोटो
नवीन मंडी के खाद्यान्न व्यापार संघ के अध्यक्ष जितेंद्र कुच्छल का कहना है कि मंडी में 50 प्रतिशत धान ही आ रहा है। हमारे जिले में बासमती धान की खेती होती है। मोटा धान एक प्रतिशत लोगों के पास ही होगा। बासमती धान को कुछ धान माफिया गांवों से सीधे खरीद रहे हैं और मंडी समिति के टैक्स को नुकसान पहुंचा रहे हैं। खेतों में किसानों से 2800 रुपये खरीद रहे हैं। धान बाजार में तीन हजार से 3275 तक बिक रहा है। ऐसे में कोई किसान 2183 के कम दामों में सरकार को क्यों देगा।
10 हजार हेक्टेयर में धान का उत्पादन
जिला कृषि अधिकारी एसके तिवारी ने बताया कि जिले में धान की खेती 10 हजार 200 हेक्टेयर में हो रही है। जिले के अधिकतम किसान बासमती धान का ही उत्पादन करते हैं।
जिले में बनाए गए नौ सरकारी क्रय केंद्र
प्रशासन ने जिले में धान खरीद के लिए नौ क्रय केंद्र बनाए हैं। खाद्य निगम ने नवीन मंडी स्थल, पुरकाजी, चरथावल, मोरना और जानसठ में केंद्र बनाया है। पीसीएफ ने नईमंडी, शेरपुर और रामराज में केंद्र बनाया है। खाद्य विभाग ने रामराज में केंद्र बनाया है। इन केंद्रों पर 31 जनवरी तक खरीद की जाएगी। किसानों को धान बेचने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने होंगे।
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- नवीन मंडी स्थल पर प्रशासन ने तीन क्रय केंद्र बनाए हैं, एक अक्तूबर से शुरू हो चुकी है खरीद
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। एक तरफ धान के सरकारी क्रय केंद्र पड़े सूने हैं, दूसरी तरफ मंडी में व्यापारियों के यहां धान बेचने वाले किसानों की भीड़ लगने लगी है। सरकार ने धान का मूल्य 2183 रुपये क्विंटल घोषित किया। जबकि बाजार में किसानों का धान 3271 रुपये क्विंटल बिक रहा है। जिले के किसान बासमती धान का उत्पादन करते हैं, जिसका बाजार मूल्य अधिक रहता है।
धान खरीद के लिए नवीन मंडी स्थल पर प्रशासन ने तीन क्रय केंद्र बनाए हैं। एक अक्तूबर से धान की खरीद शुरू की गई है। सरकारी क्रय केंद्रों पर अभी तक यहां एक भी दाना धान का नहीं आया है। इसके विपरीत व्यापारियों के यहां किसानों की भीड़ लगी है। अनाज मंडी में चारों तरफ धान ही धान दिखाई दे रहा है। जिले के किसान बासमती धान की खेती करते है, जिसका बाजार मूल्य सरकारी मूल्य से अधिक रहता है। इस कारण किसान सरकारी क्रय केंद्रों पर धान की बिक्री नहीं करते हैं।
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उपज बढि़या, सरकारी दाम कम
गांव काजीखेड़ा के किसान चांदवीर ने बासमती धान की 1509 प्रजाति की उपज की है। उन्होंने बताया कि उसका धान यहां 3275 रुपये क्विंटल बिका है। सरकारी रेट 2183 है, किसान घाटे में क्यों बेचेगा। धान की उपज अच्छी हुई है तीन से चार क्विंटल बीघा के बीच निकल रही है।
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बाजार में दाम अधिक मिल रहे
शाहपुर के किसान आदेश सैनी मंडी में धान बेचने पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनके यहां आठ बीघा धान है। उनके धान की बिक्री 3250 रुपये क्विंटल में हुई है। सरकारी रेट से ज्यादा बाजार में मिल रहा है।
धान माफिया कर रहे टैक्स चोरी
फोटो
नवीन मंडी के खाद्यान्न व्यापार संघ के अध्यक्ष जितेंद्र कुच्छल का कहना है कि मंडी में 50 प्रतिशत धान ही आ रहा है। हमारे जिले में बासमती धान की खेती होती है। मोटा धान एक प्रतिशत लोगों के पास ही होगा। बासमती धान को कुछ धान माफिया गांवों से सीधे खरीद रहे हैं और मंडी समिति के टैक्स को नुकसान पहुंचा रहे हैं। खेतों में किसानों से 2800 रुपये खरीद रहे हैं। धान बाजार में तीन हजार से 3275 तक बिक रहा है। ऐसे में कोई किसान 2183 के कम दामों में सरकार को क्यों देगा।
10 हजार हेक्टेयर में धान का उत्पादन
जिला कृषि अधिकारी एसके तिवारी ने बताया कि जिले में धान की खेती 10 हजार 200 हेक्टेयर में हो रही है। जिले के अधिकतम किसान बासमती धान का ही उत्पादन करते हैं।
जिले में बनाए गए नौ सरकारी क्रय केंद्र
प्रशासन ने जिले में धान खरीद के लिए नौ क्रय केंद्र बनाए हैं। खाद्य निगम ने नवीन मंडी स्थल, पुरकाजी, चरथावल, मोरना और जानसठ में केंद्र बनाया है। पीसीएफ ने नईमंडी, शेरपुर और रामराज में केंद्र बनाया है। खाद्य विभाग ने रामराज में केंद्र बनाया है। इन केंद्रों पर 31 जनवरी तक खरीद की जाएगी। किसानों को धान बेचने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने होंगे।