देवबंद (सहारनपुर)। शिव पार्क में चल रहे सीएए के समर्थन में भजन कीर्तन के 11वें दिन महिलाओं ने कहा कि सीएए के विरोध में धरना प्रदर्शन करने का मकसद सिर्फ शांति व्यवस्था को भंग करना है।
बुधवार को भजन कीर्तन के बाद पिंकी त्यागी और शालू सिंघल ने कहा कि आजादी तो 1947 में मिल चुकी थी। देश को आजाद कराने में भारतमाता के सपूतों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी, लेकिन विपक्ष ने सीएए की गलत व्याख्या कर लोगों को गुमराह कर दिया है। कानून के विरोध में आजादी के नारे लगाकर धरना प्रदर्शन करने का मकसद शांति व्यवस्था भंग करना है। उन्होंने कहा कि अगर गाड़ियां जलाने, तोड़फोड़ करने, इस्लामिक राज्य बनाने और देश को तोड़ने की आजादी चाहिए तो ऐसे लोगों की जगह जेल की कोठरी होनी चाहिए। लक्ष्मी गुप्ता व शुभलेश शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह स्पष्ट कर चुके हैं कि सीएए किसी भारतीय मुसलमान के खिलाफ नहीं है। विपक्षी दल वोट बैंक की राजनीति के चलते मुस्लिम महिलाओं को डराकर गुमराह करके धरना प्रदर्शन करा रहे हैं। इनका मकसद सिर्फ हंगामा करना है। भजन कीर्तन में डोली गोयल, संतोष कांबोज, शिखा, धर्मवीरी, बबली, पूनम, उर्मिला ठाकुर, रेखा त्यागी, शालू, रीना त्यागी, प्रतिभा गुप्ता, रुचि सैनी, पुष्पा गुप्ता, मंजू पंवार आदि रहीं।

सीएए के समर्थन में भजन कीर्तन करती महिलाएं- फोटो : DEVBAND