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Muzaffarnagar News: गाजियाबाद, मेरठ, बुलंदशहर के लिए खास चरथावल/खतौली - फ्रेट कॉरिडोर पर डीपी चोरी के मामले में ऑनलाइन शिकायत

Fri, 03 Nov 2023 01:15 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर Updated Fri, 03 Nov 2023 01:15 AM IST
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Online complaint in case of DP theft on freight corridor
फ्रेट कॉरिडोर पर रेल पटरी के बीच लगी डीपी (डिटेक्शन प्वाइंट): संवाद
- फ्रेट कॉरिडोर पर पुलिस की उदासीनता के कारण नहीं दौड़ पा रही मालगाड़ी
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- कंपनी ने हर स्टेशन पर गुमटी के पास सुरक्षा के लिए चौकीदारों को तैनात किए हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
चरथावल/खतौली (मुजफ्फरनगर)। डेडिकेटेट फ्रेट कॉरिडोर पर डीपी (डिटेक्शन प्वाइंट) की चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाने में पुलिस बेपरवाह है। एलएंडटी कंपनी ने पिलखुआ से खतौली तक के थानों में ऑनलाइन शिकायतें दर्ज करा रखी हैं। कुछ मामलों में ऑफलाइन मुकदमे पंजीकृत कराए गए हैं, लेकिन दोनों शिकायतों में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। कंपनी ने हर स्टेशन पर गुमटी के पास सुरक्षा के लिए चौकीदारों को तैनात किए हैं।
खुर्जा से पिलखनी तक एलएंडटी कंपनी ने फ्रेट कॉरिडोर तैयार किया है। खुर्जा से खतौली तक स्टेशनों से करीब 150 डीपी चोरी और क्षतिग्रस्त की जा चुकी हैं। कंपनी ने दौराला और खतौली स्टेशनों पर 25 डीपी चोरी के तीन मुकदमे पंजीकृत कराए हैं। बाकी मामलों में ऑनलाइन शिकायत की गई है। जून के महीने में चोरी की वारदात अधिक हुईं। उसके बाद चोरी होती रही, लेकिन पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया। कंपनी ने गुमटी के पास रात दिन की शिफ्ट में दो चौकीदार, दो चौकीदार स्टेशन पर और गुमटी पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए है। डीएफसीसी ने भी जीआरपी के कुछ अधिकारियों को निगरानी के लिए तैनात किया है।
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डीपी नहीं लग पाने से रुके मालगाड़ी के पहिए
दो दिन पहले डीएफसीसीआई के प्राेजेक्ट डायरेक्टर पंकज सक्सेना एवं सीपीएम पवन कुमार ने मालगाड़ियों को नियमित चलाने के लिए बुलंदशहर के गुलावठी से पिलखनी तक मुआयना किया था। निरीक्षण में रेलवे स्टेशनों के पास सिग्नल व्यवस्था के महत्वपूर्ण उपकरण डीपी (डिटेक्शन प्वाइंट) की बड़ी संख्या में चोरी और क्षतिग्रस्त किए जाने की खुलासा हुआ। इसी वजह से पहली नवंबर से मालगाड़ियों को दौड़ाने का प्रस्ताव स्थगित करना पड़ा। दरअसल, विभाग ट्रैक पर मालगड़ियां दौड़ाने के लिए फिटनेस प्रमाण पत्र देता है। उसके बाद कंपनी से ट्रैक को सुपुर्दगी में लिया जाता है।
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जापान की कंपनी लगा रही डीपी
ट्रैक पर जापान की कंपनी डीपी लगा रही है। स्टेशन से एक किमी पहले और एक किमी बाद गुमटी होती है, उन पर डीपी लगाई जाती है। एक स्टेशन पर गाड़ी के गुजरने के बाद डीपी का कार्य अगले स्टेशन को सतर्क करना है। खुर्जा से पिलखनी तक 21 स्टेशन बने हैं। एक स्टेशन पर 41 डीपी लगी हैं। एक डीपी की कीमत करीब तीन लाख रुपये है। ट्रैक की मरम्मत एवं प्रशासनिक व्यवस्था एलएंडटी कंपनी के पास है।


इन स्टेशनों से हुई चोरी और रिपोर्ट
स्टेशन संख्या कहां शिकायत
हापुड़ 17 ऑनलाइन
मोहिउद्दीनपुर 12 ऑनलाइन
पिलखुआ 14 ऑनलाइन
सकौती 21 दौराला थाने में दो एफआईआर
खतौली 4 थाने में एफआईआर
एलसीओ 5 1 ऑनलाइन
नोट- इनके अलावा अन्य वारदात भी हुई हैं।

एफआईआर दर्ज, नहीं हुई ठोस कार्रवाई
एलएंडटी कंपनी के प्रशासनिक हेड डॉ. रमन चौधरी ने बताया पुलिस ऑनलाइन शिकायतों पर ध्यान नहीं देती है। कुछ एफआईआर दर्ज हुईं, पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई। इसी वजह से चोर अथवा अराजक तत्व रेलवे की कीमती संपत्ति को नष्ट कर रहे हैं। जापान की कंपनी के पास डीपी लगाने का कार्य है, लेकिन विभाग की सुपुर्दगी से पहले मरम्मत एवं फिटनेस आदि कार्य कंपनी को करना है। डीपी जापान से मंगाई जा रही हैं। असामाजिक तत्वों की करतूत से पीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट के संचालन में विलंब हो रहा है। यदि इन वारदातों पर अंकुश नहीं लगा तो राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाता रहेगा।
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