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Muzaffarnagar News: एचआईवी संक्रमित मां से दूर किया डेढ़ साल का बच्चा
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। संक्रमण के डर से डेढ़ साल के बच्चे को एचआईवी पॉजीटिव मां से दूर कर दिया गया। पीड़िता ने मामले की शिकायत जिला अस्पताल एआरटी सेंटर पर की। आरोप लगाया कि ससुराल वाले उसे उसके बच्चे से अलग करना चाह रहे हैं। जिस पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से एचआईवी पॉजिटिव और उसके ससुराल वालों की काउंसिलिंग शुरू की गई।
एड्स की बीमारी बढ़ने के साथ इसके संक्रमण के प्रति गलत धारणाएं भी लोगों के मन में बढ़ रहीं हैं। जिला अस्पताल स्थित एआरटी सेंटर पर एचआइवी पॉजिटिव मरीजों को उपचार दिया जाता है। जबकि उपचार को जारी रखने और मरीजों के मन में आत्मविश्वास जगाने के लिए उनकी काउंसिलिंग भी की जाती है। एआरटी सेंटर में उपचार पा रहे एचआइवी पॉजिटिव दंपती के परिवार में बीमारी के संक्रमण को लेकर गलत धारणा पैदा होने के बाद महिला की ओर से भेदभाव और उत्पीड़न की शिकायत की गई थी।
- ईएमओ के निर्देशन में गठित है शिकायत निवारण समिति
पॉजीटिव मरीजों का उत्पीड़न और अन्य शिकायतों को लेकर शिकायत निवारण कमेटी का गठन भी जिला अस्पताल में किया गया है। जिसका नोडल ईएमओ डॉ.बाबूराम को बनाया गया है। कमेटी में एआरटी चिकित्साधिकारी डॉ.मुजीबुर्रहमान सहित एक काउंसलर और एक एचआइवी पाजीटिव को सदस्य नामित किया गया है।
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- सामान्य हालात में संक्रमण का कोई खतरा नहीं : डॉ.मुजीबुर्रहमान
जिला अस्पताल एआरटी सेंटर के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ.मुजीबुर्रहमान का कहना है कि शिकायत मौखिक थी। जिसके उपरांत महिला उसके पति और ससुराल वालों की काउंसिलिंग कर उन्हें समझाया गया। जानकारी दी गई कि सामान्य हालात में मां से बच्चे में एचआइवी संक्रमण का कोई खतरा नहीं है। उन्हें आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह भी दी गई। बताया कि एचआइवी का संक्रमण मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति के शारीरिक तरल पदार्थों के सीधे संपर्क से फैलता है। असुरक्षित यौन संबंध, साझा सुइयों का उपयोग या गर्भावस्था अथवा स्तनपान (यदि महिला का उपचार न चल रहा हो) के दौरान मां से बच्चे में यह संक्रमण होता है।
-- - एचआइवी संक्रमण फैलने के प्रमुख कारण
- ड्रग्स इंजेक्ट करने के लिए इस्तेमाल की गई सुई को साझा करना।
- एचआईवी संक्रमित रक्त के संपर्क में आने से, कभी-कभी टैटू से भी।
- गर्भावस्था, प्रसव या स्तनपान के दौरान, यदि मां का इलाज नहीं चल रहा हो।
-- - इस तरह नहीं फैलता एचआइवी इंफेक्शन
- गले मिलने, हाथ मिलाने, या सामान्य सामाजिक स्पर्श से।
- लार , पसीना या मूत्र के माध्यम से यह वायरस नहीं फैलता।
- खांसने, छींकने या मच्छर और कीड़ों के काटने से नहीं फैलता।
- एक ही शौचालय, तौलिये, बर्तन, या भोजन साझा करने से।
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मुजफ्फरनगर। संक्रमण के डर से डेढ़ साल के बच्चे को एचआईवी पॉजीटिव मां से दूर कर दिया गया। पीड़िता ने मामले की शिकायत जिला अस्पताल एआरटी सेंटर पर की। आरोप लगाया कि ससुराल वाले उसे उसके बच्चे से अलग करना चाह रहे हैं। जिस पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से एचआईवी पॉजिटिव और उसके ससुराल वालों की काउंसिलिंग शुरू की गई।
एड्स की बीमारी बढ़ने के साथ इसके संक्रमण के प्रति गलत धारणाएं भी लोगों के मन में बढ़ रहीं हैं। जिला अस्पताल स्थित एआरटी सेंटर पर एचआइवी पॉजिटिव मरीजों को उपचार दिया जाता है। जबकि उपचार को जारी रखने और मरीजों के मन में आत्मविश्वास जगाने के लिए उनकी काउंसिलिंग भी की जाती है। एआरटी सेंटर में उपचार पा रहे एचआइवी पॉजिटिव दंपती के परिवार में बीमारी के संक्रमण को लेकर गलत धारणा पैदा होने के बाद महिला की ओर से भेदभाव और उत्पीड़न की शिकायत की गई थी।
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- ईएमओ के निर्देशन में गठित है शिकायत निवारण समिति
पॉजीटिव मरीजों का उत्पीड़न और अन्य शिकायतों को लेकर शिकायत निवारण कमेटी का गठन भी जिला अस्पताल में किया गया है। जिसका नोडल ईएमओ डॉ.बाबूराम को बनाया गया है। कमेटी में एआरटी चिकित्साधिकारी डॉ.मुजीबुर्रहमान सहित एक काउंसलर और एक एचआइवी पाजीटिव को सदस्य नामित किया गया है।
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- सामान्य हालात में संक्रमण का कोई खतरा नहीं : डॉ.मुजीबुर्रहमान
जिला अस्पताल एआरटी सेंटर के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ.मुजीबुर्रहमान का कहना है कि शिकायत मौखिक थी। जिसके उपरांत महिला उसके पति और ससुराल वालों की काउंसिलिंग कर उन्हें समझाया गया। जानकारी दी गई कि सामान्य हालात में मां से बच्चे में एचआइवी संक्रमण का कोई खतरा नहीं है। उन्हें आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह भी दी गई। बताया कि एचआइवी का संक्रमण मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति के शारीरिक तरल पदार्थों के सीधे संपर्क से फैलता है। असुरक्षित यौन संबंध, साझा सुइयों का उपयोग या गर्भावस्था अथवा स्तनपान (यदि महिला का उपचार न चल रहा हो) के दौरान मां से बच्चे में यह संक्रमण होता है।
- ड्रग्स इंजेक्ट करने के लिए इस्तेमाल की गई सुई को साझा करना।
- एचआईवी संक्रमित रक्त के संपर्क में आने से, कभी-कभी टैटू से भी।
- गर्भावस्था, प्रसव या स्तनपान के दौरान, यदि मां का इलाज नहीं चल रहा हो।
- गले मिलने, हाथ मिलाने, या सामान्य सामाजिक स्पर्श से।
- लार , पसीना या मूत्र के माध्यम से यह वायरस नहीं फैलता।
- खांसने, छींकने या मच्छर और कीड़ों के काटने से नहीं फैलता।
- एक ही शौचालय, तौलिये, बर्तन, या भोजन साझा करने से।
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