{"_id":"616729ee7a90655fce24439d","slug":"now-the-movement-of-bku-has-become-political-raju-ahlawat-muzaffarnagar-news-mrt5605598197","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाकियू का आंदोलन अब हो चुका राजनैतिक- राजू अहलावत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाकियू का आंदोलन अब हो चुका राजनैतिक- राजू अहलावत
विज्ञापन
अब राजनीतिक हो चुका है भाकियू का आंदोलन: राजू अहलावत
मुजफ्फरनगर, खतौली। भाकियू को छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राजू अहलावत ने कृषि बिल को सही ठहराते हुए कहा कि कृषि बिल किसान हित में है। भाजपा सरकार ने 11 बार बैठक बुलाई। यदि किसानों की समस्या का समाधान करना है तो सरकार बुलाए, इसका इंतजार क्यों, 12 वीं बार स्वयं जाकर भी बात की जा सकती है। उन्होंने कहा कि भाकियू का आंदोलन अब राजनीतिक रूप ले चुका है। इसको लेकर संगठन में भी विवाद होने लगे हैं।
भाजपा नेता राजू अहलावत ने कहा कि किसान की बात सरकार तक पहुंचाने के लिए कई बार लड़ाई लड़ी गई। पहले यह संगठन सही दिशा में था, लेकिन अब किसान की लड़ाई सही दिशा में नहीं चल रही है। उन्होंने कहा कि वह भाजपा में इसलिए आए है कि वह किसानों के मुद्दे सरकार तक पहुंचा सके। उन्होंने विपक्षी पार्टी कांग्रेस, रालोद, सपा, बसपा को आडे़ हाथ लेते हुए कहा कि इन पार्टियों में एक ही परिवार काबिज है। जबकि भाजपा में सबको मौका दिया जाता है। अध्यक्ष कल कोई और था, आज कोई और है, कल कोई और होगा। कृषि कानून लाने के लिए बाबा महेंद्र सिंह टिकैत ने आवाज उठाई थी, जो वह पूरी हो गई।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर, खतौली। भाकियू को छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राजू अहलावत ने कृषि बिल को सही ठहराते हुए कहा कि कृषि बिल किसान हित में है। भाजपा सरकार ने 11 बार बैठक बुलाई। यदि किसानों की समस्या का समाधान करना है तो सरकार बुलाए, इसका इंतजार क्यों, 12 वीं बार स्वयं जाकर भी बात की जा सकती है। उन्होंने कहा कि भाकियू का आंदोलन अब राजनीतिक रूप ले चुका है। इसको लेकर संगठन में भी विवाद होने लगे हैं।
भाजपा नेता राजू अहलावत ने कहा कि किसान की बात सरकार तक पहुंचाने के लिए कई बार लड़ाई लड़ी गई। पहले यह संगठन सही दिशा में था, लेकिन अब किसान की लड़ाई सही दिशा में नहीं चल रही है। उन्होंने कहा कि वह भाजपा में इसलिए आए है कि वह किसानों के मुद्दे सरकार तक पहुंचा सके। उन्होंने विपक्षी पार्टी कांग्रेस, रालोद, सपा, बसपा को आडे़ हाथ लेते हुए कहा कि इन पार्टियों में एक ही परिवार काबिज है। जबकि भाजपा में सबको मौका दिया जाता है। अध्यक्ष कल कोई और था, आज कोई और है, कल कोई और होगा। कृषि कानून लाने के लिए बाबा महेंद्र सिंह टिकैत ने आवाज उठाई थी, जो वह पूरी हो गई।
विज्ञापन