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डेंगू नहीं, वायरल का कहर
अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
Updated Sat, 04 Nov 2017 12:20 AM IST
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health
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मुजफ्फरनगर। स्वास्थ्य विभाग ने जनपद में फैल रहे डेंगू के प्रकोप से इंकार किया है। विभागीय अधिकारी वायरल फीवर को लोगों के लिए मुसीबत बता रहे हैं। जिसमें मरीज की प्लेट्सलेट गिरने के मामले सामने आ रहे हैं।
जिले में अब तक हुई मौतों को भी अन्य बीमारियों के कारण माना है। डेंगू से पीड़ित लोगों की संख्या 13 बताई गई है। उधर, डीएम ने डेंगू की रोकथाम के लिए मीटिंग ली है।
सीएमओ डॉ. पीएस मिश्रा के निर्देश पर प्राइवेट चिकित्सकों के यहां भर्ती मरीजों की जानकारी जुटाई गई है। शहर के नामी चिकित्सकों को पत्र भेजकर उनके यहां भर्ती डेंगू के मरीजों का आंकड़ा जुटाया गया है। साथ ही ब्लड की जांच करने वाली पैथालॉजी लैबों को भी चेताया गया है। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि जिले में डेंगू का खौफ फैलाया गया है।
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निजी चिकित्सकों ने अपनी कमाई के लालच में लोगों में डेंगू का डर पैदा किया है। मोरना के तेवड़ा, चरथावल आदि में बुखार से हुई मौत को अन्य बीमारियों के कारण माना है। मोरना में जांच कर विभाग के चिकित्सक डॉ. वीके सिंह ने अनवर कुरैशी की मौत 600 लेवल तक शुगर बढ़ने और महिला सुमन की मृत्यु भी पैरालाइसिस बीमारी से मानी है।
विभाग ने डेंगू नहीं, वायरल फीवर को लोगों के लिए मुसीबत बताया है। सीजनल बुखार के कारण अस्पताल के प्रत्येक वार्डों में मरीजों की संख्या बेड़ से अधिक है। सीएमओ डॉ. पीएस मिश्रा ने बताया कि प्राइवेट चिकित्सकों के यहां मरीजों की जांच के लिए चिकित्सकों की टीमें बनाई जा रही हैं, जो सही तथ्यों की जांच करेगी। जिले में डेंगू से पीड़ित लोगों की संख्या 13 है। अन्य सभी को वायरल है।
डेंगू की रोकथाम के लिए जागरूक करें : डीएम
मुजफ्फरनगर। जिले में बढ़ते डेंगू और वायरल फीवर को लेकर डीएम जीएस प्रियदर्शी ने डेंगू एवं अन्य वेक्टर जनित रोगों के रोकथाम और बचाव के लिए दिशा निर्देश दिए। कहा कि माध्यमिक एवं उच्च शिक्षण संस्थानों में डेंगू रोधी टीम के माध्यम से नाटक, सेमिनार, संगोष्ठी आदि के माध्यम से डेंगू के उपाय बताए जाएं। कॉलेजों में इस विषय की जानकारी के लिए एक शिक्षक नियुक्त करें।
उन्होंने कहा कि सीएमओ को जिला अस्पताल में 10 बेड का मच्छरदानी युक्त आईसोलेन वार्ड डेंगू रोगियों के लिए रिजर्व रखने के निर्देश दिए। डेंगू जांच की पुष्टि के लिए रक्त का नमूना, रोगी का पूरा नाम-पता, मोबाइल नंबर आदि के साथ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। सीएचसी और पीएचसी पर रैपिड रिस्पांस टीम बनाकर जांच कराने के लिए कहा है। गांवों, गलियों में जलभराव को दूर करने के साथ वहां पर मिट्टी का तेल डलवाने की सुदृढ़ व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
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जिले में अब तक हुई मौतों को भी अन्य बीमारियों के कारण माना है। डेंगू से पीड़ित लोगों की संख्या 13 बताई गई है। उधर, डीएम ने डेंगू की रोकथाम के लिए मीटिंग ली है।
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सीएमओ डॉ. पीएस मिश्रा के निर्देश पर प्राइवेट चिकित्सकों के यहां भर्ती मरीजों की जानकारी जुटाई गई है। शहर के नामी चिकित्सकों को पत्र भेजकर उनके यहां भर्ती डेंगू के मरीजों का आंकड़ा जुटाया गया है। साथ ही ब्लड की जांच करने वाली पैथालॉजी लैबों को भी चेताया गया है। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि जिले में डेंगू का खौफ फैलाया गया है।
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निजी चिकित्सकों ने अपनी कमाई के लालच में लोगों में डेंगू का डर पैदा किया है। मोरना के तेवड़ा, चरथावल आदि में बुखार से हुई मौत को अन्य बीमारियों के कारण माना है। मोरना में जांच कर विभाग के चिकित्सक डॉ. वीके सिंह ने अनवर कुरैशी की मौत 600 लेवल तक शुगर बढ़ने और महिला सुमन की मृत्यु भी पैरालाइसिस बीमारी से मानी है।
विभाग ने डेंगू नहीं, वायरल फीवर को लोगों के लिए मुसीबत बताया है। सीजनल बुखार के कारण अस्पताल के प्रत्येक वार्डों में मरीजों की संख्या बेड़ से अधिक है। सीएमओ डॉ. पीएस मिश्रा ने बताया कि प्राइवेट चिकित्सकों के यहां मरीजों की जांच के लिए चिकित्सकों की टीमें बनाई जा रही हैं, जो सही तथ्यों की जांच करेगी। जिले में डेंगू से पीड़ित लोगों की संख्या 13 है। अन्य सभी को वायरल है।
डेंगू की रोकथाम के लिए जागरूक करें : डीएम
मुजफ्फरनगर। जिले में बढ़ते डेंगू और वायरल फीवर को लेकर डीएम जीएस प्रियदर्शी ने डेंगू एवं अन्य वेक्टर जनित रोगों के रोकथाम और बचाव के लिए दिशा निर्देश दिए। कहा कि माध्यमिक एवं उच्च शिक्षण संस्थानों में डेंगू रोधी टीम के माध्यम से नाटक, सेमिनार, संगोष्ठी आदि के माध्यम से डेंगू के उपाय बताए जाएं। कॉलेजों में इस विषय की जानकारी के लिए एक शिक्षक नियुक्त करें।
उन्होंने कहा कि सीएमओ को जिला अस्पताल में 10 बेड का मच्छरदानी युक्त आईसोलेन वार्ड डेंगू रोगियों के लिए रिजर्व रखने के निर्देश दिए। डेंगू जांच की पुष्टि के लिए रक्त का नमूना, रोगी का पूरा नाम-पता, मोबाइल नंबर आदि के साथ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। सीएचसी और पीएचसी पर रैपिड रिस्पांस टीम बनाकर जांच कराने के लिए कहा है। गांवों, गलियों में जलभराव को दूर करने के साथ वहां पर मिट्टी का तेल डलवाने की सुदृढ़ व्यवस्था करने के निर्देश दिए।