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नए आरक्षण ने कई उम्मीदवारों की अरमानों पर फेरा पानी
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नए आरक्षण से कई लोगों का चुनाव लड़ने का सपना टूटा
मुजफ्फरनगर, पुरकाजी। नए आरक्षण ने ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ने वाले कई उम्मीदवारों की इच्छाओं पर पानी फेर दिया है। कई लोग तो पिछले कई माह से चुनाव लड़ने की तैयारी कर लाखों रुपये खर्च भी कर चुके हैं। ऐसे लोगों को नए आरक्षण से सदमा तो मिला ही है। साथ में जोर का झटका धीरे से लगा है।
गांव तुग़लकपुर जाट बहुल गांव है। जिसे शासन द्वारा सामान्य जाति में आरक्षित किया गया था। जिसमें पूर्व प्रधान प्रताप सिंह व राणा सिंह आदि चुनाव लड़ने की तैयारी में लगे हुए थे। शनिवार को जारी हुए नए आरक्षण में सीट एससी में चले जाने से चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों को झटका लगा है। यही हाल गांव भोजाहेड़ी का है। वहां पर भी ओबीसी वर्ग आरक्षित होने पर पूर्व प्रधान पुत्र इस्तखार के अलावा महबूब आदि लोग चुनाव लड़ने की तैयारी में जी जान से जुटे हुए थे। नए आरक्षण ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। गोधना के ओबीसी में आरक्षित होने से मुस्लिम वर्ग से मौहम्मद आरिफ व पूर्व प्रधान अफसर अली सहित गुर्जर वर्ग से कई लोग चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। जिसके एससी वर्ग में आरक्षित हो जाने से उनके अरमानों पर भी पानी फिर गया है। गांव बढीवाला, नूरनगर, फलोदा आदि के भी एससी वर्ग में आरक्षित हो जाने से उम्मीद वारों को जोर का झटका धीरे से लगा है।
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मुजफ्फरनगर, पुरकाजी। नए आरक्षण ने ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ने वाले कई उम्मीदवारों की इच्छाओं पर पानी फेर दिया है। कई लोग तो पिछले कई माह से चुनाव लड़ने की तैयारी कर लाखों रुपये खर्च भी कर चुके हैं। ऐसे लोगों को नए आरक्षण से सदमा तो मिला ही है। साथ में जोर का झटका धीरे से लगा है।
गांव तुग़लकपुर जाट बहुल गांव है। जिसे शासन द्वारा सामान्य जाति में आरक्षित किया गया था। जिसमें पूर्व प्रधान प्रताप सिंह व राणा सिंह आदि चुनाव लड़ने की तैयारी में लगे हुए थे। शनिवार को जारी हुए नए आरक्षण में सीट एससी में चले जाने से चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों को झटका लगा है। यही हाल गांव भोजाहेड़ी का है। वहां पर भी ओबीसी वर्ग आरक्षित होने पर पूर्व प्रधान पुत्र इस्तखार के अलावा महबूब आदि लोग चुनाव लड़ने की तैयारी में जी जान से जुटे हुए थे। नए आरक्षण ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। गोधना के ओबीसी में आरक्षित होने से मुस्लिम वर्ग से मौहम्मद आरिफ व पूर्व प्रधान अफसर अली सहित गुर्जर वर्ग से कई लोग चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। जिसके एससी वर्ग में आरक्षित हो जाने से उनके अरमानों पर भी पानी फिर गया है। गांव बढीवाला, नूरनगर, फलोदा आदि के भी एससी वर्ग में आरक्षित हो जाने से उम्मीद वारों को जोर का झटका धीरे से लगा है।
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