{"_id":"5e63f09e8ebc3ec98830160a","slug":"narrated-the-story-of-sri-krishna-sudama-milan-muzaffarnagar-news-mrt47270614","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्रीकृष्ण-सुदामा मिलन की कथा सुनाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्रीकृष्ण-सुदामा मिलन की कथा सुनाई
विज्ञापन
श्रीकृष्ण-सुदामा मिलन की कथा सुनाई
मुजफ्फरनगर। बचन सिंह कॉलोनी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन कथा व्यास अमृत देव महाराज ने श्रीकृष्ण-सुदामा मिलन की कथा सुनाकर सभी को भावविभोर कर दिया। उन्होंने कहा कि सच्ची मित्रता यही है जब हम बिना कहे पीड़ा को समझ जाएं।
महाराजश्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के बचपन के घनिष्ठ मित्र सुदामा उनसे मिलने द्वारिका नगरी पहुंच जाते हैं। महल में द्वारपाल से संदेश भिजवाते हैं, तो कृष्ण जी नंगे पैर दौड़े हुए द्वार पर आते हैं और सुदामा की हालत देखकर उन्हें गले लगा कर रोने लगते हैं। इसके बाद एक मुट्ठी चावल खाकर भावविभोर हो गए। कृष्ण-सुदामा मिलन की कथा का उन्होंने भावपूर्ण वर्णन किया। इस अवसर पर भजन भी सुनाए गए। कथा के मुख्य यजमान राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल रहे। प्रधान पति पंडित श्रीभगवान शर्मा, प्रधान उषा शर्मा ने कथा व्यास को पटका पहनाया। कथा में राजकुमार तायल, श्रीपाल भगत, अशोक शर्मा, सुमन शर्मा, महेशदत्त शर्मा, मुदित शर्मा, अनुराधा शर्मा, कमल राणा, रामचंद्र मिश्रा, सोहनवीर सिंह, सुरेश शर्मा, ऋषभ शर्मा, श्याम लाल, सोमेंद्र शर्मा, सुमन गोयल, रूबी कश्यप, रमेश ठाकुर, नीलम चौधरी, राकेश गुप्ता, शिव कुमार, कमलेश शर्मा, चंद्रकिरण, चंद्रवीर, श्याम लाल धीमान, महेश पाल, योगराज सिंह, सुखबीरी, ब्रिजेश गोयल, गजराज सिंह, पलटू सिंह, कोमल, कमलेश, गुड्डी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। बचन सिंह कॉलोनी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन कथा व्यास अमृत देव महाराज ने श्रीकृष्ण-सुदामा मिलन की कथा सुनाकर सभी को भावविभोर कर दिया। उन्होंने कहा कि सच्ची मित्रता यही है जब हम बिना कहे पीड़ा को समझ जाएं।
महाराजश्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के बचपन के घनिष्ठ मित्र सुदामा उनसे मिलने द्वारिका नगरी पहुंच जाते हैं। महल में द्वारपाल से संदेश भिजवाते हैं, तो कृष्ण जी नंगे पैर दौड़े हुए द्वार पर आते हैं और सुदामा की हालत देखकर उन्हें गले लगा कर रोने लगते हैं। इसके बाद एक मुट्ठी चावल खाकर भावविभोर हो गए। कृष्ण-सुदामा मिलन की कथा का उन्होंने भावपूर्ण वर्णन किया। इस अवसर पर भजन भी सुनाए गए। कथा के मुख्य यजमान राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल रहे। प्रधान पति पंडित श्रीभगवान शर्मा, प्रधान उषा शर्मा ने कथा व्यास को पटका पहनाया। कथा में राजकुमार तायल, श्रीपाल भगत, अशोक शर्मा, सुमन शर्मा, महेशदत्त शर्मा, मुदित शर्मा, अनुराधा शर्मा, कमल राणा, रामचंद्र मिश्रा, सोहनवीर सिंह, सुरेश शर्मा, ऋषभ शर्मा, श्याम लाल, सोमेंद्र शर्मा, सुमन गोयल, रूबी कश्यप, रमेश ठाकुर, नीलम चौधरी, राकेश गुप्ता, शिव कुमार, कमलेश शर्मा, चंद्रकिरण, चंद्रवीर, श्याम लाल धीमान, महेश पाल, योगराज सिंह, सुखबीरी, ब्रिजेश गोयल, गजराज सिंह, पलटू सिंह, कोमल, कमलेश, गुड्डी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन