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असाध्य नहीं मानसिक रोग, उपचार है संभव

Tue, 15 Oct 2019 12:21 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 15 Oct 2019 12:21 AM IST
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Muzaffarnagar: World Mental Health Day
कार्यशाला को संबोधित करते डॉ तनेजा। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
असाध्य नहीं मानसिक रोग, उपचार है संभव
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मुजफ्फरनगर। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर आयोजित कार्यशाला में एसीएमओ डा. बीके ओझा ने कहा कि मानसिक रोग असाध्य नहीं है, बल्कि इसका उपचार संभव है। उन्होंने इस रोग के लक्षण एवं निवारण की जानकारी दी।
छात्र-छात्राओं में आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं पर नियंत्रण के लिए होली एंजिल्स कान्वेंट स्कूल में सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में एसीएमओ डा. बीके ओझा ने कहा कि मानसिक रोग किसी को भी हो सकता है। यदि किसी व्यक्ति को स्पष्ट रूप से सोचने और दैनिक क्रियाकलापों को करने में कठिनाई हो, अत्यधिक चिंता एवं नकारात्मक विचार आते हों, कार्य में मन न लगता हो, क्रोध, भय चिंता, अपराध बोध, उदासी या खुशी की लगातार अनुभूति, बार-बार हाथ धोना, नहाना, बंद ताले को बार-बार चेक करना आदि मानसिक रोग के लक्षण हो सकते हैं। मानसिक रोग असाध्य नहीं है, इसका उपचार संभव है, जिसको मानसिक रोग के लक्षण हों वह जिला चिकित्सालय में मानसिक रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें और निशुल्क उपचार प्राप्त करें।
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उप जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी डॉ. गीतांजलि वर्मा ने बताया कि मानसिक रोग छुआछूत से नहीं फैलता। यह फैलने वाली बीमारी नहीं है। यह बीमारी किसी को भी हो सकती है। यहां तक की बच्चे भी इससे अछूते नहीं हैं। छात्र-छात्राओं में बढ़ रही आत्महत्या की प्रवृति चिंतन का विषय है। प्रत्येक विद्यालय से अध्यापकों का चयन कर उनको मानसिक विधा में प्रशिक्षित करके विद्यालय स्तर पर बढ़ती आत्महत्या की प्रवृत्ति को रोकने का प्रयास कर रहे हैं। साइकोथेरेपिस्ट मनोज कुमार ने पीपीटी के द्वारा मानसिक स्वास्थ्य के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि विश्व में कुल आत्महत्या करने वाले लोगों में 17 प्रतिशत भारतीय हैं। प्रत्येक 40 सेकेंड में एक व्यक्ति आत्महत्या कर रहा है। भारत में सर्वाधिक आत्महत्या करने में 6.7 प्रतिशत विद्यार्थी हैं। वर्तमान में किशोरों में आत्महत्या की बढ़ रही प्रवृत्ति तथा जीवन के प्रति निराशा को दूर करने की जरूरत है। सेमिनार में विद्यालय प्रधानाचार्या सिस्टर जूली, सिस्टर प्रियंका, केपी सिंह, सुनील शर्मा, दीपक भाटिया, फातिमा, प्रवेश कुमार, निशा त्यागी, मनोज कुमार, साइकोथेरेपिस्ट, कपिल आत्रेय, कम्यूनिटी हेल्थ नर्स सहित समस्त शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
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