{"_id":"6ac6962e1a2b9e08e90da0e5","slug":"muzaffarnagar-two-youths-sentenced-to-life-imprisonment-for-brutalizing-a-seven-year-old-girl-2026-10-08","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मुजफ्फरनगर: सात साल की बच्ची से दरिंदगी करने वाले दो युवकों को उम्रकैद; छात्रा से दुष्कर्म में चार को सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुजफ्फरनगर: सात साल की बच्ची से दरिंदगी करने वाले दो युवकों को उम्रकैद; छात्रा से दुष्कर्म में चार को सजा
Thu, 08 Oct 2026 12:29 AM IST
Mohd Mustakim
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
Published by: Mohd Mustakim
Updated Thu, 08 Oct 2026 12:29 AM IST
सार
बुढ़ाना क्षेत्र में 11 दिसंबर 2020 को सात साल की बच्ची को अकरम और आसिफ बहलाकर ले गए और दुष्कर्म किया। दूसरे मामले में खतौली में स्कूल जाती छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म करने वाले मैनपाल, जोगेंद्र, मोनू और अंकित को दस-दस साल की सजा हुई है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : adobestock
विस्तार
बुढ़ाना क्षेत्र के गांव में छह साल पहले सात साल की मासूम बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अदालत ने दोनों दोषियों को आजीवन कारावास (शेष प्राकृतिक जीवन काल) की सजा सुनाई। वादी और पीड़िता समेत छह गवाह पक्षद्रोही हो गए, लेकिन विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट सजा का आधार बनी। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) की पीठासीन अधिकारी मंजुला भालोटिया ने 34 पृष्ठ के फैसले में लिखा कि सामूहिक बलात्कार किसी भी सभ्य समाज में क्षम्य नहीं हो सकता।
विज्ञापन
Trending Videos
वारदात 11 दिसंबर 2020 की शाम छह बजे हुई। पिता ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि घर के पास खेल रही मासूम को आरोपी अकरम और आसिफ उर्फ देसी बहला-फुसलाकर मकान की छत पर ले गए और सामूहिक दुष्कर्म किया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर चालान किया और दोनों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
बाद में आरोपियों की जमानत हो गई। प्रकरण की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) में हुई। विशेष लोक अभियोजक विक्रांत राठी और विनय अरोरा ने बताया कि सामूहिक दुष्कर्म में दोनों दोषियों को आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
इसके अलावा धारा 363 में पांच-पांच साल कारावास और 10-10 हजार रुपये अर्थदंड सुनाया गया। अर्थदंड की कुल धनराशि पीड़िता को शारीरिक, मानसिक क्षतिपूर्ति के लिए प्रदान की जाएगी। जिला विधिक प्राधिकरण को निर्देश दिए गए कि पीड़ित प्रतिकर योजना के अंतर्गत पीड़िता को प्रतिकर दिलाना सुनिश्चित किया जाए।
एक आरोपी को बताया किशोर, साबित नहीं कर सके
बचाव पक्ष ने कहा कि आरोपी आसिफ मदरसे में पढ़ा है। आधार कार्ड की जन्मतिथि को आधार मानते हुए किशोर बताया गया। तर्क दिया गया कि आरोपी को पुलिस ने 12 दिसंबर 2020 को जेल भेजा था, इस वजह से इस दिन वह 16 साल 11 माह और 10 दिन का था। अभियोजन पक्ष ने आरोपी के पिता के बयानों को ही आधार बनाकर साबित किया कि वह किशोर नहीं था।
बचाव पक्ष ने कहा कि आरोपी आसिफ मदरसे में पढ़ा है। आधार कार्ड की जन्मतिथि को आधार मानते हुए किशोर बताया गया। तर्क दिया गया कि आरोपी को पुलिस ने 12 दिसंबर 2020 को जेल भेजा था, इस वजह से इस दिन वह 16 साल 11 माह और 10 दिन का था। अभियोजन पक्ष ने आरोपी के पिता के बयानों को ही आधार बनाकर साबित किया कि वह किशोर नहीं था।
सामूहिक दुष्कर्म के मामले में चार दोषियों को 10-10 साल की सजा
खतौली थाना क्षेत्र में स्कूल के लिए निकली किशोरी के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के मामले में चार दोषियों को 10-10 साल कारावास की सजा सुनाई गई। फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-2 की पीठासीन अधिकारी शिव कुमारी ने फैसला सुनाया।
खतौली थाना क्षेत्र में स्कूल के लिए निकली किशोरी के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के मामले में चार दोषियों को 10-10 साल कारावास की सजा सुनाई गई। फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-2 की पीठासीन अधिकारी शिव कुमारी ने फैसला सुनाया।
पीड़ित पक्ष ने 18 अगस्त 2011 को प्राथमिकी दर्ज कराते हुए बताया था कि किशोरी घर से स्कूल जाने के लिए निकली थी लेकिन इसके बाद शाम तक वापस घर नहीं लौटी। पुलिस ने आरोपी मैनपाल, जोगेंद्र, मोनू और अंकित के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस ने किशोरी को तलाश कर परिजनों को सुपुर्द कर दिया था। आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई।
सहायक शासकीय अधिवक्ता कमल कुमार ने बताया कि कुल छह गवाह पेश किए गए। अदालत ने चारों आरापियों पर दोष सिद्ध करते हुए 10-10 साल के कारावास और 40-40 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। धारा 366 में छह-छह साल का कारावास और 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई।