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मुजफ्फरनगर: एक्सपायर्ड दवाओं के रैपर बदलकर नई तारीख डालकर बेचने वाले दो गिरफ्तार, खाड़ी देशों में थी सप्लाई
Thu, 08 Oct 2026 08:58 PM IST
Mohd Mustakim
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
Published by: Mohd Mustakim
Updated Thu, 08 Oct 2026 08:58 PM IST
सार
शहर की मदीना कॉलोनी निवासी शादाब और मल्हूपुरा निवासी सुहैल को पुलिस ने 100 एमएल की 154 शीशी के साथ पकड़ा है। ये लोग दवाओं के रैपर बदलकर नया दाम डालकर बेचते थे। इनके साथियों की तलाश पुलिस कर रही है।
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गिरफ्तार दोनों आरोपी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एक्सपायर्ड और पुरानी दवाओं के रैपर बदलकर उन पर नई एक्सपायरी डेट व नया रेट अंकित करने के मामले का नई मंडी पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने होटल रोज इन के सामने खाली पड़े प्लॉट से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 100 एमएल की 154 शीशी कफ सिरप, चार शीटों पर 63 कूटरचित रैपर और दो खाली शीट बरामद हुई हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी पुरानी अथवा एक्सपायरी दवाओं को नए रैपर में तैयार कर खाड़ी देश जाने वाले लोगों को बेचते थे। वहां पर सिरप का प्रयोग नशे के तौर पर किया जाता है।
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सीओ नई मंडी राजू कुमार साव और प्रभारी निरीक्षक नई मंडी आनंद देव मिश्र ने बताया कि नई मंडी पुलिस टीम ने बृहस्पतिवार को होटल रोज इन के सामने खाली पड़े प्लॉट पर दबिश दी। मौके से दो युवकों को गिरफ्तार किया गया। उनकी पहचान शहर की मदीना कॉलोनी निवासी शादाब और मल्हूपुरा निवासी सुहैल के रूप में हुई। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 100 एमएल कफ सिरप की 154 शीशी बरामद कीं। इसके अलावा चार शीटों पर कुल 63 कूटरचित रैपर और दो खाली शीट भी मिलीं।
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बरामद रैपर का इस्तेमाल पुरानी अथवा एक्सपायरी दवाओं की पहचान बदलने के लिए किया जा रहा था। आरोपियों के खिलाफ थाना नई मंडी में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस धंधे में इनके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हैं और दवाओं की सप्लाई कहां-कहां की जाती थी।
खाड़ी देशों में बेचने का दावा
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे पुरानी अथवा एक्सपायरी दवाओं के रैपर बदलकर उन पर नई एक्सपायरी डेट और नया रेट अंकित करते थे। इसके बाद इन्हें बेच दिया जाता था। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने बताया कि वे इस दवा को खाड़ी देशों सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, ओमान, ईरान और कुवैत जाने वाले लोगों को ऊंचे दाम पर बेचते थे। खाड़ी देशों में नशीली दवाओं पर पाबंदी होने के कारण इस दवा का नशे के रूप में इस्तेमाल किया जाता है और इसी वजह से इसकी मांग अधिक है। खाड़ी देशों में रहने वाले लोग इस दवा की एक शीशी करीब 90 से 100 रियाल में खरीदकर ले जाते हैं। इसी मांग को देखते हुए आरोपी यहां से दवा खरीदकर या पुरानी दवा के रैपर बदलकर कई गुना मुनाफा कमाते थे।
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे पुरानी अथवा एक्सपायरी दवाओं के रैपर बदलकर उन पर नई एक्सपायरी डेट और नया रेट अंकित करते थे। इसके बाद इन्हें बेच दिया जाता था। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने बताया कि वे इस दवा को खाड़ी देशों सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, ओमान, ईरान और कुवैत जाने वाले लोगों को ऊंचे दाम पर बेचते थे। खाड़ी देशों में नशीली दवाओं पर पाबंदी होने के कारण इस दवा का नशे के रूप में इस्तेमाल किया जाता है और इसी वजह से इसकी मांग अधिक है। खाड़ी देशों में रहने वाले लोग इस दवा की एक शीशी करीब 90 से 100 रियाल में खरीदकर ले जाते हैं। इसी मांग को देखते हुए आरोपी यहां से दवा खरीदकर या पुरानी दवा के रैपर बदलकर कई गुना मुनाफा कमाते थे।
इन सवालों के जवाब ढूंढ रही पुलिस
मामला केवल दो आरोपियों तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था, पुलिस इसकी जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दवाओं के कूटरचित रैपर कहां से तैयार कराए जाते थे, एक्सपायरी दवाएं आरोपियों को कहां से मिलती थीं और इन्हें खाड़ी देशों तक पहुंचाने में किन लोगों की भूमिका थी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इससे पहले कितनी मात्रा में दवा को इसी तरह तैयार कर बेचा जा चुका है।
मामला केवल दो आरोपियों तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था, पुलिस इसकी जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दवाओं के कूटरचित रैपर कहां से तैयार कराए जाते थे, एक्सपायरी दवाएं आरोपियों को कहां से मिलती थीं और इन्हें खाड़ी देशों तक पहुंचाने में किन लोगों की भूमिका थी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इससे पहले कितनी मात्रा में दवा को इसी तरह तैयार कर बेचा जा चुका है।