20 साल पुराना मामला: अदालत ने 36 आरोपियों पर दोष किया सिद्ध, सजा के लिए 24 को होगी सुनवाई
Muzaffarnagar News : मुजफ्फरनगर में 20 साल पुराने मामले में अदालत ने 36 आरोपियों पर दोष सिद्ध किया है। अब सजा के लिए 24 अगस्त को सुनवाई होगी।
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मुजफ्फरनगर में सिविल लाइन थाना क्षेत्र के महमूदनगर में 20 साल पहले पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमले के मामले में 36 अभियुक्तों पर दोष सिद्ध हो गया है। वारदात में तत्कालीन एसपी सिटी अरुण कुमार गुप्ता, सीओ दिनेश कुमार समेत अन्य पुलिसकर्मी घायल हुए थे। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह ने सुनवाई की। सजा के प्रश्न पर 24 अगस्त को सुनवाई होगी।
शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव शर्मा और सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी परविंद्र ने बताया कि 14 फरवरी 2003 को महमूद नगर में जाकिर सभासद और उस्मान प्रधान पक्ष के बीच झगड़े में साजिद की मौत हो गई थी। इसके बाद भीड़ ने पुलिस पर हमला बोल दिया था। तत्कालीन एसपी सिटी, सीओ सिटी, सिविल लाइन थाना प्रभारी बलजीत सिंह और एसआई रामदास घायल हुए थे। एसओ ने 62 लोगों को नामजद और अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। सीबीसीआईडी ने मामले की जांच कर 50 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। ट्रायल के दौरान कई आरोपियों की मृत्यु हो गई।
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अदालत में हाजिर नहीं होने पर कुछ आरोपियों की पत्रावली अलग कर दी गई। मंगलवार को अदालत ने 36 आरोपियों पर जानलेवा हमले की धारा 307 के अलावा धारा 332, 353 और 149 आईपीसी में दोष सिद्ध किया है।
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शामली के ऊदल हत्याकांड में चचेरे भाई पर दोष सिद्ध
शामली के बनत कस्बे में छह साल पहले अंजाम दिए गए ऊदल हत्याकांड में चचेरे भाई पर दोष सिद्ध हो गया है। सजा के प्रश्न पर 24 अगस्त को सुनवाई होगी।
सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी परविंद्र ने बताया कि घर की बैठक के विवाद में नौ जुलाई 2017 को युवक ऊदल की उसके चचेरे भाई अमित उर्फ काला ने दिनदहाड़े चाकू मारकर हत्या कर दी थी। मृतक के पिता सूरता ने वारदात का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। प्रकरण की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-15 की पीठासीन अधिकारी दिव्या भार्गव ने की। वारदात में मंगलवार को अभियुक्त पर दोष सिद्ध हुआ। सजा के प्रश्न पर सुनवाई के लिए 24 अगस्त की तिथि तय की गई है।