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गंगा यात्रा की तैयारियां पूरी
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गंगा यात्रा की तैयारियां पूरी
मुजफ्फरनगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गंगा यात्रा की तैयारियों को प्रशासन ने अंतिम रूप दे दिया है। गंगा किनारे के गांवों में विभिन्न विभागों को जिम्मेदारियां भी सौंप दी गईं हैं। 11 विभाग मिलकर काम करेंगे और इन गांवों में जागरूकता की अलख जगाएंगे। प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। गंगा यात्रा के दिन यानि सोमवार को सभी गांवों में शिविरों का आयोजन ग्रामीणों को एक ही स्थान पर सभी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।
गंगा यात्रा 27 जनवरी को गंगा बैराज से शुरू होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। यात्रा की तैयारियों को लेकर अधिकारी लगे हुए हैं। गंगा यात्रा के कार्यक्रम के दौरान सुबह दस बजे बैराज पर गंगा पूजन एवं जनसभा होगी। दोपहर तीन बजे मुजफ्फरनगर जनपद के रामराज में जनसभा होगी। इसके बाद यात्रा हस्तिनापुर पहुंचेगी। बैराज से रामराज तक के करीब 22 किलोमीटर सड़क मार्ग के दोनों और साफ-सफाई के कार्य किए जा रहे हैं। पेड़ों पर रंगरोगन हो रहा है। इसके अतिरिक्त गंगा किनारे के गांवों में भी कार्यक्रम चल रहे हैं। गंगा किनारे के चिह्नित किए गए 14 गांवों में जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है। कृषि विभाग, गन्ना विभाग, उद्यान, पशुपालन, स्वास्थ्य, शिक्षा, वन, मत्स्य समेत 11 विभागों के अधिकारियों को कार्यक्रमों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। गंगा यात्रा के दिन इन गांवों में कैंप लगाए जाएंगे और ग्रामीणों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण दिया जाएगा। विभागों में संचालित योजनाओं से अवगत कराया जाएगा।
कानपुर में सीखे प्राकृतिक खेती के गुर
मुजफ्फरनगर। गंगा किनारे के गांवों में प्राकृतिक खेती के लिए किसानों को तैयार किया जा रहा है। इसके लिए कानपुर में किसानों को प्रशिक्षण दिया गया।
गंगा यात्रा के तहत गंगा किनारे के 14 गांवों को प्राकृतिक खेती के लिए चुना गया है। इन गांवों में 50-50 किसानों को समूह बनाकर प्राकृतिक खेती से जोड़ा जाएगा। इसके लिए गांव में 27 से 31 जनवरी तक प्रशिक्षण दिया जाएगा, लेकिन सात किसानों को कानपुर में भी प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण में 14 किसानों को जाना था. लेकिन सात ही जा पाए। उन्हें चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर में प्राकृतिक खेती के लिए प्रशिक्षित किया गया। बृहस्पतिवार को ये किसान प्रशिक्षण लेकर लौट आए। उपनिदेशक कृषि जसवीर तेवतिया ने बताया कि कड़ी दरियापुर के सुरेंद्र, मजलिसपुर तौफीर के साधुराम, भुवापुर के मोहनलाल, जलालपुर नीला के सुमरू, स्याली के नरेंद्र, रामराज के विपेंद्र तथा रामकुमार को प्रशिक्षण दिया गया है। ये किसान प्राकृतिक खेती की शुरुआत करेंगे।
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मुजफ्फरनगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गंगा यात्रा की तैयारियों को प्रशासन ने अंतिम रूप दे दिया है। गंगा किनारे के गांवों में विभिन्न विभागों को जिम्मेदारियां भी सौंप दी गईं हैं। 11 विभाग मिलकर काम करेंगे और इन गांवों में जागरूकता की अलख जगाएंगे। प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। गंगा यात्रा के दिन यानि सोमवार को सभी गांवों में शिविरों का आयोजन ग्रामीणों को एक ही स्थान पर सभी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।
गंगा यात्रा 27 जनवरी को गंगा बैराज से शुरू होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। यात्रा की तैयारियों को लेकर अधिकारी लगे हुए हैं। गंगा यात्रा के कार्यक्रम के दौरान सुबह दस बजे बैराज पर गंगा पूजन एवं जनसभा होगी। दोपहर तीन बजे मुजफ्फरनगर जनपद के रामराज में जनसभा होगी। इसके बाद यात्रा हस्तिनापुर पहुंचेगी। बैराज से रामराज तक के करीब 22 किलोमीटर सड़क मार्ग के दोनों और साफ-सफाई के कार्य किए जा रहे हैं। पेड़ों पर रंगरोगन हो रहा है। इसके अतिरिक्त गंगा किनारे के गांवों में भी कार्यक्रम चल रहे हैं। गंगा किनारे के चिह्नित किए गए 14 गांवों में जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है। कृषि विभाग, गन्ना विभाग, उद्यान, पशुपालन, स्वास्थ्य, शिक्षा, वन, मत्स्य समेत 11 विभागों के अधिकारियों को कार्यक्रमों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। गंगा यात्रा के दिन इन गांवों में कैंप लगाए जाएंगे और ग्रामीणों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण दिया जाएगा। विभागों में संचालित योजनाओं से अवगत कराया जाएगा।
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कानपुर में सीखे प्राकृतिक खेती के गुर
मुजफ्फरनगर। गंगा किनारे के गांवों में प्राकृतिक खेती के लिए किसानों को तैयार किया जा रहा है। इसके लिए कानपुर में किसानों को प्रशिक्षण दिया गया।
गंगा यात्रा के तहत गंगा किनारे के 14 गांवों को प्राकृतिक खेती के लिए चुना गया है। इन गांवों में 50-50 किसानों को समूह बनाकर प्राकृतिक खेती से जोड़ा जाएगा। इसके लिए गांव में 27 से 31 जनवरी तक प्रशिक्षण दिया जाएगा, लेकिन सात किसानों को कानपुर में भी प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण में 14 किसानों को जाना था. लेकिन सात ही जा पाए। उन्हें चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर में प्राकृतिक खेती के लिए प्रशिक्षित किया गया। बृहस्पतिवार को ये किसान प्रशिक्षण लेकर लौट आए। उपनिदेशक कृषि जसवीर तेवतिया ने बताया कि कड़ी दरियापुर के सुरेंद्र, मजलिसपुर तौफीर के साधुराम, भुवापुर के मोहनलाल, जलालपुर नीला के सुमरू, स्याली के नरेंद्र, रामराज के विपेंद्र तथा रामकुमार को प्रशिक्षण दिया गया है। ये किसान प्राकृतिक खेती की शुरुआत करेंगे।
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