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UP: मुजफ्फरनगर से जुड़े मानव तस्करी के तार, नौकरी के बहाने कंबोडिया बुलाकर दो भाइयों को चीन की कंपनी को बेचा
Tue, 13 Jan 2026 11:34 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Tue, 13 Jan 2026 11:34 AM IST
सार
Muzaffarnagar News: वसीम और उसके फुफेरे भाई मोइन को कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी के लिए बुलाया गया था। उनसे जबरन साइबर ठगी का काम कराया गया। पांच हजार डॉलर देने के बाद दोनों भाइयों को छोड़ा गया।
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अपराध। सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शाहपुर के गांव तावली निवासी वसीम व उसके फुफेरे भाई पुरबालियान निवासी मोइन को कंप्यूटर आपरेटर की नौकरी के लिए कंबोडिया भेजा गया। आरोप है कि वहां एजेंटों ने साइबर ठगी का काम करने वाली चाइना की कंपनी में काम करने के बहाने दोनों को बेच दिया। दोनों युवक पांच हजार डॉलर देने के बाद अपने घर लौटे।
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गांव तावली निवासी शहाबुद्दीन ने थाने पर तहरीर देते हुए बताया कि उसके गांव के एक युवक ने मुजफ्फरनगर निवासी साथी की मदद से उसके पुत्र वसीम व बहनोई के बेटे मोइन को कंबोडिया में कंप्यूटर आपरेटर की नौकरी लगवाने का झांसा देकर दो लाख बीस हजार रुपये ठग गए। दोनों युवकों को 20 दिसंबर को टूरिस्ट वीजा पर कंबोडिया भेजा गया। वहां उन्हें दो एजेंट मिले।
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आरोप है कि एजेंट दोनों युवकों को चाइना की एक कंपनी में काम के लिए ले गए। वहां उन्हें चीन की भाषा में नियुक्ति पत्र दिया गया। कंपनी में जाकर पता चला कि वहां पर साइबर ठगी का काम होता था। उनके नियुक्ति पत्र पर भी ठगी का काम करने के बारे में लिखा था। युवकों ने काम करने से इन्कार करते हुए वापस जाने के लिए कहा तो उन्हें बंधक बना लिया।
बताया कि उन्हें पांच हजार डॉलर में बेचा गया है। यह पैसा चुकाने के बाद ही वह जा सकते हैं। उन्हें बंधक बना लिया गया। वसीम ने व्हाट्सएप काल से अपने भाई अनीस को बताया। परिजनों ने कंबोडिया भेजने वाले एजेंटों से संपर्क किया तो उन्होंने ढाई लाख रुपये मांगे। रुपये देने के बाद एक एजेंट दोनों युवकों के एक रिश्तेदार हाजी इमरान को दोनों युवकों को वापस लाने के लिए कंबोडिया ले गया।
आरोप है कि वहां पर एजेंट धोखा देकर भाग गया। मगर बाद में संपर्क करने पर उसने चाइना की कंपनी के खाते में बाईनेस एप के माध्यम से पांच हजार डॉलर कंवर्ट कराकर जमा कराए। इसके बाद दोनों युवकों को छोड़ा गया। दोनों युवकों को दस जनवरी को घर लाया गया। परिजनों ने शाहपुर थाना पुलिस से रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। थाना पुलिस ने कहा कि जांच कर कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान भाकियू ब्लॉक अध्यक्ष जितेंद्र बालियान, रमेश मलिक, जिला पंचायत सदस्य सलीम अहमद सहित काफी भाकियू कार्यकर्ता व ग्रामीण मौजूद रहे।
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