Muzaffarnagar: अदालत ने दोषी पति को सुनाई आजीवन कारावास की सजा, पत्नी को बेरहमी से उतारा था मौत के घाट
Muzaffarnagar News : अदालत ने पत्नी की हत्या के मामले में दोषी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। बताया गया कि पति ने अपनी पत्नी को बेरहमी से मौत के घाट उतारा था।
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मुजफ्फरनगर में पांच साल पहले अतिरिक्त दहेज के लिए मुजाहिदपुर गांव में पत्नी की गला दबाकर हत्या के मामले में दोषी पति अरुण कुमार को अदालत ने आजीवन कारवास की सजा सुनाई। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (एफटीसी प्रथम) के पीठासीन अधिकारी निशांत सिंगला ने फैसला सुनाया।
सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी वीरेंद्र कुमार नागर ने बताया कि गाजियाबाद के भोजपुर निवासी सपना की शादी 17 फरवरी 2013 को रतनपुरी क्षेत्र के गांव मुजाहिदपुर निवासी अरुण के साथ हुई थी। सपना को अतिरिक्त दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। 19 जुलाई 2018 को पति-पत्नी के बीच झगड़ा हुआ। देर रात मकान की छत पर ले जाकर अरुण कुमार ने अपनी पत्नी सपना की गला घोंटकर हत्या कर दी। शोर-शराबा होने पर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी।
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मृतका के भाई पंकज कुमार ने वारदात का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया। प्रकरण की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (एफटीसी प्रथम) के पीठासीन अधिकारी निशांत सिंगला ने की। वारदात के दोषी पति को अदालत ने आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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ससुराल पक्ष को करनी होगी बच्चों को देखरेख
सहायक शासकीय अधिवक्ता वीरेंद्र कुमार नागर ने बताया कि अदालत ने मृतका के दोनों बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी ससुराल पक्ष को दी है। दोनों बच्चे अपने दादा के पास रह रहे हैं। अदालत ने आदेश दिए कि बच्चों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।