Muzaffarnagar: गवाह की हत्या में चाचा-भतीजे को आजीवन कारावास, रंजिश में की गई थी हत्या
दिनदहाड़े गवाह की हत्या के मामले में अदालत ने दोषी मुजफ्फरनगरी निवासी दो सगे भाइयों और उनके भतीजे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं अपहरण के मामले में भी तीन दोषियों को सात, सात वर्ष के कारावास की सजा का फैसला सुनाया गया है।
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मुजफ्फरनगर कचहरी में दिनदहाड़े गवाह की हत्या के मामले में दोषी दो सगे भाईयों और उनके भतीजे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-13 की पीठासीन अधिकारी मंजुला भालोटिया ने फैसला सुनाया।
सहायक शासकीय अधिवक्ता अमित कुमार त्यागी और प्रदीप शर्मा ने बताया कि शामली के बहावड़ी गांव की हत्या के मामले में 11 जुलाई 2013 को गवाह देवेंद्र कचहरी आया था। नल पर पानी पीने के दौरान हमलावरों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी थी।
वादी धर्मेंद्र कुमार ने आरोपी सगे भाई ओम सिंह व रणवीर सिंह और उनके भतीजे सगे भाई सौरभ व सागर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। ट्रायल के दौरान आरोपी सागर की पत्रावली अलग कर दी गई।
इसलिए की गई थी देवेंद्र की हत्या
मुजफ्फरनगर। बहावड़ी के प्रधान जितेंद्र की 25 जनवरी 2011 को शामली से कार में सवार होकर लौटने के दौरान गांव के पास ही हत्या कर दी गई थी। देवेंद्र इस वारदात में वादी और गवाह था। इसी रंजिश में आरोपियों ने उसकी कचहरी परिसर में हत्या कर दी थी।
अपहरण के मामले में तीन दोषियों को सात-सात साल का कारावास
मुजफ्फरनगर भोपा थाना क्षेत्र के गांव से किशोरी को बहला-फुसलाकर अपहरण के मामले में तीन दोषियों को सात साल कारावास की सजा सुनाई गई। विशेष सत्र न्यायालय पॉक्सो कोर्ट संख्या-एक के पीठासीन अधिकारी रितिश सचदेवा ने फैसला सुनाया।
विशेष लोक अभियोजक विक्रांत राठी और प्रदीप बालियान ने बताया कि छह फरवरी 2019 किशोरी बाजार में सामान लेने के लिए जा रही थी। इसी दौरान आरोपी बहला-फुसलाकर अपहरण कर लिया था। पीड़ित पक्ष ने मुकदमा दर्ज कराया। दुष्कर्म का भी आरोप लगाया गया था।
पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह पेश किए गए। दोषी छोटू, सुंदर व अभिषेक को धारा 366 में सात साल कारावास की सजा सुनाई गई है।