Muzaffarnagar: चोरी के मामले में एचआईवी पीड़ित को एक साल की सजा, परिवीक्षा पर छोड़ा, ये है पूरा मामला
Muzaffarnagar News : अदालत ने चोरी के मामले में एचआईवी पीड़ित को एक साल की सजा सुनाई है। लेकिन उसे परिवीक्षा पर छोड़ दिया गया। जानिए आखिर पूरा मामला क्या है।
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मुजफ्फरनगर में आर्य समाज रोड पर चोरी के दौरान मारपीट और आर्म्स एक्ट के मामले में दोषी को अदालत ने एक साल कारावास की सजा सुनाई। बचाव पक्ष ने बताया कि दोषी एचआईवी और टीबी पीड़ित है। अदालत ने धारा चार के अंतर्गत दोषी को परिवीक्षा पर छोड़ दिया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या पांच (गैंगस्टर एक्ट) के पीठासीन अधिकारी अशोक कुमार ने सुनवाई की।
सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अमित त्यागी ने बताया कि आर्य समाज रोड निवासी मदन लाल वर्मा ने प्रकरण का मुकदमा दर्ज कराया था। दो व्यक्ति उसके खाली प्लॉट में रखे जेनरेटर से सामान चोरी कर रहे थे। इस दौरान वह मौके पर पहुंचा तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और छुरी से घायल कर दिया। अपने बेटों की मदद से दोनों को पकड़ लिया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
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साल 2017 में एक आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके चलते उसकी पत्रावली अलग कर दी गई। दूसरे आरोपी के प्रकरण की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या पांच ने की। अदालत ने दोषी को धारा 324 में एक साल का साधारण कारावास और आर्म्स एक्ट में भी एक साल साधारण कारावास की सजा सुनाई।
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बचाव पक्ष ने अदालत में बताया कि दोषी एचआईवी और टीबी से ग्रस्त है। प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए अदालत धारा चार के अंतर्गत दोषी को परिवीक्षा पर छोड़ दिया। दोषी ने व्यक्तिगत बंध पत्र दिया कि जब उसे बुलाया जाएगा, वह हाजिर होगा।