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Muzaffarnagar: 43 साल से फरार था 10 हजार का इनामी, 70 साल की उम्र में पुलिस ने कैसे पकड़ा, जानकर चौंक जाएंगे
Thu, 10 Oct 2024 06:17 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Thu, 10 Oct 2024 06:17 PM IST
सार
इनाम 1981 में जमानत कराने के बाद से कोर्ट में पेश नहीं हो रहा था। कोर्ट ने उसे भगौड़ा घोषित कर दिया था। उस पर दस हजार रुपये का इनाम था।
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पकड़ा गया हिस्ट्रीशीटर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नई मंडी पुलिस ने 43 साल से पहचान छिपाकर रहने वाले हिस्ट्रीशीटर अपराधी इनाम (70) को गिरफ्तार किया है। कोर्ट ने उसके गैर जमानती वारंट जारी किए थे। फरारी के समय उसने अपनी पहचान छिपाकर दिल्ली में रहकर मजदूरी की। अब अपने परिजनों से मिलने के लिए आया तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उस पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
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एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत ने बताया कि खालापार थाने के मोहल्ला अबुपुरा निवासी हिस्ट्रीशीटर इनाम उर्फ बाला के खिलाफ 1981 में चोरी का मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने उसे व उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया था। तीनों आरोपी जमानत पर आ गए थे।
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इनाम 1981 में जमानत कराने के बाद से कोर्ट में पेश नहीं हो रहा था। कोर्ट ने उसे भगौड़ा घोषित कर दिया था। पुलिस ने उस पर दस हजार का इनाम घोषित किया था।
एसपी सिटी ने बताया कि आरोपी हिस्ट्रीशीटर फरारी के समय दिल्ली में पहचान छिपाकर मजदूरी करता था। कभी कभी घर भी आता था। कुछ माह पहले पुलिस ने उसे पकड़ा तो उसने अपने पिता का नाम गलत बता दिया, जिस कारण उसे छोड़ दिया गया था।
एसपी सिटी ने बताया कि आरोपी हिस्ट्रीशीटर फरारी के समय दिल्ली में पहचान छिपाकर मजदूरी करता था। कभी कभी घर भी आता था। कुछ माह पहले पुलिस ने उसे पकड़ा तो उसने अपने पिता का नाम गलत बता दिया, जिस कारण उसे छोड़ दिया गया था।
अब एक बार फिर वह परिजनों से मिलने के लिए आया तो कंपनी गार्डन के सामने सीएमएस आवास वाली गली से उसे पकड़ा गया। उसने पुलिस को गुमराह करने का भी प्रयास किया। तलाशी में उससे एक वोटर आइडी लिस्ट मिली तो उसमें उसका सही नाम मिला। तब पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उसने बताया कि वह दिल्ली में रहकर मजदूरी करता था। पहले उसका परिवार अबुपुरा में रहता था लेकिन वर्तमान में मोहल्ला कस्सावान में परिवार रहता है।