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Muzaffarnagar: जिले में थम नहीं रहा बुखार का कहर, कक्षा छह की छात्रा और CRPF के जवान की मौत
Sun, 05 Nov 2023 04:01 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Sun, 05 Nov 2023 04:01 PM IST
सार
मुजफ्फरनगर जिले में डेंगू का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। जिला चिकित्सालय में बनाए गए वार्ड में प्रत्येक बेड पर मरीज है।
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अस्पताल में भर्ती बुखार के मरीज।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुजफ्फरनगर जिले में डेंगू का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। पुरकाजी के गांव अब्दुलपुर में सीआरपीएफ के जवान और जानसठ में कक्षा छह की छात्रा की मौत हो गई। दोनों जगह गम का माहौल है।
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स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय में बनाए गए वार्ड में प्रत्येक बेड पर मरीज है। तापमान में गिरावट के बावजूद अभी तक मरीजों की संख्या कम नहीं हुई है। जानसठ के मोहल्ला काजियान नई बस्ती के रहने वाले दिलशाद की 11 वर्षीय पुत्री खुशनसीब कक्षा 6 में पढ़ती थी।
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छात्रा पिछले तीन दिन से बुखार से पीड़ित थी। परिजनों ने छात्रा को बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। रविवार को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों ने गमगीन माहौल में छात्रा के शव को सुपुर्दे खाक किया।
पुरकाजी के गांव अब्दुलपुर निवासी मनोज कुमार(42) वर्ष 2005 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। एक साल से त्रिपुरा में तैनात था। 16 अक्तूबर को अपनी माता के निधन के बाद वह अपने घर आए थे। इसके बाद 22 अक्तूबर को मनोज कुमार बुखार हो जाने पर परिजनों ने पुरकाजी के एक प्राइवेट डॉक्टर के पास उपचार कराया। परिजनों के अनुसार डेंगू बुखार की पुष्टि होने पर पहले मुजफ्फरनगर और फिर आनंद अस्पताल मेरठ में भर्ती कराया था।
वहां पर भी तबीयत में सुधार नहीं होने उनकी मौत हो गई। मेरठ से आरएएफ के कमाडेंट अपनी टीम के साथ उनके घर पहुंचे और सम्मान के साथ मनोज कुमार का उनका अंतिम संस्कार किया गया। मृतक के परिवार में उनकी पत्नी ममता, 12 वर्ष की पुत्री प्राची और 10 वर्ष का पुत्र मनीष है।
पुरकाजी के गांव अब्दुलपुर निवासी मनोज कुमार(42) वर्ष 2005 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। एक साल से त्रिपुरा में तैनात था। 16 अक्तूबर को अपनी माता के निधन के बाद वह अपने घर आए थे। इसके बाद 22 अक्तूबर को मनोज कुमार बुखार हो जाने पर परिजनों ने पुरकाजी के एक प्राइवेट डॉक्टर के पास उपचार कराया। परिजनों के अनुसार डेंगू बुखार की पुष्टि होने पर पहले मुजफ्फरनगर और फिर आनंद अस्पताल मेरठ में भर्ती कराया था।
वहां पर भी तबीयत में सुधार नहीं होने उनकी मौत हो गई। मेरठ से आरएएफ के कमाडेंट अपनी टीम के साथ उनके घर पहुंचे और सम्मान के साथ मनोज कुमार का उनका अंतिम संस्कार किया गया। मृतक के परिवार में उनकी पत्नी ममता, 12 वर्ष की पुत्री प्राची और 10 वर्ष का पुत्र मनीष है।