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UP: 24 साल बाद चार आरोपियों को सात-सात की सजा, किसान पर जानलेवा हमले का है मामला
Sat, 21 May 2022 07:11 PM IST
कपिल kapil
अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
Published by: कपिल kapil
Updated Sat, 21 May 2022 07:11 PM IST
सार
किसान पर जानलेवा हमला करने के मामले में 24 साल बाद तीन सगे भाइयों समेत चार आरोपियों को सात-सात साल की सजा सुनाई गई है।
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अदालत।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
मुजफ्फरनगर में जानसठ क्षेत्र के पिमौड़ा गांव में जमीनी रंजिश में 24 साल पहले किसान पर किए गए जानलेवा हमले में तीन सगे भाइयों समेत चार अभियुक्तों को सात-सात साल की सजा सुनाई गई। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 के न्यायाधीश अनिल कुमार ने फैसला सुनाया।
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सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी कमल कुमार ने बताया कि पिमौड़ा गांव में जमीनी रंजिश को लेकर इसराइल और जहूर पक्ष का विवाद चला आ रहा था। सिविल कोर्ट ने इसराइल के पक्ष में फैसला किया। जमीन के विवाद में दूसरे पक्ष के लोगों ने इसराइल के भाई मुशर्रफ पुत्र रशीद अहमद पर 26 सितंबर 1998 को सुबह 11 बजे जानलेवा हमला कर दिया। परिजनों ने घायल को अस्पताल में भर्ती कराया।
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वहीं घायल की ओर से जहूर हसन, उसके बेटे रफी अख्तर, सलमान, फरमान और गांव के अब्दुल कलाम के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई के दौर जहूर हसन की मौत हो गई। अभियोजन पक्ष ने आठ गवाह पेश किए। अधिकतर गवाह पक्षद्रोही हो गए।
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इस मामले में शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 के न्यायाधीश अनिल कुमार ने चारों आरोपियों को सात-सात साल सजा और सात-सात हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
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