भाजपा नेता हत्याकांड: पूर्व चेयरमैन के घर कुर्की करने पहुंची पुलिस, पर बैरंग लौटे अफसर, जानें बड़ी वजह
मुजफ्फरनगर भाजपा नेता हत्याकांड : पुलिस बृहस्पतिवार को पूर्व चेयरमैन पारस जैन के घर कुर्की करने पहुंची। इस दौरान पुलिस को बैरंग ही लौटना पड़ा। जानिए पूरा मामला।
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मुजफ्फरनगर जनपद के खतौली में भाजपा नेता राजा वाल्मीकि हत्याकांड में पूर्व पालिका चेयरमैन पारस जैन की मुसीबत बढ़ती जा रही है। अदालत के आदेश पर बृहस्पतिवार को पुलिस उनकी संपत्ति की कुर्की करने पहुंची।
इसी बीच परिजनों ने अधिवक्ता को भेजकर मकान पारस जैन के नाम नहीं होने के प्रमाण दिए। इसके बाद पुलिस कुर्की किए बिना ही लौट गई। प्रकरण में पुलिस को आज अदालत में जवाब दाखिल करना है।
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न्यायालय को बताया था कि वादी राणा प्रताप के पिता नगर पालिका खतौली में कार्यरत रहे है। उन्होंने पारस जैन के खिलाफ दर्ज इलेक्शन पिटीशन में गवाही दी थी। इसी वजह से पारस जैन रंजिश रखते थे। विशेष एससी/एसटी कोर्ट के न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन पारस जैन को समन जारी कर आठ मार्च को कोर्ट में पेश होने के आदेश जारी किए थे। तब पारस जैन इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्थगन आदेश ले आए थे। बाद में हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया था।
इसके बाद पारस जैन के खिलाफ न्यायालय ने सीआरपीसी की 82 के बाद 83 की कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। इस आदेश के एक महीने बाद बृहस्पतिवार को कोतवाली पुलिस नया आबादी में उनकी संपत्ति कुर्क करने पहुंची। कुछ लोगों ने मकान को पारस जैन का बताया। पुलिस ने उस मकान के दरवाजे खोलने का प्रयास किया। गेट नहीं खुला तो उसे कटर से काटने का प्रयास किया गया। इसी दौरान पारस के परिजनों की ओर से एक अधिवक्ता माैके पर पहुंचे। उन्होंने वह मकान पारस जैन के पिता और दो चाचा के नाम बताते हुए कागजात दिखाए। इसके बाद पुलिस लौट गई।
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पारस जैन के खिलाफ की गई कार्रवाई से न्यायालय को अवगत कराया जाएगा। आगे की कार्रवाई न्यायालय के आदेश के बाद की जाएगी। आज अदालत में प्रकरण में सुनवाई की तारीख नियत है। - संजीव कुमार, प्रभारी निरीक्षक