फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Muzaffarnagar BJP leader murder case: Police reached at house of former chairman Paras Jain for attach

भाजपा नेता हत्याकांड: पूर्व चेयरमैन के घर कुर्की करने पहुंची पुलिस, पर बैरंग लौटे अफसर, जानें बड़ी वजह

Thu, 16 Feb 2023 07:23 PM IST
कपिल kapil संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर Published by: कपिल kapil Updated Thu, 16 Feb 2023 07:23 PM IST
सार

मुजफ्फरनगर भाजपा नेता हत्याकांड : पुलिस बृहस्पतिवार को पूर्व चेयरमैन पारस जैन के घर कुर्की करने पहुंची। इस दौरान पुलिस को बैरंग ही लौटना पड़ा। जानिए पूरा मामला।

विज्ञापन
Muzaffarnagar BJP leader murder case: Police reached at house of former chairman Paras Jain for attach
कुर्की की कार्रवाई करने पहुंची पुलिस। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विज्ञापन

मुजफ्फरनगर जनपद के खतौली में भाजपा नेता राजा वाल्मीकि हत्याकांड में पूर्व पालिका चेयरमैन पारस जैन की मुसीबत बढ़ती जा रही है। अदालत के आदेश पर बृहस्पतिवार को पुलिस उनकी संपत्ति की कुर्की करने पहुंची।

इसी बीच परिजनों ने अधिवक्ता को भेजकर मकान पारस जैन के नाम नहीं होने के प्रमाण दिए। इसके बाद पुलिस कुर्की किए बिना ही लौट गई। प्रकरण में पुलिस को आज अदालत में जवाब दाखिल करना है।

विज्ञापन
लगभग साढे़ पांच साल पहले भाजपा नेता राजा वाल्मीकि की होली चौक स्थित प्रतिष्ठान पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के मामले में मृतक के भाई राणा प्रताप ने राजू वाल्मीकि समेत तीन लोगों पर गोली मारने और खतौली के पूर्व पालिका चेयरमैन पारस जैन पर हत्याकांड की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच के दौरान पारस जैन को संलिप्ता से इंकार करते हुए उसका नाम निकाल दिया था। राजा वाल्मीकि पक्ष ने पुलिस की जांच को चुनौती देते हुए विशेष एससी/एसटी कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर पुलिस पर पारस जैन से साज करने का आरोप लगाया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: Meerut News Live: कड़ी निगरानी में शुरू हुई यूपी बोर्ड परीक्षाएं, एक्सप्रेस वे पर आग का गोला बनी कार

न्यायालय को बताया था कि वादी राणा प्रताप के पिता नगर पालिका खतौली में कार्यरत रहे है। उन्होंने पारस जैन के खिलाफ दर्ज इलेक्शन पिटीशन में गवाही दी थी। इसी वजह से पारस जैन रंजिश रखते थे। विशेष एससी/एसटी कोर्ट के न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन पारस जैन को समन जारी कर आठ मार्च को कोर्ट में पेश होने के आदेश जारी किए थे। तब पारस जैन इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्थगन आदेश ले आए थे। बाद में हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया था।

इसके बाद पारस जैन के खिलाफ न्यायालय ने सीआरपीसी की 82 के बाद 83 की कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। इस आदेश के एक महीने बाद बृहस्पतिवार को कोतवाली पुलिस नया आबादी में उनकी संपत्ति कुर्क करने पहुंची। कुछ लोगों ने मकान को पारस जैन का बताया। पुलिस ने उस मकान के दरवाजे खोलने का प्रयास किया। गेट नहीं खुला तो उसे कटर से काटने का प्रयास किया गया। इसी दौरान पारस के परिजनों की ओर से एक अधिवक्ता माैके पर पहुंचे। उन्होंने वह मकान पारस जैन के पिता और दो चाचा के नाम बताते हुए कागजात दिखाए। इसके बाद पुलिस लौट गई।


यह भी पढ़ें: Bigg Boss 16: अर्चना गौतम ने बनाई नई पहचान, 19 फरवरी को आएंगी मेरठ, पिता ने DIG को पत्र लिखकर की ये बड़ी मांग

 

पारस जैन के खिलाफ की गई कार्रवाई से न्यायालय को अवगत कराया जाएगा। आगे की कार्रवाई न्यायालय के आदेश के बाद की जाएगी। आज अदालत में प्रकरण में सुनवाई की तारीख नियत है। - संजीव कुमार, प्रभारी निरीक्षक

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed