मुजफ्फरनगर के जानसठ में हुए भीषण हादसे में एक मजूदर की मौत हो गई, जबकि तकरीबन 25 जिंदगियां मलबे में दब गईं। छह मजदूरों को घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बरेली के संतोष और कृष्णपाल की आंखों में अब तक भी हादसे का खौफ तैर रहा है।
कुछ देर तक सुन्न हो गया दिमाग
दोनों कहते हैं कि भगवान का शुक्र है कि वे बाल-बाल बच गए। हमने अपनी आंखों से दुकानों को नीचे धंसते और लिंटर गिरते देखा। खूब शोर मचाया। लिंटर गिरा तो हमारे होश उड़ गए। आसपास के लोग मौके की ओर दौड़े। कई मिनट तक दिमाग सुन्न सा हो गया, किसी को यह नहीं सूझा कि क्या करें। फिर पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में यहां मदद करने वालों की भी भीड़ जमा हो गई।
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हादसे में घायल मजदूर
- फोटो : अमर उजाला
बरेली के रहने वाले कृष्णपाल ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि चिनाई के लिए सीमेंट का मसाला बनाने के लिए वह दुकानों से बाहर निकलकर आया था। उसके पीछे संतोष भी लघुशंका करने आ गया। मसाला बनाने के दौरान मैने सिर उठाया तो दुकानें धंसती सी दिखी। खतरे का आभास हुआ।
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हादसे में बाल बाल बचे संतोष व कृष्णपाल
- फोटो : अमर उजाला
इस दौरान हम दोनों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। दुकानों के बाहर खड़ा एक-दो मजदूर हमारी आवाज सुनकर भाग गया। कुछ ही सेकेंड में लिंटर नीचे पड़ा था। धम से एक आवाज आई और हमारे होश उड़ गए। समझ ही नहीं आया कि क्या करें। अपने साथियों की चिंता हुई। हमारा तो दिल बैठ गया।
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मलबा हटाती हाईड्रा
- फोटो : अमर उजाला
हाईवे पर चल रहे रोलर की लग रही थी दलक
दोनों मजदूरों ने बताया कि लिंटर उठ चुका था। रविवार को चिनाई का काम चल रहा था। पास ही हाईवे पर चल रहे रोलर की दलक दिन में कई बाहर महसूस हुई। यही लग रहा है कि दलक के कारण दुकानों का लिंटर गिर गया।
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हादसे में घायल मजदूर
- फोटो : अमर उजाला
जानसठ क्षेत्र के तालडा मोड़ पर दुकानों का लिंटर गिरने से हुए हादसे के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया। एंबुलेंस और डॉक्टरों की टीम को मौके पर भेजा गया। एसीएमओ के अलावा खतौली और जानसठ सीएचसी से चिकित्सक पहुंचे। सीएमओ डॉ. महावीर सिंह फौजदार ने बताया कि घायलों को जिला अस्पताल और जानसठ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। टीम अलर्ट है।