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Muzaffarnagar News: सबूत मिटाने के आरोप में हत्यारोपी की पत्नी भी गिरफ्तार
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मुजफ्फरनगर। नई मंडी कोतवाली के मोहल्ला अग्रसेन विहार निवासी धर्मेंद्र हत्याकांड में जेल भेजे गए आरोपी रोहित की पत्नी विजुल को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उस पर घटना के बाद सबूत मिटाने का आरोप है। पुलिस तीसरे आरोपी रोहित के साले की भूमिका की जांच कर रही है।
सीओ मंडी रूपाली राव ने बताया कि आरोपी रोहित की पत्नी की भूमिका सबूत मिटाने में सामने आई है। घटना छह जुलाई की थी। उस समय वह स्कूल में गई थी। शाम को वापस आई। धर्मेंद्र का शव घर में दो दिन तक रखा रहा था। शव को घर से बाहर फेंकने तक वह घर पर ही रही थी। इस दौरान सबूत मिटाए गए। जांच पड़ताल के बाद महिला को गिरफ्तार किया गया है। शव मंसूरपुर क्षेत्र में फेंक कर आने वाले रेहड़ा चालक की तलाश की जा रही है।
अग्रसेन विहार निवासी ऑटो मोबाइल कंपनी का कैशियर धर्मेंद्र तीन लाख 64 हजार की रकम के साथ छह जुलाई को लापता हो गया था। उसका शव आठ जुलाई को मंसूरपुर क्षेत्र में जंगल में पड़ा मिला था। पुलिस ने मृतक के साथ पूर्व में कंपनी में काम करने वाले दोस्त वसुुंधरा कालोनी निवासी रोहित को गिरफ्तार किया था। उसने पुलिस को बताया था कि धर्मेंद्र को उसने उसके उधार के पांच हजार रुपये लौटाने के बहाने से बुलाकर उसकी हत्या कर दी थी। उसके पास मौजूद रकम अपने पास रख ली थी और शव को घर के बाहर बाथरूम में छिपा दिया था। बाद में रेहड़ा चालक को पचास हजार रुपये देकर शव जंगल में फिकवा दिया था। मृतक के चचेरे भाई अभिनव चौधरी ने रोहित, उसकी पत्नी विजुल व उसके साले के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। परिजनों ने एसएसपी से मिलकर अन्य दोनों आरोपियों की भी गिरफ्तारी की मांग की थी।
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सीओ मंडी रूपाली राव ने बताया कि आरोपी रोहित की पत्नी की भूमिका सबूत मिटाने में सामने आई है। घटना छह जुलाई की थी। उस समय वह स्कूल में गई थी। शाम को वापस आई। धर्मेंद्र का शव घर में दो दिन तक रखा रहा था। शव को घर से बाहर फेंकने तक वह घर पर ही रही थी। इस दौरान सबूत मिटाए गए। जांच पड़ताल के बाद महिला को गिरफ्तार किया गया है। शव मंसूरपुर क्षेत्र में फेंक कर आने वाले रेहड़ा चालक की तलाश की जा रही है।
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अग्रसेन विहार निवासी ऑटो मोबाइल कंपनी का कैशियर धर्मेंद्र तीन लाख 64 हजार की रकम के साथ छह जुलाई को लापता हो गया था। उसका शव आठ जुलाई को मंसूरपुर क्षेत्र में जंगल में पड़ा मिला था। पुलिस ने मृतक के साथ पूर्व में कंपनी में काम करने वाले दोस्त वसुुंधरा कालोनी निवासी रोहित को गिरफ्तार किया था। उसने पुलिस को बताया था कि धर्मेंद्र को उसने उसके उधार के पांच हजार रुपये लौटाने के बहाने से बुलाकर उसकी हत्या कर दी थी। उसके पास मौजूद रकम अपने पास रख ली थी और शव को घर के बाहर बाथरूम में छिपा दिया था। बाद में रेहड़ा चालक को पचास हजार रुपये देकर शव जंगल में फिकवा दिया था। मृतक के चचेरे भाई अभिनव चौधरी ने रोहित, उसकी पत्नी विजुल व उसके साले के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। परिजनों ने एसएसपी से मिलकर अन्य दोनों आरोपियों की भी गिरफ्तारी की मांग की थी।
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