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सनसनीखेज अध्याय समाप्त: पूरब और पश्चिम के माफिया के बीच सेतु था मुख्तार, पूरे प्रदेश में वसूलते थे गुंडा टैक्स

Fri, 29 Mar 2024 08:23 AM IST
कपिल kapil सचिन त्यागी, अमर उजाला, मेरठ
सचिन त्यागी, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Fri, 29 Mar 2024 08:23 AM IST
सार

Meerut News : बाहुबली मुख्तार अंसारी की मौत के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी अपराध का सनसनीखेज अध्याय समाप्त हो गया है। बताया गया कि मुख्तार से जुड़े गिरोह के माफिया पूरे प्रदेश में गुंडा टैक्स वसूलते थे।

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Mukhtar Ansari was bridge between mafia of East and West, used to collect goonda tax in entire state
मुख्तार अंसारी। - फोटो : amar ujala

विस्तार

उत्तर प्रदेश की बांदा जेल में बंद बाहुबली मुख्तार अंसारी की बृहस्पतिवार को मौत हो गई। उसकी मौत से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी अपराध का सनसनीखेज अध्याय समाप्त हो गया। दरअसल, मुख्तार अंसारी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई शातिर शूटरों का सरपरस्त माना जाता था। इसमें कुख्यात संजीव जीवा का नाम प्रमुखता से शामिल है।

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मुख्तार ने इन शूटरों का पूर्वी उत्तर प्रदेश के माफिया खासकर मुन्ना बजरंगी से गठजोड़ कराकर प्रदेश में अपराध का संगठित गैंग खड़ा कर दिया। इस गैंग ने फिल्मी स्टाइल में सनसनीखेज वारदातों को अंजाम दिया। इसमें विधायक कृष्णानंद राय की हत्या भी शामिल है। इन सब वारदात में मुख्तार अंसारी का वरदहस्त माना जाता रहा है। मुन्ना बजरंगी, संजीव जीवा मारे जा चुके हैं।

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मुख्तार अंसारी की मौत से पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अपराधियों की मजबूत कड़ी टूट गई। मुख्तार अंसारी का दायां हाथ माने जाने वाला मुन्ना बजरंगी प्रदेश के दोनों हल्कों के जरायमफरोशों से राब्ता रखता था। मुख्तार का वरदहस्त मिलने पर उसने पश्चिम के शातिर संजीव जीवा व सुनील राठी से दोस्ती कर खास नेटवर्क खड़ा कर लिया था। एक दशक पूर्व बने इस आपराधिक गठजोड़ ने पश्चिम के माफिया सरगना सुशील मूंछ के वजूद को भी चुनौती दे दी। दोनों के बीच काफी गैंगवार चली। जुलाई 2018 को बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी का कत्ल कर दिया गया।

दूसरी ओर अपराध जगत में उतरने के बाद संजीव जीवा ने अपराध का ककहरा हाईप्रोफाइल अपराधी रविप्रकाश से सीखा। रवि के माध्यम से ही उसने पूर्वी उत्तर प्रदेश में मुख्तार अंसारी गैंग तक अपनी पैठ बना ली। यहीं पर वह मुन्ना बजरंगी के संपर्क में आया। कृष्णानंद राय व ब्रह्मदत्त द्विवेदी की हत्या के बाद ये सभी पूर्वी उत्तर प्रदेश में सनसनी बन गए।

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बजरंगी और जीवा की हत्या से कट गए थे हाथ

बजरंगी की हत्या से पूर्वांचल की जरायम की दुनिया में हड़कंप मच गया था। जेल के भीतर बजरंगी की हत्या की बात सामने आते ही वाराणसी की सेंट्रल जेल में बंद चर्चित एमएलसी बृजेश सिंह के साथ ही पश्चिम की जेल में बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। इसके बाद मुख्तार की भी अपराध की रीढ़ टूट गई। कुछ माह पूर्व संजीव जीवा की भी हत्या कर दी गई। मुख्तार अंसारी खुद असहाय हो गया। बहरहाल, मुख्तार की मौत से प्रदेश में अपराध के सनसनी अध्याय समाप्त हो गया।

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पूरे प्रदेश में वसूलते थे गुंडा टैक्स

प्रदेश के व्यापारी और चिकित्सक बजरंगी गिरोह को हर महीने गुंडा टैक्स देते थे। कारोबारियों से खासी वसूली होती थी। बिल्डरों से बजरंगी गिरोह का इन दिनों खासा जुड़ाव था। बजरंगी के गुर्गे विवादित जमीन पर कब्जा करते और सस्ती कीमत पर बिल्डरों को जमीन उपलब्ध कराते। अपार्टमेंट तैयार होने के बाद कुछ फ्लैट बजरंगी के खाते में आ जाते थे। इनका आपराधिक क्षेत्र उत्तराखंड तक फैला था।

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