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धर्म की रक्षा करना नैतिक कर्तव्य : ब्रह्म स्वरूप
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भागवत कथा समापन समारोह का आयोजन
संवाद न्यूज़ एजेंसी
मोरना। महामंडलेश्वर स्वामी अवधूत ब्रह्म स्वरूप महाराज ने कहा दुनिया में धर्म युद्ध छिड़ा है। अपने धर्म की रक्षा करना नैतिक कर्तव्य होना चाहिए। मानवता सेवा श्रेष्ठ धर्म है। इतिहास गवाह है, अपनी संस्कृति और धर्म बचाने के लिए संत महात्माओं वह राजाओं ने धर्म युद्ध लड़ा।
शुकतीर्थ स्थित श्री संत मंडल आश्रम के संस्थापक ब्रह्मलीन श्यामानंद महाराज की समाधि स्थल पर आयोजित भागवत कथा समापन समारोह हुआ। भागवत कथा व्यास अवध बिहारी पांडे ने कहा कि संत समागम धर्म का प्रतीक है। आश्रम महंत स्वामी विचार आनंद महाराज ने कहा गुरु श्यामानंद महाराज ने हमेशा गरीब असहाय लोगों को सहारा दिया। गौ सेवा को अपना धर्म मानते थे।
ब्रह्मलीन स्वामी रामानंद महाराज की प्रतिमा पर स्वामी कुबेरानंद सरस्वती फुल गिरी महाराज, सत्यानंद रवि गिरी, ज्ञानानंद शंकर दास, गोपालानंद कपिल आनंद गीतानंद, प्रधान योगेश चौहान, मोहन चौहान महेंद्र चौहान ने पूजन किया। इस मौके पर अमित राठी, सत्यवीर वर्मा, कांशीराम, सतवीर सिंह, गुलवीर राठी, ऋषि पाल मौजूद रहे।
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मोरना। महामंडलेश्वर स्वामी अवधूत ब्रह्म स्वरूप महाराज ने कहा दुनिया में धर्म युद्ध छिड़ा है। अपने धर्म की रक्षा करना नैतिक कर्तव्य होना चाहिए। मानवता सेवा श्रेष्ठ धर्म है। इतिहास गवाह है, अपनी संस्कृति और धर्म बचाने के लिए संत महात्माओं वह राजाओं ने धर्म युद्ध लड़ा।
शुकतीर्थ स्थित श्री संत मंडल आश्रम के संस्थापक ब्रह्मलीन श्यामानंद महाराज की समाधि स्थल पर आयोजित भागवत कथा समापन समारोह हुआ। भागवत कथा व्यास अवध बिहारी पांडे ने कहा कि संत समागम धर्म का प्रतीक है। आश्रम महंत स्वामी विचार आनंद महाराज ने कहा गुरु श्यामानंद महाराज ने हमेशा गरीब असहाय लोगों को सहारा दिया। गौ सेवा को अपना धर्म मानते थे।
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ब्रह्मलीन स्वामी रामानंद महाराज की प्रतिमा पर स्वामी कुबेरानंद सरस्वती फुल गिरी महाराज, सत्यानंद रवि गिरी, ज्ञानानंद शंकर दास, गोपालानंद कपिल आनंद गीतानंद, प्रधान योगेश चौहान, मोहन चौहान महेंद्र चौहान ने पूजन किया। इस मौके पर अमित राठी, सत्यवीर वर्मा, कांशीराम, सतवीर सिंह, गुलवीर राठी, ऋषि पाल मौजूद रहे।
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