मिशन 2027: अखिलेश ने बुढ़ाना-सिवालखास समेत सीटों पर साधा फोकस, जाट युवाओं से संवाद की तैयारी
यूपी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सपा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट समाज के बीच संवाद बढ़ा रही है। लखनऊ के किसान सम्मेलन में अखिलेश यादव ने जाट युवाओं से बातचीत की और बुढ़ाना, सिवालखास, शामली समेत कई सीटों को लेकर मंथन किया।
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विधानसभा चुनाव 2027 के लिए सियासी दिग्गज पहले चरण वाले पश्चिम उत्तर प्रदेश की नब्ज टटोल रहे हैं। पीडीए के साथ आगे बढ़ रही समाजवादी पार्टी की नजर रालोद के हिस्से वाले जाट वोट बैंक पर भी है। लखनऊ में बुलाए किसान सम्मेलन में नब्बे फीसदी से ज्यादा जाट शामिल रहे। पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने जेन-जी के दायरे में आने वाले समाज के युवाओं से अलग-अलग बात कर माहौल को भांपने का प्रयास भी किया है।
साल 2022 का विधानसभा चुनाव सपा ने रालोद के साथ गठबंधन में लड़ा और पश्चिम में बड़ी कामयाबी हासिल की। शामली में भाजपा का सफाया हुआ और मुजफ्फरनगर में सिर्फ सदर और खतौली सीट ही भाजपा बचा सकी। बाद में हुए उपचुनाव में खतौली सीट भी भाजपा के हाथ से फिसल गई थी।
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लोकसभा चुनाव 2024 में रालोद अलग हुआ लेकिन जाट बेल्ट की मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट सपा ने जीतकर दबदबा दिखाया। साइकिल पर सवार हुए हरेंद्र मलिक की संसद में बहुप्रतीक्षित एंट्री के साथ संगठन में भी उनका कद बढ़ाया गया।
इंडिया गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठकों में पूर्व सीएम ने उन्हें अपना प्रतिनिधि बनाकर जाट समाज को संदेश देने का प्रयास किया है। अब 2027 के चुनाव के लिए नए सिरे से तैयारी चल रही है।
ऐसे में सपा मुखिया ने जाटों के प्रभाव वाली नकुड़, रामपुर मनिहारन, शामली, थानाभवन, बुढ़ाना, चरथावल, मीरापुर, सरधना, सिवालखास, मेरठ कैंट, मोदीनगर, लोनी, छपरौली, बड़ौत, मुरादनगर, शिकारपुर, अनूपशहर, स्याना, खैर, इगलास, शादाबाद, फतेहपुर सीकरी, मांट, बलदेव, छाता, गोवर्धन, बिजनौर सदर, चांदपुर, कांठ, नौगांवा, हापुड़, गढ़ समेत अन्य सीटों के लिए सियासी फार्मूला बनाना शुरू कर दिया है। लखनऊ में बुलाए गए सम्मेलन में जाटों के साथ संवाद कर समन्वय का प्रयास हुआ।
चालीस साल की उम्र तक के युवाओं से पूर्व सीएम ने अलग से बात की और भविष्य की रणनीति में शामिल करने के लिए एक कदम बढ़ाया है। दावेदारों ने टिकट भी मांगा, जिसका फैसला भविष्य में होगा।
किसानों की राजधानी सिसौली से लखनऊ गए रोहित बालियान, अभिषेक बालियान और राहुल कहते हैं कि पूर्व सीएम का विजन स्पष्ट है। संवाद बेहद सकारात्मक रहा है।
पश्चिम में भाजपा नहीं रालोद के खिलाफ मोर्चा
समाजवादी पार्टी ने अभी तक पश्चिम के लिए जो रणनीति दिखाई है, उसमें निशाने पर रालोद रहा। पूर्व सीएम अखिलेश यादव और केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत सिंह के बीच सियासी बयानबाजी से माहौल खूब गरमाया। साफ होने लगा कि सपा पहले चरण में अपनी हर चाल भाजपा के बजाए रालोद की रणनीति के हिसाब से रखने की तैयारी में है।
इन मामलों में की एक्स पर पोस्ट
शामली के मॉडल अंकित बालियान के अलावा पुरकाजी के हरैंटी के रोहन राठी की हत्या के मामले में भी पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट की थी। पश्चिम के सामाजिक ताने-बाने को लेकर भी कई पोस्ट की गई है।
चर्चा के केंद्र में आई इनसे हुई मुलाकात
बुढ़ाना विधानसभा सीट से टिकट के दावेदार अभिषेक बालियान, गोयला के वीरेंद्र प्रधान, बागपत के माखर गांव के रजत सोलंकी, मेरठ के सम्राट मलिक, गौरव चौधरी, हापुड़ के नितिन बाना समेत अन्य युवाओं से की मुलाकात भविष्य की राजनीति का हिस्सा है।