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गड्ढों में गुम हुई सड़क, चलना हुआ मुश्किल

Sat, 02 Jun 2018 12:07 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर।
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर। Updated Sat, 02 Jun 2018 12:07 AM IST
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Missing road in pits, walking difficult
problem - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
चरथावल। मुख्यमंत्री योगी सरकार का एक साल से ज्यादा का वक्त बीत चुका है। अभी तक चुनाव के वक्त मुजफ्फरनगर से थानाभवन सड़क मार्ग के निर्माण का वादा पूरा नहीं हो पाया है। 10 किलोमीटर तक गड्ढों में सड़क ढूंढनी पड़ती है। सफर की मुश्किलों से ज्यादा दुर्घटना से बचने पर ध्यान रहता है। चरथावल विधानसभा क्षेत्र के विकास की लाइफ लाइन यह सड़क कब बनेगी, ग्रामीण सवाल कर थक चुके हैं।  
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चरथावल से बिरालसी तक का सड़क मार्ग पूरी तरह टूट चुका है। गड्ढों में सफर के लिए सड़क तलाशनी पड़ती है। बीते दो साल में यह सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। उबड़ खाबड़ सड़क पर वाहनों के आवागमन के वक्त टूटी हुई रोड़ी राहगीरों और दुपहिया वाहन चालकों को जख्मी कर रही है। गड्ढों में फंसकर आए दिन बस, कार और अन्य वाहन खराब हो रहे हैं। यह अकेला सड़क मार्ग है, जो चरथावल कस्बे के विकास से जुड़ा है।
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सहारनपुर, शामली और मुजफ्फरनगर पहुंचने की मुख्य सड़क है। राजस्थान और हरियाणा से वाया शामली तीर्थयात्रियों की बसें इसी मार्ग से हरिद्वार, ऋषिकेश जाती है। सड़क की खस्ता हालत से आर्थिक दिक्कतें बढ़ गई है। ग्रामीणों का व्यापार कम हो गया है। घरेलू सामान की आपूर्ति गांव में करने से वाहन चालक कतराते है। यहां से लकड़ी की आपूर्ति हरियाणा के यमुनानगर तक होती है। भट्ठा उद्यमियों को परेशानी है, क्योंकि ईंटों की आपूर्ति उत्तराखंड में करना मुश्किल हो गया है। सड़क मार्ग से सीधे 24 से ज्यादा गांव जुड़े हैं।
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कस्बे और शहर में पढ़ रहे युवाओं के लिए समय से स्कूल पहुंचना कठिन है। रोगियों और प्रसूत महिलाओं को कठिनाई का सामना करना पड़ता है। क्षेत्र के विकास में बाधा बनी सड़क को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्राम प्रधान के पति बिरालसी मोहन सिंह, नगलां राई नफीस, बलवाखेड़ी प्रधान अनिल सिंह और पीपलशाह प्रधान प्रदुमन पुंडीर ने बताया कि                          रात में सड़क पर चलना खतरे का संकेत बन गया है। सड़क नहीं बनने से गांव की उन्नति और जनजीवन प्रभावित हो रहा है। बताते चलें कि कांवड़ यात्रा के समय कई प्रांतों के वाहनों के लिए यह सड़क वैकल्पिक मार्ग के रूप में प्रयोग होती है।


बढ़ी दुर्घटनाएं, पुलिस परेशान
चरथावल। जर्जर सड़क की वजह से परेशान थाना प्रभारी विंध्याचल तिवारी ने एसएसपी को लिखित में  पत्र देकर चरथावल से बिरालसी तक की टूटी सड़क बनवाने का प्रस्ताव दिया। एसएसपी ने डीएम को स्थिति से अवगत कराया, तब दो दिन पहले चरथावल से नगलां राई, अकबरगढ़ तक गड्ढे भरने का काम शुरू हुआ। गड्ढों को भरने में गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।



 
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