{"_id":"5fe4e0338ebc3e3b9a5e09fa","slug":"minister-of-state-kapil-dev-agarwal-arrived-in-the-story-of-morari-bapu-muzaffarnagar-news-mrt5172559146","type":"story","status":"publish","title_hn":"वैराग्य और त्याग जहां, परमपिता का निवास वहां: मोरारी बापू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वैराग्य और त्याग जहां, परमपिता का निवास वहां: मोरारी बापू
विज्ञापन
शुकतीर्थ कथा के दौरान बापू से आर्शीवाद लेते मंत्री कपिल देव अग्रवाल।
- फोटो : KHATAULI
वैराग्य और त्याग जहां, परमपिता का निवास वहां: मोरारी बापू
मोरना (मुजफ्फरनगर)। कथावाचक मोरारी बापू की आंखें श्रीराम कथा का मार्मिक वर्णन सुनाते हुए छलक उठीं। कथा सुनकर भक्त भी अपने आंसू रोक नहीं पाए। कथा वाचक ने कहा कि वैराग्य और त्याग जिस परिवार में होता है, वहां सदा परमपिता निवास करते हैं। वेद धर्म के पालक हैं, परमात्मा के सामने हमेशा मस्तक झुकाओ। आश्रित की पीड़ा को तोड़ने वाला परमात्मा है। इससे पहले, मोरारी बापू से मिलने के लिए दूरदराज से श्रद्धालु पहुंचे। प्रदेश के कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने भी उनका आशीर्वाद लिया।
बृहस्पतिवार को शुकतीर्थ गंगा तट पर छठे दिन श्रीराम कथा की अमृत वर्षा करते हुए कथा मर्मज्ञ मोरारी बापू ने कहा कि राजा परीक्षित जैसे महान श्रोता को शुकदेव जी महाराज ने यहां भागवत कथा सुनाई। इस पावन धरा को मेरा शत शत प्रणाम। संबंध कोई भी हो नाम के कारण नहीं आत्मा से प्रेम किया जाता है। पिता-पुत्र, पति -पत्नी, मित्र-मित्र से संबंधों के कारण प्रेम नहीं करता, अपितु आत्मा के प्रेम के कारण करता है। रामायण पोषण की कथा है। रामचरित्र मानस सर्व तीर्थो का भ्रमण कराती है। किसी भी चीज की अति हो जाए तो वह विनाश की ओर ले जाती है। एक गुण दूसरे गुणों में प्रवेश कर लेता है। सत्य, प्रेम व भक्ति का दृढ़ आसरा करें। राम कथा सर्ग विसर्ग एवं स्थान की कथा है। वाणी शुद्ध एवं प्रसन्नता के साथ होनी चाहिए।
कथावाचक मोरारी बापू ने कहा कि सरस्वती के दो अर्थ हैं पहला वीणा पुस्तक दायिनी, दूसरा अर्थ स्त्री अर्थात पत्नी। वाणी ऐसी हो जो कि दुश्मन के हृदय में प्रसन्नता भर देें, बुरे कानों में शहद घोल दे वह वाणी है। वह साक्षात सरस्वती होती है, जिस घर में ऐसी स्त्री हो वह ब्रह्मांड बन जाता है।
विज्ञापन
श्रीकृष्ण भगवान ने गोवर्धन पर्वत को एक अंगुली पर उठा लिया था, यह गोकुलवासियों को विश्वास था। शालीनता, गुण सागर के समान है। काम, क्रोध, लोभ नरक द्वार है। धर्म विरुद्ध अतिशय हो जाए, तो वह भी नरक का भागी बनता है। जहां तक हो सके अति से बचे। खाना परोसने की पद्धति परिवार की पहचान कराती है। गंगा हमारी है, संग्रह करना अच्छा है, लेकिन अति बुरी है। संसार को विकसित करने के लिए काम की जरूरत है। छह बातों में क्रोध न करे तो बेहतर हैं, जागते, बोलते, सोते, खाते, भजन और कथा सुनते हुए। शुकदेव जी ने जब कथा सुनाई तो गणेश भगवान स्वयं मृदंग बजाने आए, गंधर्व किन्नर, देव सहित गंगा ने मौका मिलते उछाल मारकर शुकदेव के चरण स्पर्श किए। अपने दिमाग में असुर को प्रवेश न करने दें। पिता अगर घर से बाहर जाए तो कड़वे वचन न बोले। घर में आए मंत्रोच्चारण के साथ प्रवेश करेंगे तो अवश्य मंगल होगा। वेद धर्म के पालक हैं, परमात्मा के सामने हमेशा मस्तक झुकाओ। आश्रित की पीड़ा को तोड़ने वाला परमात्मा है। वैराग्य और त्याग जिस परिवार में होता वहां सदा परमपिता निवास करते हैं।
घने कोहरे में भी भक्त पहुंचे
मोरना। शुकतीर्थ की पावन धरा पर नौ दिवसीय श्रीराम कथा को सुनने के लिए दिल्ली, मुंबई, राजस्थान , पंजाब, हरियाणा, गुजरात, उत्तराखंड सहित उत्तर प्रदेश के अनेकों शहरों व ग्रामीण अंचल से भक्तों का आना लगातार जारी है। पश्चिम विहार दिल्ली से आए ईश, हितेश व पीतमपुरा से आए शुकदेव सरदार, राजेंद्र , वृद्ध महिला पुष्पा देवी, सुदर्शन सिंह ने बताया कि सवेरे घने कोहरे के बीच शुकतीर्थ आने के लिए चले। कई बार कार टकराते टकराते हुए बचे। भागवत जन्म स्थली पहुंचने पर संतोष व्यक्त कर कथा का आनंद लिया।
चालीस साल से साथ है संगीत मंडली
मोराना। मोरारी बापू की कथाओं में उनकी संगीत मंडली अपने संगीत और गायकी से भक्तों को झूूमने पर मजबूर कर देती है। शालुन भाई जब अपने शहनाई से मंत्रमुग्ध करते हैं। बेंजो बजाने के उस्ताद दिवेश गिरि जब अपनी अंगुलियों को नचाते हैं, तो पंडाल में बैठे श्रद्धालु भी नाचने को मजबूर हो जाते हैं। रमेश चंद्राराष्टृ उम्रदराज हो चुके हैं, लेकिन हारमोनियम से निकलती मनोहरी धुन लंबे अनुभव को स्वयं बयान कर देती है। पंकज भरू सूरत से हैं, तबले से साथ चौपाई गाने को बेहतरीन कार्य करते चले आ रहे है। हरीशचंद जोशी भावनगर, कीर्ति हिंबानी व दिलवार समा मंजीरा और गायन प्रस्तुत करने में माहिर है। बीते 40 साल से यह मंडली बापू की कथाओं से जुड़ी है।
15 देशों में कथा कर चुके बापू
मोराना। कथा मर्मज्ञ मोरारी बापू अब तक 852 कथाओं में अपने श्रीमुख हरिनाम का बखान कर चुके हैं। कैलाश मान सरोवर में तीन बार, बद्रीनाथ, गंग्रोत्री, केदारनाथ चारों तीर्थधाम में कथा सुना चुके हैं। गुजरात के सूरत शहर में वीर जवान टृस्ट के लिए कथा के दौरान 175 करोड़ का फंड शहीद परिवारों के रहन सहन के लिए प्रदान किए। वहीं, बापू अभी तक 15 देशों में कथा कर चुके हैं।
विज्ञापन
मोरना (मुजफ्फरनगर)। कथावाचक मोरारी बापू की आंखें श्रीराम कथा का मार्मिक वर्णन सुनाते हुए छलक उठीं। कथा सुनकर भक्त भी अपने आंसू रोक नहीं पाए। कथा वाचक ने कहा कि वैराग्य और त्याग जिस परिवार में होता है, वहां सदा परमपिता निवास करते हैं। वेद धर्म के पालक हैं, परमात्मा के सामने हमेशा मस्तक झुकाओ। आश्रित की पीड़ा को तोड़ने वाला परमात्मा है। इससे पहले, मोरारी बापू से मिलने के लिए दूरदराज से श्रद्धालु पहुंचे। प्रदेश के कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने भी उनका आशीर्वाद लिया।
बृहस्पतिवार को शुकतीर्थ गंगा तट पर छठे दिन श्रीराम कथा की अमृत वर्षा करते हुए कथा मर्मज्ञ मोरारी बापू ने कहा कि राजा परीक्षित जैसे महान श्रोता को शुकदेव जी महाराज ने यहां भागवत कथा सुनाई। इस पावन धरा को मेरा शत शत प्रणाम। संबंध कोई भी हो नाम के कारण नहीं आत्मा से प्रेम किया जाता है। पिता-पुत्र, पति -पत्नी, मित्र-मित्र से संबंधों के कारण प्रेम नहीं करता, अपितु आत्मा के प्रेम के कारण करता है। रामायण पोषण की कथा है। रामचरित्र मानस सर्व तीर्थो का भ्रमण कराती है। किसी भी चीज की अति हो जाए तो वह विनाश की ओर ले जाती है। एक गुण दूसरे गुणों में प्रवेश कर लेता है। सत्य, प्रेम व भक्ति का दृढ़ आसरा करें। राम कथा सर्ग विसर्ग एवं स्थान की कथा है। वाणी शुद्ध एवं प्रसन्नता के साथ होनी चाहिए।
विज्ञापन
कथावाचक मोरारी बापू ने कहा कि सरस्वती के दो अर्थ हैं पहला वीणा पुस्तक दायिनी, दूसरा अर्थ स्त्री अर्थात पत्नी। वाणी ऐसी हो जो कि दुश्मन के हृदय में प्रसन्नता भर देें, बुरे कानों में शहद घोल दे वह वाणी है। वह साक्षात सरस्वती होती है, जिस घर में ऐसी स्त्री हो वह ब्रह्मांड बन जाता है।
विज्ञापन
श्रीकृष्ण भगवान ने गोवर्धन पर्वत को एक अंगुली पर उठा लिया था, यह गोकुलवासियों को विश्वास था। शालीनता, गुण सागर के समान है। काम, क्रोध, लोभ नरक द्वार है। धर्म विरुद्ध अतिशय हो जाए, तो वह भी नरक का भागी बनता है। जहां तक हो सके अति से बचे। खाना परोसने की पद्धति परिवार की पहचान कराती है। गंगा हमारी है, संग्रह करना अच्छा है, लेकिन अति बुरी है। संसार को विकसित करने के लिए काम की जरूरत है। छह बातों में क्रोध न करे तो बेहतर हैं, जागते, बोलते, सोते, खाते, भजन और कथा सुनते हुए। शुकदेव जी ने जब कथा सुनाई तो गणेश भगवान स्वयं मृदंग बजाने आए, गंधर्व किन्नर, देव सहित गंगा ने मौका मिलते उछाल मारकर शुकदेव के चरण स्पर्श किए। अपने दिमाग में असुर को प्रवेश न करने दें। पिता अगर घर से बाहर जाए तो कड़वे वचन न बोले। घर में आए मंत्रोच्चारण के साथ प्रवेश करेंगे तो अवश्य मंगल होगा। वेद धर्म के पालक हैं, परमात्मा के सामने हमेशा मस्तक झुकाओ। आश्रित की पीड़ा को तोड़ने वाला परमात्मा है। वैराग्य और त्याग जिस परिवार में होता वहां सदा परमपिता निवास करते हैं।
घने कोहरे में भी भक्त पहुंचे
मोरना। शुकतीर्थ की पावन धरा पर नौ दिवसीय श्रीराम कथा को सुनने के लिए दिल्ली, मुंबई, राजस्थान , पंजाब, हरियाणा, गुजरात, उत्तराखंड सहित उत्तर प्रदेश के अनेकों शहरों व ग्रामीण अंचल से भक्तों का आना लगातार जारी है। पश्चिम विहार दिल्ली से आए ईश, हितेश व पीतमपुरा से आए शुकदेव सरदार, राजेंद्र , वृद्ध महिला पुष्पा देवी, सुदर्शन सिंह ने बताया कि सवेरे घने कोहरे के बीच शुकतीर्थ आने के लिए चले। कई बार कार टकराते टकराते हुए बचे। भागवत जन्म स्थली पहुंचने पर संतोष व्यक्त कर कथा का आनंद लिया।
चालीस साल से साथ है संगीत मंडली
मोराना। मोरारी बापू की कथाओं में उनकी संगीत मंडली अपने संगीत और गायकी से भक्तों को झूूमने पर मजबूर कर देती है। शालुन भाई जब अपने शहनाई से मंत्रमुग्ध करते हैं। बेंजो बजाने के उस्ताद दिवेश गिरि जब अपनी अंगुलियों को नचाते हैं, तो पंडाल में बैठे श्रद्धालु भी नाचने को मजबूर हो जाते हैं। रमेश चंद्राराष्टृ उम्रदराज हो चुके हैं, लेकिन हारमोनियम से निकलती मनोहरी धुन लंबे अनुभव को स्वयं बयान कर देती है। पंकज भरू सूरत से हैं, तबले से साथ चौपाई गाने को बेहतरीन कार्य करते चले आ रहे है। हरीशचंद जोशी भावनगर, कीर्ति हिंबानी व दिलवार समा मंजीरा और गायन प्रस्तुत करने में माहिर है। बीते 40 साल से यह मंडली बापू की कथाओं से जुड़ी है।
15 देशों में कथा कर चुके बापू
मोराना। कथा मर्मज्ञ मोरारी बापू अब तक 852 कथाओं में अपने श्रीमुख हरिनाम का बखान कर चुके हैं। कैलाश मान सरोवर में तीन बार, बद्रीनाथ, गंग्रोत्री, केदारनाथ चारों तीर्थधाम में कथा सुना चुके हैं। गुजरात के सूरत शहर में वीर जवान टृस्ट के लिए कथा के दौरान 175 करोड़ का फंड शहीद परिवारों के रहन सहन के लिए प्रदान किए। वहीं, बापू अभी तक 15 देशों में कथा कर चुके हैं।