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Muzaffarnagar News: एक साल में तीन बार धंस गया मेरठ रोड
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जल निगम ने पाइप लाइन डालने के लिए खोदी थी यह सड़क
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। मेरठ रोड पर लोक निर्माण विभाग कार्यालय से लेकर सूजडू चुंगी तक का मार्ग एक साल में तीन बार धंस चुका है। बारिश के बाद सड़क धंसने के कारण बृहस्पतिवार को कर्मचारी मरम्मत के लिए पहुंच गए।
मेरठ रोड की जैन कन्या डिग्री कॉलेज एवं लोक निर्माण विभाग से सूजडू चुंगी तक की सड़क एक साल में तीन बार बनी बनाई धंस चुकी है। इस सड़क को पाइप लाइन डालने के लिए जल निगम ने खोदा था। विभाग का काम पूरा भी नहीं हुआ था कि कांवड़ यात्रा शुरू हो गई। आनन-फानन में प्रशासन ने सड़क को तैयार कराया। कांवड़ यात्रा के बीच में ही सड़क कई स्थानों पर नीचे धंस गई।
कुछ दिन काम चला तो इसी बीच सेना भर्ती शुरू हो गई। सेना भर्ती से ठीक पहले सड़क एक बार फिर से बनाई गई। गड्ढे दूर करते हुए पूरी सड़क को दोबारा बनाया गया। कुछ माह यह सड़क चली, लेकिन कई स्थानों पर बीच में ही धंस गई। इसी बीच जब पशु मेला लगाया गया तो एक बार फिर सड़क का निर्माण हुआ। इस प्रकार एक वर्ष में यह सड़क तीन बार बन गई। बारिश हुई उसमें कंपनी बाग और तहसील के सामने सड़क काफी नीचे धंस गई। प्रतिदिन हादसे होने लगे।
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खास बात यह है कि जिले के सभी आला अफसर इसी मार्ग से आते-जाते हैं। डीएम आवास भी इसी मार्ग पर है। 15 दिन जनता ने यहां परेशानी उठाई तब जाकर बृहस्पतिवार को सड़क के गड्ढे दूर किए जाने का कार्य शुरू हुआ। एडीएम प्रशासन नरेंद्र बहादुर ने बताया कि इस सड़क की जिम्मेदारी जल निगम की थी यह तीनों बार उसी ने बनाई है। अलग से कोई बजट जारी नहीं हुआ है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। मेरठ रोड पर लोक निर्माण विभाग कार्यालय से लेकर सूजडू चुंगी तक का मार्ग एक साल में तीन बार धंस चुका है। बारिश के बाद सड़क धंसने के कारण बृहस्पतिवार को कर्मचारी मरम्मत के लिए पहुंच गए।
मेरठ रोड की जैन कन्या डिग्री कॉलेज एवं लोक निर्माण विभाग से सूजडू चुंगी तक की सड़क एक साल में तीन बार बनी बनाई धंस चुकी है। इस सड़क को पाइप लाइन डालने के लिए जल निगम ने खोदा था। विभाग का काम पूरा भी नहीं हुआ था कि कांवड़ यात्रा शुरू हो गई। आनन-फानन में प्रशासन ने सड़क को तैयार कराया। कांवड़ यात्रा के बीच में ही सड़क कई स्थानों पर नीचे धंस गई।
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कुछ दिन काम चला तो इसी बीच सेना भर्ती शुरू हो गई। सेना भर्ती से ठीक पहले सड़क एक बार फिर से बनाई गई। गड्ढे दूर करते हुए पूरी सड़क को दोबारा बनाया गया। कुछ माह यह सड़क चली, लेकिन कई स्थानों पर बीच में ही धंस गई। इसी बीच जब पशु मेला लगाया गया तो एक बार फिर सड़क का निर्माण हुआ। इस प्रकार एक वर्ष में यह सड़क तीन बार बन गई। बारिश हुई उसमें कंपनी बाग और तहसील के सामने सड़क काफी नीचे धंस गई। प्रतिदिन हादसे होने लगे।
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खास बात यह है कि जिले के सभी आला अफसर इसी मार्ग से आते-जाते हैं। डीएम आवास भी इसी मार्ग पर है। 15 दिन जनता ने यहां परेशानी उठाई तब जाकर बृहस्पतिवार को सड़क के गड्ढे दूर किए जाने का कार्य शुरू हुआ। एडीएम प्रशासन नरेंद्र बहादुर ने बताया कि इस सड़क की जिम्मेदारी जल निगम की थी यह तीनों बार उसी ने बनाई है। अलग से कोई बजट जारी नहीं हुआ है।