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Muzaffarnagar News: एमडीए की महायोजना 2031 को शासन से मिली स्वीकृति
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मुजफ्फरनगर। शहर के सुनियोजित विकास के लिए तैयार की गई महायोजना 2031 को शासन से मंजूरी मिल चुकी है। इसके तहत शहर में करीब 300 वर्ग किमी. क्षेत्र में आवासीय, औद्योगिक और सार्वजनिक सुविधाओं का खाका खींचा गया है। एमडीए बोर्ड बैठक में स्वीकृति मिलने के साथ ही महायोजना लागू कर दी जाएगी।
शहर की जनसंख्या बढ़ रही है, लेकिन संसाधनों का विकास उसके सापेक्ष नहीं हो पा रहा। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण ने बढ़ती जनसंख्या को ध्यान में रख पैदा होने वाली आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए महायोजना 2031 का खाका तैयार किया है। इसे शासन की मंजूरी मिल चुकी है। एमडीए बोर्ड बैठक में स्वीकृति के साथ ही महायोजना लागू कर दी जाएगी।
-आवासीय सुविधाओं के लिए 4500 हेक्टेयर भूमि
शहर की आबादी बढ़ रही है। महायोजना 2031 का खाका खींचते समय 12 लाख लोगों की आवासीय आवश्यकता को ध्यान में रखा गया है, जिसके लिए लगभग 4500 हेक्टेयर भूमि आरक्षित की गई है। एमडीए की ओर से प्रस्तावित महायोजना के लिए औसत परिवार आकार पांच के दृष्टिगत कुल 79666 आवासों का अनुमान लगाया। इसके बाद प्रस्तावित 81254 आवासीय इकाइयों को विभिन्न आय वर्ग के लिए वर्गीकृत किया गया। जिसके सापेक्ष 25 प्रतिशत अति निर्धन आय वर्ग यानी ईडब्ल्यूएस के लिए, 45 प्रतिशत निम्न आय वर्ग और 20 प्रतिशत मध्यम आय वर्ग के लिए और 10 प्रतिशत उच्च आय वर्ग के लिए प्रस्ताव दिया गया।
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-1265 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित होगा औद्योगिक क्षेत्र
विकास प्राधिकरण की ओर से तैयार की गई महायोजना 2031 में इस बात का खास ख्याल रखा गया है कि जिस क्षेत्र का भू उपयोग उद्योगों के लिए निर्धारित किया जा रहा है। वहां वाहनों का आवागमन, परिवहन के साधन, विद्युत आपूर्ति, कुशल श्रमिकों की उपलब्धता हो।
औद्योगिक क्षेत्र के लिए प्रस्ताव तैयार करते समय ध्यान रखा गया है कि सड़कें निर्मित हों। प्रस्तावित महायोजना में औद्योगिक क्षेत्र के लिए कुल 1265 हेक्टेयर भूमि शामिल की गई है। प्रस्ताव के तहत भोपा और जानसठ रोड को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने पर खास जोर दिया गया है।
-राणा चौक शामली बाईपास पर बस अड्डा प्रस्तावित
महायोजना में राणा चौक से थोड़ा आगे शामली-पीनना बाईपास पर बस अड्डा प्रस्तावित किया गया है। ट्रांसपोर्ट के लिए शहर में 1014 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है। इसमें रामपुर तिराहा के समीप और शामली रोड पर नया निजी ट्रांसपोर्ट नगर बसाने की योजना है, जबकि दिल्ली-देहरादून रोड बाईपास पर व्यवसायिक एवं सामुदायिक गतिविधियों के लिए 550 हेक्टेयर भूमि छोड़ी गई है। इसके अलावा सार्वजनिक सुविधाओं के लिए 850 हेक्टेयर भूमि का प्रावधान किया गया है।
-मोती झील, काली नदी पर विकसित होगी हरित पट्टी
महायोजना 2031 में शामली रोड स्थित काली नदी के आसपास के क्षेत्र में हरित पट्टी बनाने का प्रस्ताव रखा है। मोती झील और काली नदी के किनारे एवं आसपास क्षेत्र में वन विभाग का सहयोग लेकर बड़े स्तर पर पौधारोपण किया जाएगा। काली नदी एरिया के अलावा शुक्रताल, रुड़की रोड और सहारनपुर रोड के समीप वृहद पौधरोपण का प्रस्ताव है। इसके लिए 1600 हेक्टेयर भूमि आरक्षित की गई है।
-बोर्ड बैठक में स्वीकृति के बाद जारी होगी अधिसूचना
एमडीए सहायक नगर नियोजक मोहित प्रताप सिंह का कहना है कि महायोजना 2031 को शासन से मंजूरी मिल चुकी है, जिसके बाद एमडीए बोर्ड बैठक में महायोजना को रखा जाएगा। बोर्ड की हरी झंडी मिलते ही अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।
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शहर की जनसंख्या बढ़ रही है, लेकिन संसाधनों का विकास उसके सापेक्ष नहीं हो पा रहा। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण ने बढ़ती जनसंख्या को ध्यान में रख पैदा होने वाली आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए महायोजना 2031 का खाका तैयार किया है। इसे शासन की मंजूरी मिल चुकी है। एमडीए बोर्ड बैठक में स्वीकृति के साथ ही महायोजना लागू कर दी जाएगी।
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-आवासीय सुविधाओं के लिए 4500 हेक्टेयर भूमि
शहर की आबादी बढ़ रही है। महायोजना 2031 का खाका खींचते समय 12 लाख लोगों की आवासीय आवश्यकता को ध्यान में रखा गया है, जिसके लिए लगभग 4500 हेक्टेयर भूमि आरक्षित की गई है। एमडीए की ओर से प्रस्तावित महायोजना के लिए औसत परिवार आकार पांच के दृष्टिगत कुल 79666 आवासों का अनुमान लगाया। इसके बाद प्रस्तावित 81254 आवासीय इकाइयों को विभिन्न आय वर्ग के लिए वर्गीकृत किया गया। जिसके सापेक्ष 25 प्रतिशत अति निर्धन आय वर्ग यानी ईडब्ल्यूएस के लिए, 45 प्रतिशत निम्न आय वर्ग और 20 प्रतिशत मध्यम आय वर्ग के लिए और 10 प्रतिशत उच्च आय वर्ग के लिए प्रस्ताव दिया गया।
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-1265 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित होगा औद्योगिक क्षेत्र
विकास प्राधिकरण की ओर से तैयार की गई महायोजना 2031 में इस बात का खास ख्याल रखा गया है कि जिस क्षेत्र का भू उपयोग उद्योगों के लिए निर्धारित किया जा रहा है। वहां वाहनों का आवागमन, परिवहन के साधन, विद्युत आपूर्ति, कुशल श्रमिकों की उपलब्धता हो।
औद्योगिक क्षेत्र के लिए प्रस्ताव तैयार करते समय ध्यान रखा गया है कि सड़कें निर्मित हों। प्रस्तावित महायोजना में औद्योगिक क्षेत्र के लिए कुल 1265 हेक्टेयर भूमि शामिल की गई है। प्रस्ताव के तहत भोपा और जानसठ रोड को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने पर खास जोर दिया गया है।
-राणा चौक शामली बाईपास पर बस अड्डा प्रस्तावित
महायोजना में राणा चौक से थोड़ा आगे शामली-पीनना बाईपास पर बस अड्डा प्रस्तावित किया गया है। ट्रांसपोर्ट के लिए शहर में 1014 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है। इसमें रामपुर तिराहा के समीप और शामली रोड पर नया निजी ट्रांसपोर्ट नगर बसाने की योजना है, जबकि दिल्ली-देहरादून रोड बाईपास पर व्यवसायिक एवं सामुदायिक गतिविधियों के लिए 550 हेक्टेयर भूमि छोड़ी गई है। इसके अलावा सार्वजनिक सुविधाओं के लिए 850 हेक्टेयर भूमि का प्रावधान किया गया है।
-मोती झील, काली नदी पर विकसित होगी हरित पट्टी
महायोजना 2031 में शामली रोड स्थित काली नदी के आसपास के क्षेत्र में हरित पट्टी बनाने का प्रस्ताव रखा है। मोती झील और काली नदी के किनारे एवं आसपास क्षेत्र में वन विभाग का सहयोग लेकर बड़े स्तर पर पौधारोपण किया जाएगा। काली नदी एरिया के अलावा शुक्रताल, रुड़की रोड और सहारनपुर रोड के समीप वृहद पौधरोपण का प्रस्ताव है। इसके लिए 1600 हेक्टेयर भूमि आरक्षित की गई है।
-बोर्ड बैठक में स्वीकृति के बाद जारी होगी अधिसूचना
एमडीए सहायक नगर नियोजक मोहित प्रताप सिंह का कहना है कि महायोजना 2031 को शासन से मंजूरी मिल चुकी है, जिसके बाद एमडीए बोर्ड बैठक में महायोजना को रखा जाएगा। बोर्ड की हरी झंडी मिलते ही अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।