देवबंद। इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम में वक्फ विभाग के प्रभारी मौलाना मुर्तजा का हृदयाघात के चलते निधन हो गया। वह (75) वर्ष के थे। संस्था के मोहतमिम सहित उलमा ने गहरे दुख का इजहार किया है।
नागल थानाक्षेत्र के बेलड़ा गांव निवासी मौलाना मुर्तजा पिछले करीब 30 वर्षों से दारुल उलूम में स्थित वक्फ विभाग के प्रभारी पद पर रहकर अपनी सेवाएं दे रहे थे। उनकी सादगी और ईमानदारी के चलते लोग उन्हें बेहद पसंद करते थे। लंबे समय तक वह जामा मस्जिद सहारनपुर में मैनेजर के पद पर भी रहे। सोमवार को दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना अबुल कासिम नोमानी ने उनकी नमाज-ए-जनाजा अदा कराई। जिसके उपरांत उन्हें गांव में स्थित कब्रिस्तान में सुपूर्द-ए-खाक कर दिया गया। उनके इंतकाल पर मोहतमिम अबुल कासिम नोमानी, दारुल उलूम वक्फ के मोहतमिम मौलाना सुफियान कासमी, जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना सैयद अरशद मदनी, नायब मोहतमिम मौलाना अब्दुल खालिक मद्रासी, मौलाना सलमान बिजनौरी, मौलाना शकेब कासमी, मौलाना नसीम अख्तर शाह कैसर, मौलाना नदीमुलवाजदी, तंजीम-ओ-तरक्की विभाग के उप प्रभारी अशरफ उस्मानी, मुफ्ती मोहम्मदउल्लाह, मौलाना अब्दुल रहमान, मुफ्ती जैनुल इस्लाम आदि ने गहरे दुख का इजहार किया।