फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Markets will not open in the city

किसान महापंचायत इफेक्ट:

Sat, 04 Sep 2021 11:57 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 04 Sep 2021 11:57 PM IST
विज्ञापन
Markets will not open in the city
शहर में नहीं खुलेंगे बाजार
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। रविवार को शहर के जीआईसी ग्राउंड में होने वाली किसान महापंचायत का इफेक्ट शहर के आम जनमानस पर भी पड़ने की पूरी संभावना है। शहर की सड़कों पर किसानों के सैलाब उमड़ने के बीच बाजार की अधिकांश दुकानें पूरी तरह बंद रहने के साथ ही सड़क किनारे लगने वाले फलों के ठेले-रेहड़ी भी नदारद रहेंगी।
शहर के जीआईसी मैदान में होने वाली किसान महापंचायत में शहर की सड़कों पर किसानों का सैलाब रहेगा। सुबह से ही जनपद व आसपास क्षेत्र से किसान महापंचायत में आने शुरू हो जाएंगे, जिसके चलते शहर के शामली रोड, भगतसिंह रोड, खालापार-ईदगाह रोड, आर्यसमाज रोड, कोर्ट रोड, महावीर चौक, जानसठ रोड, मेरठ रोड समेत कई अन्य मार्ग पूरी तरह से किसानों के कब्जे में रहेंगे। शहर की सड़कों पर किसान व उनके वाहनों की आवाजाही के मद्देनजर रविवार को देहात क्षेत्र से भी ग्रामीण खरीदारी करने नहीं पहुंचेंगे, जिसके चलते अव्यवस्था व परेशानियों से बचने के लिए शहर के अधिकांश बाजार पूरी तरह बंद रहेंगे।
विज्ञापन

नई मंडी क्षेत्र में पहले से ही साप्ताहिक बंदी होने के कारण कोई दुकान नहीं खोली जाएगी, जबकि शहर में भी इस बार व्यापारी दुकानें खोलने से परहेज कर रहे हैं। इसके साथ ही शहर में सड़क किनारे लगने वाले फल व फास्ट-फूड़ के ठेले-रेहड़ी भी नदारद रहेंगे। वहीं, शहर में चलने वाली ई-रिक्शा का संचालन भी रविवार को पूरी तरह से बंद रहेगा। भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत पहले ही शहर के लोगों को बेवजह घर से न निकलने की सलाह दे चुके हैं, जबकि प्रशासन की ओर से इस तरह की कोई अपील नहीं की गई है। इसके बावजूद स्थानीय लोगों के साथ ही व्यापारी भी रविवार को किसान महापंचायत के दौरान शहर में निकलने से परहेज करेंगे। व्यापारी नेता राहुल गोयल और आकाश प्रजापति का कहना है कि रविवार को शहर में लोगों का आवागमन बाधित रहेगा, जिसके चलते आम जनमानस भी बाजार से दूर रहेगा। परेशानियों से बचने के लिए दुकानें बंद रखना ही एकमात्र विकल्प है। वहीं, फलों की रेहड़ी-ठेले लगाने वाले नफीस अहमद और अजय कुमार का कहना है कि शहर की सड़कों पर केवल किसान और उनके वाहन ही रहने वाले हैं। ठेली-रेहड़े लगाने के लिए जगह बचेगी ही नहीं, जिस कारण रविवार को इससे दूर रहेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed