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Muzaffarnagar News: फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद जांच के दायरे में आए कई प्रशिक्षण केंद्र
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मुजफ्फरनगर। कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल के गृह जनपद में कौशल विकास के प्रशिक्षण केंद्र का फर्जीवाडा सामने आने पर अन्य केंद्र भी शक और जांच के घेरे में हैं। रडार पर आए 146 कौशल विकास केंद्रों में अधिकांश की गोपनीय जांच शुरू हो गई है। पकड़ में आया कौशल विकास केंद्र उदाहरण मात्र है, जबकि ऐसे दर्जनों पोर्टल हैं, जिनमें पोर्टल पर दर्शाए गए डाटा से वास्तविकता एकदम विपरीत है। ऐसे कौशल विकास केंद्रों पर शिकंजा कसना तय माना जा रहा है। कौशल विकास मिशन के तहत जिले में 146 केंद्र संचालित हैं। अधिकांश में गड़बड़झाला होने की आंशका है। सरकार से भुगतान लेने के नाम पर दर्जनों युवाओं को पंजीकृत दिखाकर रोजगार दिलाने के दावे किए जा रहे हैं।
इनमें कई ऐसे युवाओं के नाम भी शामिल किए गए हैं, जो पहले से किसी तरह अपनी रोजी-रोटी चला रहे हैं। एक शिकायत पर हुई जांच में पकड़ में आया कि बुढ़ाना तहसील के गांव राजपुर-छाजपुर में सुप्रीम फाउंडेशन के नाम से संचालित कौशल विकास केंद्र में 160 में से मात्र एक ही अभ्यर्थी को रोजगार मिल सका। बाकी के नाम को पोर्टल पर रोजगार प्राप्त की सूची में दर्शा दिए गए।
मिली भगत से चल रहे इस खेल में युवाओं का प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद सेवायोजित प्रशिक्षणार्थियों के भुगतान की प्रक्रिया के लिए कौशल विकास मिशन के पोर्टल पर डाटा अपलोड किया। भेजे गए डाटा में सभी 160 अभ्यर्थियों को रोजगार दिए जाने का दावा किया गया था। मिशन की ओर से जांच में मामला खुला।
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प्रशिक्षण देने वाली सुप्रीम फाउंडेशन ने झूठी एवं भ्रामक सूचना पोर्टल पर अपलोड कर प्रशिक्षण की धनराशि हड़पने का प्रयास किया है।
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इनमें कई ऐसे युवाओं के नाम भी शामिल किए गए हैं, जो पहले से किसी तरह अपनी रोजी-रोटी चला रहे हैं। एक शिकायत पर हुई जांच में पकड़ में आया कि बुढ़ाना तहसील के गांव राजपुर-छाजपुर में सुप्रीम फाउंडेशन के नाम से संचालित कौशल विकास केंद्र में 160 में से मात्र एक ही अभ्यर्थी को रोजगार मिल सका। बाकी के नाम को पोर्टल पर रोजगार प्राप्त की सूची में दर्शा दिए गए।
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मिली भगत से चल रहे इस खेल में युवाओं का प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद सेवायोजित प्रशिक्षणार्थियों के भुगतान की प्रक्रिया के लिए कौशल विकास मिशन के पोर्टल पर डाटा अपलोड किया। भेजे गए डाटा में सभी 160 अभ्यर्थियों को रोजगार दिए जाने का दावा किया गया था। मिशन की ओर से जांच में मामला खुला।
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प्रशिक्षण देने वाली सुप्रीम फाउंडेशन ने झूठी एवं भ्रामक सूचना पोर्टल पर अपलोड कर प्रशिक्षण की धनराशि हड़पने का प्रयास किया है।