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दीपावली के बाजार पर मेक इन इंडिया डंका
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मुजफ्फरनगर में दीपावली पर्व पर झालरे बेचता दुकानदार।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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दीपावली के बाजार पर मेक इन इंडिया डंका
मुजफ्फरनगर। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी मेक इन इंडिया पॉलिसी के साथ ही राष्ट्रवाद की भावना चीन निर्मित माल पर भारी पड़ने लगी है। महज तीन साल के भीतर दीपावली के बाजार पर अधिकांशत: भारतीय उत्पादों का कब्जा होने लगा है और चीन निर्मित माल केवल सस्ती इलेक्ट्रिक झालरों तक सिमटकर रह गया है।
सस्ते माल के दम पर भारतीय त्योहारों पर अपनी मजबूत पकड़ रखने वाले चाइना का किला अब दरकने लगा है। केंद्र सरकार की मेक इन इंडिया पॉलिसी के साथ ही राष्ट्रवाद की भावना के चलते अधिकांश त्योहारों पर अब चीन निर्मित माल केवल गिनती की आइटम्स में सिमटकर रह गया है, जिससे दीपावली पर्व भी अछूता नहीं है। बाजार में इस बार अधिकांश दुकानों पर भारतीय उत्पादों का कब्जा है। कीमत में अधिक होने के बावजूद टिकाऊ और बेहतर क्वालिटी के साथ ही नए डिजाइन के साथ आ रहे भारतीय उत्पाद हर दुकान पर दिखाई देने लगे हैं और चाइना केवल सस्ती इलेक्ट्रिक झालरों तक सिमटकर रह गया है।
शहर के अंसारी रोड स्थित एएस इलेक्ट्रिक के मालिक गांव बझेड़ी निवासी मोहम्मद असजद कहते हैं कि अब भारतीय उत्पादों की डिमांड अधिक है। ग्राहक भी अब महंगा होने के बावजूद मेक इन इंडिया उत्पादों की मांग करते हैं। इसके पीछे भारतीय उत्पादों की टिकाऊ और चीन निर्मित माल से बेहतर होना सबसे बड़ी वजह है। यही कारण है कि अब दुकान पर चीन से आने वाली सस्ती इलेक्ट्रिक झालरें ही रखी जा रही हैं।
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गुप्ता इलेक्ट्रॉनिक्स के संचालक पंकज कुमार का कहना है कि चीन के उत्पाद भी काफी संख्या में आ रहे हैं, लेकिन स्टाइलिश और बेहतर क्वालिटी के चलते भारतीय उत्पादों की मांग बढ़ी है। वहीं, ग्राहक भी अब मेक इन इंडिया के बारे में पूछने लगे हैं, जिससे मंहगा होने के बावजूद करीब 90 फीसदी सामान भारतीय ही मांग में रहता है। नए डिजाइन के कंदील और झूमरों का बाजार अब विस्तृत हो रहा है, जिसमें पूरी तरह भारतीय उत्पाद छाए हुए हैं।
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मुजफ्फरनगर। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी मेक इन इंडिया पॉलिसी के साथ ही राष्ट्रवाद की भावना चीन निर्मित माल पर भारी पड़ने लगी है। महज तीन साल के भीतर दीपावली के बाजार पर अधिकांशत: भारतीय उत्पादों का कब्जा होने लगा है और चीन निर्मित माल केवल सस्ती इलेक्ट्रिक झालरों तक सिमटकर रह गया है।
सस्ते माल के दम पर भारतीय त्योहारों पर अपनी मजबूत पकड़ रखने वाले चाइना का किला अब दरकने लगा है। केंद्र सरकार की मेक इन इंडिया पॉलिसी के साथ ही राष्ट्रवाद की भावना के चलते अधिकांश त्योहारों पर अब चीन निर्मित माल केवल गिनती की आइटम्स में सिमटकर रह गया है, जिससे दीपावली पर्व भी अछूता नहीं है। बाजार में इस बार अधिकांश दुकानों पर भारतीय उत्पादों का कब्जा है। कीमत में अधिक होने के बावजूद टिकाऊ और बेहतर क्वालिटी के साथ ही नए डिजाइन के साथ आ रहे भारतीय उत्पाद हर दुकान पर दिखाई देने लगे हैं और चाइना केवल सस्ती इलेक्ट्रिक झालरों तक सिमटकर रह गया है।
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शहर के अंसारी रोड स्थित एएस इलेक्ट्रिक के मालिक गांव बझेड़ी निवासी मोहम्मद असजद कहते हैं कि अब भारतीय उत्पादों की डिमांड अधिक है। ग्राहक भी अब महंगा होने के बावजूद मेक इन इंडिया उत्पादों की मांग करते हैं। इसके पीछे भारतीय उत्पादों की टिकाऊ और चीन निर्मित माल से बेहतर होना सबसे बड़ी वजह है। यही कारण है कि अब दुकान पर चीन से आने वाली सस्ती इलेक्ट्रिक झालरें ही रखी जा रही हैं।
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गुप्ता इलेक्ट्रॉनिक्स के संचालक पंकज कुमार का कहना है कि चीन के उत्पाद भी काफी संख्या में आ रहे हैं, लेकिन स्टाइलिश और बेहतर क्वालिटी के चलते भारतीय उत्पादों की मांग बढ़ी है। वहीं, ग्राहक भी अब मेक इन इंडिया के बारे में पूछने लगे हैं, जिससे मंहगा होने के बावजूद करीब 90 फीसदी सामान भारतीय ही मांग में रहता है। नए डिजाइन के कंदील और झूमरों का बाजार अब विस्तृत हो रहा है, जिसमें पूरी तरह भारतीय उत्पाद छाए हुए हैं।