{"_id":"60144fdf8ebc3e333c452891","slug":"mahapanchayat-of-indian-farmers-union-in-muzaffarnagar-muzaffarnagar-news-mrt522817621","type":"story","status":"publish","title_hn":"हम कत्ल कर सकते हैं, देश का अपमान नहीं: नरेश टिकैत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हम कत्ल कर सकते हैं, देश का अपमान नहीं: नरेश टिकैत
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर के राजकीय कॉलेज के मैदान में किसान महापंचायत को संबोधित करते भाकियू राष्ट्रीय अध्यक?
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
हम कत्ल कर सकते हैं, देश का अपमान नहीं: नरेश टिकैत
मुजफ्फरनगर। पंचायत में भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि हम लाठी डंडे चला सकते हैं, कत्ल कर सकते हैं, ट्रैक्टर की स्पीड बढ़ा सकते हैं, लेकिन देश का अपमान कभी नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि चौधरी अजित सिंह को लोकसभा चुनाव में हराना हमारी भूल थी। हम झूठ नहीं बोलते हम दोषी हैं। इस परिवार ने हमेशा किसानों के सम्मान की लड़ाई लड़ी है, आगे से ऐसी गलती ना करियो। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार से टकराने की हिम्मत केवल भाकियू ही कर सकती है, कोई मुगालता पाल के देख लो, आज शर्म के मारे भाजपा नेता अपनी गाड़ी पर झंडा लगाने की हिम्मत नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने गाजीपुर का धरना जारी रहने की घोषणा करते हुए कहा कि किसान लगातार वहां जाते रहेंगे और किसानों से शनिवार से गाजीपुर धरने में पहुंचने का आह्वान किया।
राकेश टिकैत के गाजीपुर धरने पर रोने का वीडियो वायरल होने और उनकी भावुक अपील का असर नजर आया, राजकीय इंटर कालेज मुजफ्फरनगर के मैदान में आहूत महापंचायत में किसानों का सैलाब उमड़ पड़ा। भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान 70 दिन में किसानों पर सत्तर ही आरोप लगे और सभी झूठे साबित हुए। हम बैरियर तोड़ सकते हैं, लाठी-डंडे चला सकते हैं, कत्ल कर सकते हैं, पर देश का अपमान कभी नहीं कर सकते। हमारा मुकाबला बड़े लोगों से है, कोई संगठन और पार्टी मुगालता ना पालियो ये भीतर बाड़ देंगे। हमारा क्या बिगाड़ेंगे, आप लोग हमारे साथ हैं। भानू प्रताप भी 26 जनवरी को छोड़ के भाग गया। हम किसानों को किसके भरोसे छोड़ के जाएं। हमारा दिल दहला हुआ था और मातम सा छाया हुआ था। हमने आंदोलन वापस लेने का निर्णय ले लिया था। लोनी के विधायक नंद किशोर ने जिस प्रकार बदतमीजी की तो यह पंचायत बुलाई गई। इस मैदान पर चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत, पंकज मलिक, जयंत चौधरी के अपमान के बाद पंचायतें हुई हैं और सरकारें झुकी हैं। हम गर्दन तरवा लेंगे पर इतिहास में अपना नाम काले अक्षरों में नहीं लिखवाने के, 2013 में हिंदू-मुसलमान को लड़ाने में ये लोग कामयाब हो गए। आगे कामयाब नहीं होने देंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वह अनुशासन का परिचय दें, 33 साल से यह संगठन अनुशासन से ही चल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार फेल हो गई है, अब किसी की हिम्मत नहीं हो आपको हाथ लगा सके।
ऐसे लोगों से लड़ाई जो गलती नहीं मानते: जयंत चौधरी
मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने महापंचायत में कहा कि आज किसान अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। ऐसे लोगों से लड़ाई है जो गलती नहीं मानते। केंद्र और प्रदेश में जालिमों की सरकार है। राकेश टिकैत रोए है तो हम सबकी है जिम्मेदारी है एक होकर लड़े। यह संकट की घड़ी है, जी दुखी है, जी रो रहा है। जो आदमी साफ होता है, वह रोता है। चौधरी चरण सिंह अपनी बात कहते हुए रो पड़ते थे। भाव छुपाकर रखने वाला कायर होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। पंचायत में भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि हम लाठी डंडे चला सकते हैं, कत्ल कर सकते हैं, ट्रैक्टर की स्पीड बढ़ा सकते हैं, लेकिन देश का अपमान कभी नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि चौधरी अजित सिंह को लोकसभा चुनाव में हराना हमारी भूल थी। हम झूठ नहीं बोलते हम दोषी हैं। इस परिवार ने हमेशा किसानों के सम्मान की लड़ाई लड़ी है, आगे से ऐसी गलती ना करियो। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार से टकराने की हिम्मत केवल भाकियू ही कर सकती है, कोई मुगालता पाल के देख लो, आज शर्म के मारे भाजपा नेता अपनी गाड़ी पर झंडा लगाने की हिम्मत नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने गाजीपुर का धरना जारी रहने की घोषणा करते हुए कहा कि किसान लगातार वहां जाते रहेंगे और किसानों से शनिवार से गाजीपुर धरने में पहुंचने का आह्वान किया।
राकेश टिकैत के गाजीपुर धरने पर रोने का वीडियो वायरल होने और उनकी भावुक अपील का असर नजर आया, राजकीय इंटर कालेज मुजफ्फरनगर के मैदान में आहूत महापंचायत में किसानों का सैलाब उमड़ पड़ा। भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान 70 दिन में किसानों पर सत्तर ही आरोप लगे और सभी झूठे साबित हुए। हम बैरियर तोड़ सकते हैं, लाठी-डंडे चला सकते हैं, कत्ल कर सकते हैं, पर देश का अपमान कभी नहीं कर सकते। हमारा मुकाबला बड़े लोगों से है, कोई संगठन और पार्टी मुगालता ना पालियो ये भीतर बाड़ देंगे। हमारा क्या बिगाड़ेंगे, आप लोग हमारे साथ हैं। भानू प्रताप भी 26 जनवरी को छोड़ के भाग गया। हम किसानों को किसके भरोसे छोड़ के जाएं। हमारा दिल दहला हुआ था और मातम सा छाया हुआ था। हमने आंदोलन वापस लेने का निर्णय ले लिया था। लोनी के विधायक नंद किशोर ने जिस प्रकार बदतमीजी की तो यह पंचायत बुलाई गई। इस मैदान पर चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत, पंकज मलिक, जयंत चौधरी के अपमान के बाद पंचायतें हुई हैं और सरकारें झुकी हैं। हम गर्दन तरवा लेंगे पर इतिहास में अपना नाम काले अक्षरों में नहीं लिखवाने के, 2013 में हिंदू-मुसलमान को लड़ाने में ये लोग कामयाब हो गए। आगे कामयाब नहीं होने देंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वह अनुशासन का परिचय दें, 33 साल से यह संगठन अनुशासन से ही चल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार फेल हो गई है, अब किसी की हिम्मत नहीं हो आपको हाथ लगा सके।
विज्ञापन
ऐसे लोगों से लड़ाई जो गलती नहीं मानते: जयंत चौधरी
मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने महापंचायत में कहा कि आज किसान अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। ऐसे लोगों से लड़ाई है जो गलती नहीं मानते। केंद्र और प्रदेश में जालिमों की सरकार है। राकेश टिकैत रोए है तो हम सबकी है जिम्मेदारी है एक होकर लड़े। यह संकट की घड़ी है, जी दुखी है, जी रो रहा है। जो आदमी साफ होता है, वह रोता है। चौधरी चरण सिंह अपनी बात कहते हुए रो पड़ते थे। भाव छुपाकर रखने वाला कायर होता है।
विज्ञापन