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‘पेराई क्षमता कम, किसानों को उठाना पड़ता है नुकसान’
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मुजफ्फरनगर। मीरापुर से रालोद के विधायक चंदन चौहान ने विधानसभा में मोरना चीनी मिल के विस्तारीकरण की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि चीनी मिल की पेराई क्षमता कम होने के कारण किसानों को गन्ना कम दामों में बेचना पड़ता है।
विधायक ने विधानसभा में बोले तो सबसे पहले मोरना चीनी मिल विस्तारीकरण का मुद्दा उठाया। चंदन चौहान ने कहा कि एक लंबा अरसा मोरना चीनी मिल को लगे हो चुका है। जिले की एक मात्र सहकारी चीनी मिल है। जनपद की चीनी मिलों में सबसे कम पेराई क्षमता इसी चीनी मिल की है। मात्र 25 हजार क्विंटल की पेराई क्षमता है।
पेराई क्षमता कम होने के कारण किसानों के समस्त गन्ने की पेराई नहीं हो पाती। क्षेत्र के किसानों को कम दामों में अपना गन्ना बेचना पड़ता है। चौहान ने यह भी याद दिलाया कि प्रदेश सरकार कई बार मिल के विस्तारीकरण की घोषणा कर चुकी है। धरातल पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने सदन में यह भी कहा कि जो विधायक निर्वाचित होकर सदन में आए हैं, वे अपने क्षेत्र की समस्या उठाते हैं तो सरकार इन समस्याओं का गंभीरता के साथ निराकरण करें।
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ठेले वाले कहां से उतारेंगे सरकार का कर्जा
मुजफ्फरनगर। चंदन चौहान ने विधानसभा में सड़क किनारे खड़े होकर सब्जी, फल आदि बेचने वालों का प्रकरण उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने इन लोगों को दस से 20 हजार तक का ऋण रोजगार के लिए दिया है। प्रदेश सरकार ने सभी ठेले वालों को सड़कों से हटा दिया है उनका रोजगार छीन लिया है। ऐसे में ये लोग सरकार का ऋण कहां से उतारेंगे।
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विधायक ने विधानसभा में बोले तो सबसे पहले मोरना चीनी मिल विस्तारीकरण का मुद्दा उठाया। चंदन चौहान ने कहा कि एक लंबा अरसा मोरना चीनी मिल को लगे हो चुका है। जिले की एक मात्र सहकारी चीनी मिल है। जनपद की चीनी मिलों में सबसे कम पेराई क्षमता इसी चीनी मिल की है। मात्र 25 हजार क्विंटल की पेराई क्षमता है।
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पेराई क्षमता कम होने के कारण किसानों के समस्त गन्ने की पेराई नहीं हो पाती। क्षेत्र के किसानों को कम दामों में अपना गन्ना बेचना पड़ता है। चौहान ने यह भी याद दिलाया कि प्रदेश सरकार कई बार मिल के विस्तारीकरण की घोषणा कर चुकी है। धरातल पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने सदन में यह भी कहा कि जो विधायक निर्वाचित होकर सदन में आए हैं, वे अपने क्षेत्र की समस्या उठाते हैं तो सरकार इन समस्याओं का गंभीरता के साथ निराकरण करें।
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ठेले वाले कहां से उतारेंगे सरकार का कर्जा
मुजफ्फरनगर। चंदन चौहान ने विधानसभा में सड़क किनारे खड़े होकर सब्जी, फल आदि बेचने वालों का प्रकरण उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने इन लोगों को दस से 20 हजार तक का ऋण रोजगार के लिए दिया है। प्रदेश सरकार ने सभी ठेले वालों को सड़कों से हटा दिया है उनका रोजगार छीन लिया है। ऐसे में ये लोग सरकार का ऋण कहां से उतारेंगे।