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न्यूरो सर्जन बनने का सपना है लुईस का

Thu, 31 May 2018 12:50 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर Updated Thu, 31 May 2018 12:50 AM IST
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Louise wants to become a neuro surgeon
अपनी मां के साथ होनहार लुईस। - फोटो : अमर उजाला
राज्य प्रवेश परीक्षा यूपीएसईई 2018 में प्रदेश में दूसरी रैंक हासिल करने वाले लुईस सैनी का सपना न्यूरो सर्जन बनना है। अपनी सफलता का श्रेय वह अपनी मॉ डॉ नीता सैनी और बाबा कर्म सिंह सैनी को देते हैं।  
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शहर के साकेत में रह रहे लुईस सैनी मूलरूप से जानसठ के गांव भलेड़ी निवासी हैं। पिता डॉ राजेंद्र सैनी की 2010 में उस समय मृत्यु हो गई थी, जब वह मात्र 11 साल के थे। पिता की मृत्यु के बाद मॉ डॉ नीता सैनी और बाबा डीएवी जानसठ के अंग्रेेजी के सेवानिवृत प्रवक्ता कर्म सिंह सैनी ने उसकी शिक्षा पर मुख्य रूप से ध्यान दिया।
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दसवीं की पढ़ाई होली एंजिल्स स्कूल से 10सीजीपीए के साथ पूरी की। 12वीं मॉडल इंटरनेशनल दिल्ली से की। बीफार्मा के साथ ही उसने एमबीबीएस की तैयारी की है। उसे पहले ही उम्मीद थी कि यूपीएसईई की परीक्षा में वह ऊपर के दस की सूची में आएगा। पांच जून को एमबीबीएस की प्रवेश परीक्षा नीट का परिणाम आ रहा है। उसे उम्मीद है कि वह इसमें भी उसकी अच्छी रैंक हासिल आएगी।
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लुईस का कहना है कि उसके पिता स्वर्गीय डॉ राजेंद्र और बाबा कर्म सिंह सैनी का सपना उसे न्यूरो सर्जन बनाने का है, जिसे वह पूरा करेंगे। एमबीबीएस के बाद एमएस करना उनका लक्ष्य है। 93 वर्षीय उसके बाबा अब भी उसे लगातार प्रोत्साहित करते हैं।

मॉ डॉ नीता ने उसे विपरीत परिस्थितियों में भी शिक्षा का माहौल दिया। उसकी बड़ी बहन केपी इंजीनियरिंग करने के बाद दिल्ली में एक कंपनी में जॉब कर रही है। यह सब मॉ की ही बदौलत है।  एमबीबीएस की तैयारी के चलते वह बीते दो साल से पसंदीदा खेल क्रिकेट नहीं खेल पाया। उसने शहर के ही जूम इंस्टीट्यूट पर एमबीबीएस की तैयारी की। वह कहते हैं कि पीएम नरेंद्र मोदी से उन्हें ऊर्जा मिलती है।  


सबजेक्ट की तैयारी कराने आते थे बाबा 
मुजफ्फरनगर। होनहार लुईस का कहना है कि उसके बाबा कर्म सिंह सैनी उसकी शिक्षा को लेकर हमेशा गंभीर रहे। 93 वर्षीय उसके बाबा सबजेक्ट की तैयारी कराने के लिए गांव भलेड़ी से शहर में आते थे। अंग्रेजी पर अच्छी कमांड होने से बाबा ने नीव मजबूत की। मेरी उपलब्धि में बाबा का बड़ा योगदान है।  
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