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सफाईकर्मियों ने पालिका में की तालाबंदी, दिनभर चली समझौता वार्ता
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
Updated Sat, 20 Jan 2018 12:14 AM IST
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नारेबाजी करते सफाईकर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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नगर पालिका में सफाई कर्मचारी संघ की हड़ताल को पालिका के दोनों कर्मचारी संगठनों द्वारा समर्थन के बाद पालिका में तालाबंदी हो गई। शुक्रवार को पालिका में समस्त कामकाज ठप हो गया। दिन पर चली समझौता वार्ताओं का कोई रिजल्ट नहीं निकला। हालांकि वार्ता अंतिम दौर में पहुंचती नजर आ रही है।
नगरपालिका परिषद में सफाई कर्मचारी संघ की हड़ताल को 11वें दिन पालिका के दो कर्मचारी संगठनों स्वायत्त शासन कर्मचारी महासंघ और स्वायत्त शासन कर्मचारी संगठन ने भी समर्थन दे दिया। इन दोनों संगठनों के हड़ताल में शामिल होने से पालिका में तालाबंदी हो गई।
महासंघ के शाखा अध्यक्ष गोपाल त्यागी और महामंत्री तनवीर आलम और संगठन के शाखा अध्यक्ष मुकेश कुमार शर्मा और महामंत्री कुलदीप कुमार ने पूर्व घोषणा के तहत पालिका कार्यालयों में तालाबंदी की और परिसर में अन्य कर्मचारियों के साथ धरने पर बैठ गये।
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दोनों संगठनों ने गुरुवार को ईओ विकास सैन को नोटिस दिया था कि यदि सफाई कर्मियों की हड़ताल का निदान नहीं हुआ तो 19 जनवरी से वे बेमियादी कामबंद हड़ताल पर चले जाएंगे। शुक्रवार को पालिका कर्मचारियों के काम बंद कर देने से पालिका में सन्नाटा नजर आया। लोग अपने गृहकर और जलकर बिलों को दुरुस्त कराने के लिए पालिका परिसर में भटकते रहे।
सफाईकर्मियों के समर्थन में पालिका कर्मियों के डट जाने से पालिका प्रशासन का सिरदर्द और बढ़ गया है। धरने पर बैठे कर्मचारियों के बीच पहुंचकर ईओ विकास सैन उनसे वार्ता की और काम पर लौटने का आग्रह किया, लेकिन सफाई कर्मियों की हड़ताल तक कर्मचारियों ने कामकाज करने से इंकार कर दिया।
धरना प्रदर्शन में ओमवीर सिंह, गोपाल त्यागी, मुकेश शर्मा, कुलदीप कुमार, तनवीर आलम, बिजेन्द्र सिंह, संजय गुप्ता, संजीव गुप्ता, राजीव वर्मा, प्रवीन कुमार, मेनपाल सिंह, विजय जैन, मनोज बालियान, फिरोज खान, मनोज पाल, मौ. इमरान, रामकुमार पप्पू, संजीव सिंघल, अमित गोस्वामी, दीपक शर्मा, अशोक ढींगरा, विकास कुमार, विनोद कुमार, गोपीचंद वर्मा, मोहन कुमार, शाहनवाज, आबाद खान, सुनील गर्ग सहित सभी कर्मचारी मौजूद रहे।
हड़ताली कर्मियों में तू-तू, मैं-मैं
मुजफ्फरनगर। नगर पालिका परिषद में पालिका कर्मियों की कामबंद हड़ताल पहले ही दिन विवादों से घिर गई। सफाई कर्मचारियों के समर्थन में पालिका परिसर में कार्यालयों में तालाबंदी करने के बाद दरी बिछाकर धरने पर एक साथ बैठे पालिका कर्मियों में अचानक ही तू-तू, मैं-मैं होने लगी, जो तीखी बहस तक जा पहुंची।
दरअसल नगरीय निकायों में तैनात कर्मचारियों का महासंघ प्रांतीय स्तर पर ही दो फाड़ हो चुका है। वर्तमान में नगर निकायों में स्वायत्त शासन कर्मचारी महासंघ और स्वायत्त शासन कर्मचारी संगठन के अधीन पालिका कर्मचारी अपने अलग अलग संगठन चला रहे हैं। नगर पालिका परिषद में भी ये दोनों संगठन वजूद में हैं।
हड़ताल के लिए दोनों संगठनों के शाखा पदाधिकारियों ने ईओ को अलग-अलग नोटिस दिए थे। शुक्रवार को जब पालिका में तालाबंदी कर कर्मचारियों ने धरना शुरू किया तो पूरा भाईचारे का वातावरण बना हुआ था। इसी बीच एक गुट के तनवीर आलम और दूसरे गुट के ओमवीर सिंह के बीच बहस शुरु हो गई। साथी कर्मचारियों ने किसी तरह मामला शांत किया।
तीन लाख राजस्व का नुकसान
मुजफ्फरनगर। शुक्रवार को पालिका में तालाबंदी से पालिका प्रशासन को पहले ही दिन करीब तीन लाख रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा है। वित्तीय वर्ष के इन अंतिम दिनों में पालिका प्रशासन राजस्व वसूली पर ज्यादा जोर दे रहा है।
इसके लिए चेयरमैन अंजू अग्रवाल ने अवकाश के दिनों में भी बिलिंग काउंटर और टैक्स विभाग को खुला रखने के आदेश दे रखे हैं। कर्मचारियों की हड़ताल से पालिका में तालाबंदी रही तो राजस्व वसूली का यह अभियान भी थमा नजर आया। पालिका में इन दिनों प्रतिदिन करीब तीन लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हो रहा है।
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नगरपालिका परिषद में सफाई कर्मचारी संघ की हड़ताल को 11वें दिन पालिका के दो कर्मचारी संगठनों स्वायत्त शासन कर्मचारी महासंघ और स्वायत्त शासन कर्मचारी संगठन ने भी समर्थन दे दिया। इन दोनों संगठनों के हड़ताल में शामिल होने से पालिका में तालाबंदी हो गई।
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महासंघ के शाखा अध्यक्ष गोपाल त्यागी और महामंत्री तनवीर आलम और संगठन के शाखा अध्यक्ष मुकेश कुमार शर्मा और महामंत्री कुलदीप कुमार ने पूर्व घोषणा के तहत पालिका कार्यालयों में तालाबंदी की और परिसर में अन्य कर्मचारियों के साथ धरने पर बैठ गये।
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दोनों संगठनों ने गुरुवार को ईओ विकास सैन को नोटिस दिया था कि यदि सफाई कर्मियों की हड़ताल का निदान नहीं हुआ तो 19 जनवरी से वे बेमियादी कामबंद हड़ताल पर चले जाएंगे। शुक्रवार को पालिका कर्मचारियों के काम बंद कर देने से पालिका में सन्नाटा नजर आया। लोग अपने गृहकर और जलकर बिलों को दुरुस्त कराने के लिए पालिका परिसर में भटकते रहे।
सफाईकर्मियों के समर्थन में पालिका कर्मियों के डट जाने से पालिका प्रशासन का सिरदर्द और बढ़ गया है। धरने पर बैठे कर्मचारियों के बीच पहुंचकर ईओ विकास सैन उनसे वार्ता की और काम पर लौटने का आग्रह किया, लेकिन सफाई कर्मियों की हड़ताल तक कर्मचारियों ने कामकाज करने से इंकार कर दिया।
धरना प्रदर्शन में ओमवीर सिंह, गोपाल त्यागी, मुकेश शर्मा, कुलदीप कुमार, तनवीर आलम, बिजेन्द्र सिंह, संजय गुप्ता, संजीव गुप्ता, राजीव वर्मा, प्रवीन कुमार, मेनपाल सिंह, विजय जैन, मनोज बालियान, फिरोज खान, मनोज पाल, मौ. इमरान, रामकुमार पप्पू, संजीव सिंघल, अमित गोस्वामी, दीपक शर्मा, अशोक ढींगरा, विकास कुमार, विनोद कुमार, गोपीचंद वर्मा, मोहन कुमार, शाहनवाज, आबाद खान, सुनील गर्ग सहित सभी कर्मचारी मौजूद रहे।
हड़ताली कर्मियों में तू-तू, मैं-मैं
मुजफ्फरनगर। नगर पालिका परिषद में पालिका कर्मियों की कामबंद हड़ताल पहले ही दिन विवादों से घिर गई। सफाई कर्मचारियों के समर्थन में पालिका परिसर में कार्यालयों में तालाबंदी करने के बाद दरी बिछाकर धरने पर एक साथ बैठे पालिका कर्मियों में अचानक ही तू-तू, मैं-मैं होने लगी, जो तीखी बहस तक जा पहुंची।
दरअसल नगरीय निकायों में तैनात कर्मचारियों का महासंघ प्रांतीय स्तर पर ही दो फाड़ हो चुका है। वर्तमान में नगर निकायों में स्वायत्त शासन कर्मचारी महासंघ और स्वायत्त शासन कर्मचारी संगठन के अधीन पालिका कर्मचारी अपने अलग अलग संगठन चला रहे हैं। नगर पालिका परिषद में भी ये दोनों संगठन वजूद में हैं।
हड़ताल के लिए दोनों संगठनों के शाखा पदाधिकारियों ने ईओ को अलग-अलग नोटिस दिए थे। शुक्रवार को जब पालिका में तालाबंदी कर कर्मचारियों ने धरना शुरू किया तो पूरा भाईचारे का वातावरण बना हुआ था। इसी बीच एक गुट के तनवीर आलम और दूसरे गुट के ओमवीर सिंह के बीच बहस शुरु हो गई। साथी कर्मचारियों ने किसी तरह मामला शांत किया।
तीन लाख राजस्व का नुकसान
मुजफ्फरनगर। शुक्रवार को पालिका में तालाबंदी से पालिका प्रशासन को पहले ही दिन करीब तीन लाख रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा है। वित्तीय वर्ष के इन अंतिम दिनों में पालिका प्रशासन राजस्व वसूली पर ज्यादा जोर दे रहा है।
इसके लिए चेयरमैन अंजू अग्रवाल ने अवकाश के दिनों में भी बिलिंग काउंटर और टैक्स विभाग को खुला रखने के आदेश दे रखे हैं। कर्मचारियों की हड़ताल से पालिका में तालाबंदी रही तो राजस्व वसूली का यह अभियान भी थमा नजर आया। पालिका में इन दिनों प्रतिदिन करीब तीन लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हो रहा है।