फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   'Listen to public voice, government withdraw CAA'

जनता की आवाज सुने सरकार, काले कानून को वापस ले

Wed, 19 Feb 2020 11:54 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 19 Feb 2020 11:54 PM IST
विज्ञापन
'Listen to public voice, government withdraw CAA'
सीएए के विरोध में धरना प्रदर्शन करती महिलाएं - फोटो : DEVBAND
देवबंद (सहारनपुर)। नागरिकता संशोधन कानून, एनपीआर और प्रस्तावित एनआरसी के विरोध में महिलाओं का धरना प्रदर्शन 24वें दिन भी जारी रहा। महिलाओं ने कहा कि सीएए और एनआरसी देश की आत्मा के विरुद्ध है। जिसे किसी कीमत पर कबूल नहीं किया जा सकता। सरकार को चाहिए कि वह जनता की आवाज सुने और काले कानून को वापस ले।
विज्ञापन

ईदगाह मैदान में चल रहे महिलाओं के सत्याग्रह में बुधवार को आंदोलनकारी तसलीमा और जोया महबूब ने संयुक्त रूप से कहा कि हम बार बार कह रहे हैं कि हमारी सरकार से लड़ाई नहीं है, बल्कि उसके द्वारा लिए जा रहे गलत फैसलों के खिलाफ है। धर्म के आधार पर कानून लागू करना देश के संविधान के विरुद्ध है। इसलिए सीएए और संविधान की रक्षा के लिए देश की बेटियां सड़कों पर उतरी हैं। उन्होंने कहा कि जिस दिन सरकार काले कानून को वापस लेने का एलान करेगी वह उसी दिन अपने घरों को चले जाएंगे, लेकिन अफसोस की बात यह है कि सरकार उनकी आवाज सुनने को तैयार नहीं है। इसलिए देश की बेटियों ने भी यह संकल्प लिया है कि जब तक कानून वापस नहीं होता वह अपना आंदोलन जारी रखेंगी। लुबना और महक ने कहा कि पूरे देश में एनआरसी को लागू करने के लिए केंद्र सरकार ने नागरिकता कानून को संशोधित किया है। एनआरसी न लाने वाले सरकार का बयान महज एक छलावा है । यदि सरकार की नीयत में कोई खोट नहीं है तो फिर सीएए में मुस्लिमों को शामिल क्यों नहीं किया गया। नसरीन समेत अन्य महिलाओं ने हिंदुस्तान जिंदाबाद और इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगवाए और देशभक्ति गीत सुनाए। ईदगाह मैदान में महिलाओं के साथ ही बड़ी संख्या में पुरुष भी धरना प्रदर्शन का हिस्सा बन रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed