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जिंदगी भर का गम, दस लाख से नहीं सूखेंगे सोमपाल के आंसू

Sun, 12 Dec 2021 01:00 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 12 Dec 2021 01:00 AM IST
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Lifelong sorrow, Sompal's tears will not dry up with one million
जिंदगी भर का गम, दस लाख से नहीं सूखेंगे सोमपाल के आंसू
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मुजफ्फरनगर, तितावी। गांव गुजरहेडी निवासी सोमपाल के परिवार के लिए आज काला शनिवार रहा। परिवार के सदस्यों ने कभी सोचा न था, कि उनके दोनों बच्चों की अचानक इस तरह से मौत हो जाएगी। जबकि वह दोनों के स्वर्णिम भविष्य के लिए दिन रात सोचते रहते थे। दोनों युवा बच्चों की मौत से परिवार के सदस्यों को गहरा सदमा लगा है। भले ही विद्युत विभाग अधिकारियों ने आर्थिक मदद केे तौर पर चेक सौंपा हो, लेकिन परिवार के सदस्य दोनों मृतक बच्चों की कमी को कैसे पूरा सकेंगे।
सभी थे काम में व्यस्त
सोमपाल के परिवार के सभी सदस्य रोजाना की तरह शनिवार को भी अपने कामों में व्यस्त थे। यहीं कारण था कि कोई भी एक दूसरे के काम में हस्तक्षेप नहीं कर रहा था। लेकिन चंद मिनट ही सोमपाल के परिवार को ऐसा दुख: दे गई, जिसे तमाम जिंदगी कोई भी भूला नहीं सकेगा।
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और दौड़ पड़े ग्रामीण
जिसने भी हादसे के बारे में सुना, वहीं अपना काम छोड़कर सोमपाल के घर जा पहुंचा। जवान भाई बहन के शव देखकर ग्रामीणों का गुस्सा आसमान छूने लगा था। लोगों ने हंगामा भी किया।
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दो मौत के बाद जागे अधिकारी, अब हटेगी विद्युत लाइन
बताते है, कि सोमपाल ही नहीं, बल्कि कई ग्रामीणों के घर के बराबर से यह विद्युत लाइन गुजर रही है। यदि ग्रामीणों की माने, तो लाइन को हटाने के लिए कई बार अधिकारियों से कहा गया, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। अब अधिकारियों ने विद्युत लाइन सोमवार को हटाने की बात कहीं है। इससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि जैसे विद्युत विभाग अधिकारी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे थे।
खेती में पिता का हाथ बंटाता था प्रदीप
बताया गया, कि सोमपाल का बेटा प्रदीप हाई स्कूल पास था। बेटी ने इंटर की शिक्षा प्राप्त कर घर पर रह कर सिलाई सीखना शुरू किया था। दोनों ही अपने परिवार के लाडले थे। प्रदीप खेती में अपने पिता का हाथ बंटाता था। बेटा-बेटी की मौत से परिवार में हा-हाकार मचा है।

गांव में छाया शोक
बहन-भाई की मौत से गांव में भी शोक छाया है। आसपास के परिवारों ने खाना भी बनाया। ग्रामीणों का कहना है कि प्रदीप एक बेहद मिलनसार था। चिंकी भी परिवार व पड़ोसियों की लाड़ली थी।
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