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Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर - करवाड़ा के पंकज की हत्या में पिता-पुत्र को आजीवन कारावास
Tue, 17 Oct 2023 01:31 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 17 Oct 2023 01:31 AM IST
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- अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-10 की पीठासीन अधिकारी हेमलता त्यागी ने फैसला सुनाया
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। तितावी थाना क्षेत्र के करवाड़ा गांव में अनुसूचित जाति के पंकज की हत्या के मामले में दोषी पिता-पुत्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-10 की पीठासीन अधिकारी हेमलता त्यागी ने फैसला सुनाया।
सहायक शासकीय अधिवक्ता कुलदीप कुमार ने बताया कि 13 सितंबर 2019 को तितावी थाना क्षेत्र के करवाड़ा गांव निवासी पंकज संदिग्ध हालात में लापता हो गया था। 14 सितंबर को उसका शव खेत में बरामद हुआ। धारदार हथियार से काटकर हत्या की गई थी। पुलिस ने जांच के बाद सगे भाई कंवरपाल व प्रमोद और मोनू पुत्र कंवरपाल के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया पुलिस जांच में हत्या की वजह रंजिश सामने आई थी।
प्रकरण की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-10 की पीठासीन अधिकारी हेमलता त्यागी ने की। साक्ष्यों के अभाव में प्रमोद कुमार को दोषमुक्त करार दिया गया। जबकि कंवरपाल और उसके बेटे मोनू को हत्या में आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अर्थदंड नहीं देने पर छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। धारा 201 में पांच-पांच साल की सजा सुनाई गई है।
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अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। तितावी थाना क्षेत्र के करवाड़ा गांव में अनुसूचित जाति के पंकज की हत्या के मामले में दोषी पिता-पुत्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-10 की पीठासीन अधिकारी हेमलता त्यागी ने फैसला सुनाया।
सहायक शासकीय अधिवक्ता कुलदीप कुमार ने बताया कि 13 सितंबर 2019 को तितावी थाना क्षेत्र के करवाड़ा गांव निवासी पंकज संदिग्ध हालात में लापता हो गया था। 14 सितंबर को उसका शव खेत में बरामद हुआ। धारदार हथियार से काटकर हत्या की गई थी। पुलिस ने जांच के बाद सगे भाई कंवरपाल व प्रमोद और मोनू पुत्र कंवरपाल के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया पुलिस जांच में हत्या की वजह रंजिश सामने आई थी।
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प्रकरण की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-10 की पीठासीन अधिकारी हेमलता त्यागी ने की। साक्ष्यों के अभाव में प्रमोद कुमार को दोषमुक्त करार दिया गया। जबकि कंवरपाल और उसके बेटे मोनू को हत्या में आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अर्थदंड नहीं देने पर छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। धारा 201 में पांच-पांच साल की सजा सुनाई गई है।
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