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पूर्व प्रधान के हत्यारे को आजीवन कारावास, चुनाव की रंजिश में की गई थी हत्या
Wed, 19 Jun 2019 12:54 AM IST
Deepak Kausik
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Published by: Deepak Kausik
Updated Wed, 19 Jun 2019 12:54 AM IST
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Decision of court
- फोटो : amar ujala
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तितावी में पूर्व प्रधान की हत्या के मामले में एडीजे प्रथम ने एक आरोपी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। हत्या के आरोपी पति-पत्नी को सुबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है, जबकि दो अन्य आरोपियों की सुनवाई के दौरान ही मौत हो चुकी है।
तितावी के पूर्व ग्राम प्रधान राजकुमार की पंचायत चुनाव की रंजिश में 19 दिसंबर 2011 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
पूर्व प्रधान की पत्नी मुकेश देवी ने पांच लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिनमें अनुज उर्फ गांजा, मदनपाल व उसकी पत्नी सुरेश देवी, हंसबीर व जॉनी उर्फ अजयप्रताप शामिल थे। पुलिस ने जांच के बाद इन्हीं पांचों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पेश की थी। सेशन सुपुर्द होने के बाद मुकदमे की सुनवाई एडीजे प्रथम वीर नायक सिंह की कोर्ट में हुई। अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता जितेंद्र कुमार त्यागी व आशीष कुमार त्यागी ने पैरवी की।
मुकदमे में पूर्व प्रधान की पत्नी मुकेश देवी व उसकी बेटी के बयान गवाह के रूप में दर्ज कराए गए थे। मुकदमे की सुनवाई के दौरान ही दो आरोपियों जॉनी उर्फ अजयप्रताप और हंसबीर की मौत हो गई थी। बाकी के तीन आरोपियों में से मदनपाल व उसकी पत्नी सुरेश देवी को न्यायाधीश ने सुबूतों के अभाव में बरी कर दिया। वहीं, लखनऊ जेल में बंद अनुज उर्फ गांजा को दोषी करार देते हुए उम्रकैद के साथ ही 50 हजार रुपये जुुर्माने की भी सजा सुनाई है।
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पिस्टल गुम होने पर शस्त्र अधिनियम में बरी
मुजफ्फरनगर। तितावी में पूर्व प्रधान राजकुमार की हत्या के आरोपी अनुज उर्फ गांजा से पुलिस ने आला-ए-कत्ल के रूप में 9 एमएम की पिस्टल बरामद की थी। उक्त पिस्टल तितावी थाने के मालखाने से संदिग्ध हालात में गुम हो गई थी, जिसमें मोहर्रिर के खिलाफ भी मुकदमा पंजीकृत किया गया था। सुनवाई के दौरान उक्त मोहर्रिर की भी मौत हो गई थी। माल मुकदमाती पिस्टल गुम होने के चलते हत्या में दोषी करार दिए गए अनुज उर्फ गांजा को शस्त्र अधिनियम में सजा नहीं दी जा सकी।
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तितावी के पूर्व ग्राम प्रधान राजकुमार की पंचायत चुनाव की रंजिश में 19 दिसंबर 2011 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
पूर्व प्रधान की पत्नी मुकेश देवी ने पांच लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिनमें अनुज उर्फ गांजा, मदनपाल व उसकी पत्नी सुरेश देवी, हंसबीर व जॉनी उर्फ अजयप्रताप शामिल थे। पुलिस ने जांच के बाद इन्हीं पांचों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पेश की थी। सेशन सुपुर्द होने के बाद मुकदमे की सुनवाई एडीजे प्रथम वीर नायक सिंह की कोर्ट में हुई। अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता जितेंद्र कुमार त्यागी व आशीष कुमार त्यागी ने पैरवी की।
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मुकदमे में पूर्व प्रधान की पत्नी मुकेश देवी व उसकी बेटी के बयान गवाह के रूप में दर्ज कराए गए थे। मुकदमे की सुनवाई के दौरान ही दो आरोपियों जॉनी उर्फ अजयप्रताप और हंसबीर की मौत हो गई थी। बाकी के तीन आरोपियों में से मदनपाल व उसकी पत्नी सुरेश देवी को न्यायाधीश ने सुबूतों के अभाव में बरी कर दिया। वहीं, लखनऊ जेल में बंद अनुज उर्फ गांजा को दोषी करार देते हुए उम्रकैद के साथ ही 50 हजार रुपये जुुर्माने की भी सजा सुनाई है।
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पिस्टल गुम होने पर शस्त्र अधिनियम में बरी
मुजफ्फरनगर। तितावी में पूर्व प्रधान राजकुमार की हत्या के आरोपी अनुज उर्फ गांजा से पुलिस ने आला-ए-कत्ल के रूप में 9 एमएम की पिस्टल बरामद की थी। उक्त पिस्टल तितावी थाने के मालखाने से संदिग्ध हालात में गुम हो गई थी, जिसमें मोहर्रिर के खिलाफ भी मुकदमा पंजीकृत किया गया था। सुनवाई के दौरान उक्त मोहर्रिर की भी मौत हो गई थी। माल मुकदमाती पिस्टल गुम होने के चलते हत्या में दोषी करार दिए गए अनुज उर्फ गांजा को शस्त्र अधिनियम में सजा नहीं दी जा सकी।